पूर्वी लद्दाख से पूरी तरह और जल्द सैनिकों के पीछे हटाने पर सहमत हुए भारत और चीन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जुलाई 24, 2020   21:59
पूर्वी लद्दाख से पूरी तरह और जल्द सैनिकों के पीछे हटाने पर सहमत हुए भारत और चीन

दोनों देशों की यह बैठक ऐसे समय हुई जब इस तरह की खबरें आ रही थी कि पीछे हटने की प्रक्रिया आगे की ओर नहीं बढ़ पा रही है, जैसा कि 14 जुलाई की कोर कमांडर स्तर की पिछले दौर की वार्ता के बाद उम्मीद की जा रही थी।

नयी दिल्ली। भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख के संघर्ष वाले क्षेत्र से ‘‘पूरी तरह और जल्द’’ सैनिक पीछे हटने पर सहमति व्यक्त की। दोनों देशों ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों के सम्पूर्ण विकास के लिये पूर्ण रूप से शांति बहाली जरूरी है। दोनों देशों ने सीमा के मामलों पर विचार विमर्श एवं समन्वय के कार्यकारी ढांचे के तहत आज आनलाइन माध्यम से हुई ताजा राजनयिक वार्ता के दौरान क्षेत्र की स्थिति की समीक्षा की। दोनों देशों की यह बैठक ऐसे समय हुई जब इस तरह की खबरें आ रही थी कि पीछे हटने की प्रक्रिया आगे की ओर नहीं बढ़ पा रही है, जैसा कि 14 जुलाई की कोर कमांडर स्तर की पिछले दौर की वार्ता के बाद उम्मीद की जा रही थी।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि शुक्रवार की बैठक के बाद दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि त्वरित ढंग से पूरी तरह से पीछे हटने की प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिये आगे के कदम तय करने के वास्ते वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की एक और बैठक हो सकती है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘‘ इन्होंने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि द्विपक्षीय समझौते और प्रोटोकाल के अनुरूप वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सैनिकों का पूरी तरह से पीछे हटना और भारत चीन सीमा पर तनाव समाप्त करना तथा शांति स्थापित करना द्विपक्षीय संबंधों का सम्पूर्ण विकास सुनिश्चित करने के लिये आवश्यक है। ’’ विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने कहा कि यह पांच जुलाई को दो विशेष प्रतिनिधियों के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान बनी सहमति के अनुरूप है। 

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गौरतलब है कि पांच जुलाई को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने टेलीफोन पर करीब दो घंटे तक पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिये चर्चा की थी। दोनों पक्षों ने इस वार्ता के बाद छह जुलाई के बाद पीछे हटने की प्रक्रिया शुरू की थी। बहरहाल, विदेश मंत्रालय ने कहा कि शुक्रवार की बातचीत में दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि अब तक वरिष्ठ कमांडरों की बैठक में बनी सहमति को गंभीरता से लागू किया जाए।





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