वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में कहा- भारत की निवेश ग्रेड रेटिंग घटने के आसार नहीं

Sitharaman
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में बुधवार को कहा कि सीमा शुल्क ढांचे को तर्कसंगत बनाया जायेगा ताकि घरेलू कारोबारियों को, खासतौर से एमएसएमई श्रेणी के उद्यमों को सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही कर आधार को भी व्यापक बनाया जाएगा।

नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में बुधवार को कहा कि सीमा शुल्क ढांचे को तर्कसंगत बनाया जायेगा ताकि घरेलू कारोबारियों को, खासतौर से एमएसएमई श्रेणी के उद्यमों को सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही कर आधार को भी व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की एक निवेश ग्रेड रेटिंग है और अच्छे निवेश के चलते उन्हें नहीं लगता कि यह घटेगी। सीतारमण ने वित्त विधेयक 2021 में राज्यसभा में हुई चर्चा का उत्तर देते हुये बुधवार को कहा कि कर व्यवस्था में कुछ बदलाव किए गए हैं जिनका मकसद कारोबार करने की सुगमता को बढ़ाना है।

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उनके जवाब के बाद राज्यसभा ने वित्त विधेयक 2021-22 को ध्वनिमत से लोकसभा को लौटा दिया। इसे लोकसभा पहले ही पारित कर चुकी है। इसी के साथ संसद में आम बजट 2021-22 को पारित करने की प्रक्रिया पूरी हो गयी। उन्होंने कहा कि सीमा शुल्क ढांचे को तर्कसंगत बनाया जायेगा ताकि घरेलू कारोबारियों को, खासतौर से एमएसएमई श्रेणी के उद्यमों को सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए उठाए गए कदमों का ही नतीजा है कि कोरोना संकट के दौरान आर्थिक मोर्चे पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 80 करोड़ लोगों को आठ माह तक मुफ्त राशन दिया गया। उन्होंने कहा, ‘‘यह बड़ी बात है।’’

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वित्त मंत्री ने कहा कि गैर निष्पादित आस्तियां घट कर मार्च 2020 में 8.99 लाख करोड़ रुपये रह गईं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के शासनकाल में अर्थव्यवस्था का समुचित तरीके से प्रबंधन नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि 2014 से 2019 के दौरान सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 7.5 फीसदी थी जो 2009 से 2014 के दौरान 6.7 फीसदी थी। वित्त मंत्री ने पश्चिम बंगाल को अपेक्षित मदद न दिए जाने का आरोप भी खारिज कर दिया। चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों द्वारा केंद्र सरकार पर लगाये गये आरोपों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के लोगों को केंद्र की स्वास्थ्य योजना का लाभ नहीं लेने दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार के कारण राज्य के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिल पाया।

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