भारत चीतों को वापस लाकर पारिस्थितिक गड़बड़ी को दूर कर रहा: भूपेंद्र यादव

Bhupendra Yadav
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने जन्मदिन पर मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाए जा रहे आठ चीतों को छोड़ने वाले हैं। इनमें से पांच मादा और तीन नर चीते हैं।
नयी दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को कहा कि अत्यधिक शिकार के कारण देश में विलुप्त हो चुके चीते को वापस लाकर भारत पारिस्थितिक गड़बड़ी को दूर कर रहा है। मंत्री ने 28वें ओजोन दिवस के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रशीतन उद्देश्यों के लिए ऊर्जा के सावधानीपूर्वक उपयोग पर भी जोर दिया। यादव ने कहा, ‘‘भारत उन देशों में से है जो पारिस्थितिकीय गलतियों को दूर करने में विश्वास करता है। गलती सुधारी जानी चाहिए। अत्यधिक शिकार के कारण भारत में चीते विलुप्त हो गए। हमने चीतों को वापस लाने का फैसला किया। इस पारिस्थितिकीय गलती को ठीक किया जा रहा है।’’ 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने जन्मदिन पर मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाए जा रहे आठ चीतों को छोड़ने वाले हैं। इनमें से पांच मादा और तीन नर चीते हैं। शिकार किए जाने, रिहाइश खत्म होने से चीता भारत से पूरी तरह से विलुप्त हो गया था। सरकार ने 1952 में इस जानवर को विलुप्त घोषित कर दिया। यादव ने यह भी कहा कि विकसित देश, जहां दुनिया की 17 प्रतिशत आबादी है, वैश्विक कार्बन उत्सर्जन के 60 प्रतिशत हिस्से के लिए जिम्मेदार है। 

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भूपेंद्र यादव ने कहा कि भारत दुनिया की 17 प्रतिशत आबादी का निवास स्थल है और वैश्विक कार्बन उत्सर्जन के केवल 4 प्रतिशत के लिए जिम्मेदार है। यह हमारी टिकाऊ जीवन शैली के कारण है।’’ उन्होंने कहा कि भारत प्रधानमंत्री मोदी के ‘लाइफ’ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) के मंत्र को ध्यान में रखते हुए विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा, जिसके जरिए संसाधनों के सावधानीपूर्वक उपभोग का आह्वान किया गया है।

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