भारत दिसम्बर 2021 तक अंतरिक्ष में मानव को भेजेगा: के सिवन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 21, 2019   19:23
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भारत दिसम्बर 2021 तक अंतरिक्ष में मानव को भेजेगा: के सिवन

इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने कहा कि चन्द्रयान-2 का ऑर्बिटर साढ़े सात वर्षों तक डेटा देगा।

भुवनेश्वर। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के. सिवन ने शनिवार को कहा कि देश दिसंबर 2021 तक मनुष्य को अंतरिक्ष में भेजने के अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि चन्द्रयान-2 के ‘लैंडर’ विक्रम को चंद्रमा की सतह पर ‘‘सॉफ्ट लैंडिंग’’ कराने की इसरो की योजना बेशक पूरी नहीं हो सकी हो लेकिन इसका ‘गगनयान’ मिशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि चन्द्रयान-2 का ऑर्बिटर साढ़े सात वर्षों तक डेटा देगा। उन्होंने कहा कि चंद्रमा मिशन की सभी प्रौद्योगिकियां सॉफ्ट लैंडिंग को छोड़कर सटीक साबित हुई हैं। “क्या यह सफल नहीं है।

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सिवन ने आईआईटी, भुवनेश्वर के आंठवे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि दिसम्बर 2020 तक हमारे पास मानव अंतरिक्ष विमान का पहला मानव रहित मिशन होगा। हमने दूसरे मानव रहित मानव अंतरिक्ष विमान का लक्ष्य जुलाई 2021 तक रखा है। इसरो प्रमुख ने कहा कि दिसम्बर 2021 तक पहला भारतीय हमारे अपने रॉकेट द्वारा ले जाया जाएगा...यह हमारा लक्ष्य है जिस पर इसरो काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए गगनयान मिशन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देश की विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षमता को बढ़ावा देगा। इसलिए, हम एक नए लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।

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सिवन ने छात्रों को सोचा समझा जोखिम उठाने और नवाचार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यदि आप जोखिम नहीं उठा रहे हैं, तो जीवन में कुछ भी महत्वपूर्ण हासिल करने का कोई मौका नही होगा। लेकिन यदि आप सोच समझकर जोखिम उठाते हो तो आप खुद को समस्याग्रस्त क्षेत्रों से बचा सकते है। उन्होंने कहा कि पिछली आधी सदी में हुई प्रगति के बावजूद, गरीबी और भूख, स्वास्थ्य और स्वच्छता और स्वच्छ पेयजल के कई ऐसे मुद्दे जिनका अभी समाधान किया जाना हैं। उन्होंने आईआईटी के छात्रों से उन्हें हल करने में मदद करने के लिए आगे आने का आह्वान किया। सिवन ने कहा कि जैसा कि गांधी जी ने कहा है कि स्थानीय समस्याओं के लिए स्थानीय समाधानों की जरूरत है।





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नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


दावोस संवाद में बोले PM मोदी, भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू किया है

  •  अंकित सिंह
  •  जनवरी 28, 2021   18:03
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दावोस संवाद में बोले PM मोदी, भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू किया है

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब भारत अपने 1.3 बिलियन नागरिकों को हेल्थ केयर तक आसान पहुंच के लिए यूनिक हेल्थ आईडी देने का काम शुरू कर रहा है।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दावोस संवाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत उन देशों में है जो कोरोना से अपने ज्यादा से ज्यादा लोगों की जिंदगी बचाने में सफल रहे और जहां कोविड मामलों की संख्या लगातार घट रही है... भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू किया है। अभी तो 2 मेड इन इंडिया वैक्सीन दुनिया में आई हैं, आने वाले समय में कई और वैक्सीन से बनकर आने वाली हैं। ये वैक्सीन दुनिया के देशों को और ज्यादा बड़े स्तर पर, ज्यादा गति से मदद करने में सहायता करेंगी।

मोदी ने कहा कि 'सर्वे सन्तु निरामयाः' पूरा संसार स्वस्थ रहे। भारत की इस हजारों वर्ष पुरानी प्रार्थना पर चलते हुए संकट के इस समय में भारत ने अपनी वैश्विक जिम्मेदारी को भी शुरू से निभाया है। जब दुनिया के देशों में एयरस्पेस बंद था तब एक लाख से ज्यादा नागरिकों को उनके देश पहुंचाने के साथ ही भारत ने 150 से ज्यादा देशों को जरूरी दवाईयां भी भेजी। आज भारत कोविड की वैक्सीन दुनिया के अनेक देशों में भेजकर वहां पर वैक्सीनेशन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार करके दूसरे देशों के नागरिकों का जीवन भी बचा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब भारत अपने 1.3 बिलियन नागरिकों को हेल्थ केयर तक आसान पहुंच के लिए यूनिक हेल्थ आईडी देने का काम शुरू कर रहा है। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


दिलीप घोष का दावा, वृहद बांग्लादेश बनाना चाहती हैं ममता बनर्जी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 28, 2021   17:50
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दिलीप घोष का दावा, वृहद बांग्लादेश  बनाना चाहती हैं ममता बनर्जी

फेसबुक पोस्ट के साथ दो और तस्वीरें जुड़ी हैं, जिनमें से एक तस्वीर में 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान बांग्लादेशी कलाकार फिरदौस को तृणमूल कांग्रेस के लिये प्रचार करते दिखाया गया है जबकि दूसरी तस्वीर में बांग्लादेशी क्रिकेटर उत्तरी कोलकाता में टीएमसी विधायक द्वारा आयोजित दुर्गा पूजा का उद्घाटन करते दिखाई दे रहे हैं।

कोलकाता। भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने बृहस्पतिवार को एक फेसबुक पोस्ट के जरिये मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि वह अपनी जनसभाओं में जय बांग्ला के नारे लगाकर वृहद बांग्लादेश के निर्माण का प्रयास कर रही हैं। घोष ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्टर साझा किया, जिसमें बनर्जी कीएक तस्वीर दिख रही है, जिसके साथ लिखा है एक सम्मानित व्यक्ति जय बांग्ला के नारे लगा रहा है, जो इस्लामी देश बांग्लादेश का राष्ट्रीय नारा है। पोस्ट में लिखा है, वह वृहद बांग्लादेश के निर्माण के उद्देश्य के साथ लड़ाई लड़ रही हैं।

फेसबुक पोस्ट के साथ दो और तस्वीरें जुड़ी हैं, जिनमें से एक तस्वीर में 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान बांग्लादेशी कलाकार फिरदौस को तृणमूल कांग्रेस के लिये प्रचार करते दिखाया गया है जबकि दूसरी तस्वीर में बांग्लादेशी क्रिकेटर उत्तरी कोलकाता में टीएमसी विधायक द्वारा आयोजित दुर्गा पूजा का उद्घाटन करते दिखाई दे रहे हैं। टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने घोष की फेसबुक पोस्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इससे फिजूल की बात करार दिया। रॉय ने कहा, यह निंदनीय है कि भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की अपनी राजनीति बंगाल में भी आजमाने का प्रयास कर रही हैं। टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, घोष यह भूल गए हैं कि भाजपा ने टीएमसी के सदस्यों को अपने पाले में ले जाकर अपने नेताओं की संख्या बढ़ाई है, जोकि उसके दिवालियेपन को दर्शाता है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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इंडिया टुडे ने एंकर राजदीप सरदेसाई को 2 हफ्ते के लिए किया ऑफ एयर, कटेगी एक महीने की सैलरी

  •  अभिनय आकाश
  •  जनवरी 28, 2021   17:47
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इंडिया टुडे ने एंकर राजदीप सरदेसाई को 2 हफ्ते के लिए किया ऑफ एयर, कटेगी एक महीने की सैलरी

इंडिया टुडे ग्रुप के प्रबंधन ने सारे मामले पर बड़ा एक्शन लिया है। वायर की खबर के अनुसार इंडिया टुडे ने सीनियर एंकर और कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई को दो हफ्ते के लिए ऑफ एयर कर दिया है। इसके साथ ही उनके एक महीने की सैलरी काटे जाने की भी खबर है।

बहुत पुरानी कहावत है तोल, मोल के बोल। इंसान के कहे गए प्रत्येक बोल का मोल होता है। अत: व्यय तोलकर ही करना सही रहता है। बोल सस्ते भी होते हैं और महंगे भी, लेकिन नि:शुल्क तो कतई नहीं होते हैं। पत्रकारिता जगत में एक नाम है राजदीप सरदेसाई का, जिनके पत्रकारिता अनुभव को करीब चार दशक का बताया जाता है। लेकिन पत्रकारिता का मूल सिद्धांत होता है कि किसी भी सूत्र के हवाले से कोई खबर आए और खबर बेहद ही संवेदनशील भी हो तो ऐसी स्थिति में उसे जांचे-परखें बगैर चलाना गैर-जिम्मेदाराना पत्रकारिता कहलाता है। पत्रकारिता में फैक्ट को क्रास चेक करना एक पत्रकार के पेश का अहम हिस्सा है। लेकिन चार दशक के अनुभव वाले पत्रकार ने गणतंत्र दिवस वाले दिन तिरंगे में लिपटी मृतक की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए उसकी मौत पुलिस की गोली से होना बताया था। लेकिन उसकी हकीकत कुछ और ही थी। उस व्यक्ति की ट्रैक्टर पलटने की वजह से मौत हुई थी। अब जो ताजा खबर सामने आई है कि इंडिया टुडे ग्रुप के प्रबंधन ने सारे मामले पर बड़ा एक्शन लिया है। वायर की खबर के अनुसार इंडिया टुडे ने सीनियर एंकर और कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई को दो हफ्ते के लिए ऑफ एयर कर दिया है। इसके साथ ही उनके एक महीने की सैलरी काटे जाने की भी खबर है। प्रबंधन की ओर से राजदीप सरदेसाई के ट्वीट्स को ग्रुप की सोशल मीडिया पाॅलिसी से अलग माना है। इसलिए अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। 

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गौरतलब है कि इंडिया टुडे के पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने किसान के पुलिस की गोली से मारे जाने की खबर फैला दी। राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी लाख की तस्वीर अपने ट्वीटर से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है। राजदीप ने ट्वीटर पर लिखा, पुलिस फायरिंग में आईटीओ पर 45 साल के नवनीत की मौत हो गई है। किसानों ने मुझे बताया कि उसका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। हालांकि इस खबर को दिल्ली पुलिस ने झूठा साबित कर दिया और एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें यह साफ नजर आ रहा है कि ट्रैक्टर चालक की मौत पुलिस की गोली से नहीं बल्कि ट्रैक्टर पलटने की वजह से हुई थी। मौत के बाद कराए गए पोस्टमार्टम में भी इस बात का खुलासा हुआ कि उसकी मौक दुर्घटना थी। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


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