मध्य प्रदेश में अतिवृष्टि से निपटने बचाव एवं उपचार की व्यवस्थाएँ करने के निर्देश

मध्य प्रदेश में अतिवृष्टि से निपटने बचाव एवं उपचार की व्यवस्थाएँ करने के निर्देश

बाढ़ उन्मुख क्षेत्रों में राहत शिविरों के लिये स्थान चिन्हित कर लिये जायें तथा वहाँ बाढ़ राहत की सारी व्यवस्थाएँ हो। यदि कोई कॉरेन्टाइन शिविर बाढ़ संभावित क्षेत्र में हो, तो सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट करें। ऐसे क्षेत्रों में राहत शिविरों को लगाते समय शारीरिक दूरी एवं कोविड की दृष्टि से सभी आवश्यक सावधानियाँ रखी जायें।

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए है कि प्रदेश के हर जिले में अतिवृष्टि एवं बाढ़ से निपटने के लिये हर आवश्यक इंतजाम तुरंत कर लिये जायें। जिला आपदा प्रबंधन समितियों की बैठकें आयोजित कर जिलावार पुख्ता आपदा प्रबंधन योजना बना ली जाये। वर्षा जनित बीमारियों से बचाव एवं इलाज की सारी व्यवस्थाएँ कर ली जायें। वर्तमान समय में कोविड का संकट होने के कारण विशेष सावधानी एवं सतर्कता रखे जाने की आवश्यता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलों में आपदा संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हांकित कर वहाँ सभी सुरक्षात्मक उपाय कर लिये जायें। जिले के बड़े बाँधों का सुदृढीकरण सुनिश्चित किया जाये। बाढ़ उन्मुख क्षेत्रों में स्थित जलाशयों एवं जल निकास नालियों की सफाई, तालाबों, नालों, बाँधों का निरीक्षण कर बाढ़ के पानी के निकास की व्यवस्था सुदृढ़ की जाये।

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बाढ़ से बचाव के लिये आवश्यक सामग्री एवं उपकरण जैसे मोटर बोट, लाईफ जैकेट, रस्सियों आदि की व्यवस्था हो। गोताखोरों का इंतजाम कर लिया जाये। खोज एवं बचाव दलों का प्रशिक्षण पूर्ण करायें। प्रत्येक जिले में बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष गठित किया जाये, जो कि 24 घंटे कार्यरत रहे तथा वहाँ बाढ़ से बचाव एवं राहत संबंधी पूरी जानकारी हो एवं सहायता के लिये कॉल आने पर तुरंत दल रवाना किया जाये।

बाढ़ उन्मुख क्षेत्रों में राहत शिविरों के लिये स्थान चिन्हित कर लिये जायें तथा वहाँ बाढ़ राहत की सारी व्यवस्थाएँ हो। यदि कोई कॉरेन्टाइन शिविर बाढ़ संभावित क्षेत्र में हो, तो सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट करें। ऐसे क्षेत्रों में राहत शिविरों को लगाते समय शारीरिक दूरी एवं कोविड की दृष्टि से सभी आवश्यक सावधानियाँ रखी जायें। वर्षा जनित बीमारियों जैसे हैजा, मलेरिया, डायरिया, डेंगू आदि से बचाव एवं उपचार के सारे इंतजाम कर लिये जायें। निरंतर साफ-सफाई एवं संक्रमण न हो, ऐसा वातावरण बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाये।





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