UP में बाढ़: 24 घंटे के अंदर राहत सामग्री और मुआवजा राशि उपलब्ध कराने का निर्देश

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 20, 2019   17:17
UP में बाढ़: 24 घंटे के अंदर राहत सामग्री और मुआवजा राशि उपलब्ध कराने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने हेलीकाप्टर से प्रयागराज के बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया।इस बीच, कैंट हाईस्कूल में मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व दो-ढाई घंटे से बाढ़ पीड़ित लोग मुख्यमंत्री की प्रतीक्षा में खुले आसमान के नीचे बैठे थे।

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को यहां कहा कि पूरी बरसात में प्रदेश में कहीं भी बाढ़ की समस्या नहीं थी, फिर भी सरकार ने बाढ़ से बचाव के सभी उपाय कर लिए थे। मौजूदा बाढ़ में जनहानि या धनहानि की स्थिति में चौबीस घंटे के अंदर राहत सामग्री और मुआवजा राशि पीड़ित परिवारों तक पहुंचाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।उन्होंने कहा, “इसलिए आज मैं वाराणसी, गाजीपुर और प्रयागराज के जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण करने स्वयं निकला हूं। मैंने यहां बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की और उन्हें राहत सामग्री वितरित की। मुझे लगता है कि आज शाम से जलस्तर में कमी आनी शुरू होगी और लोगों को दो-तीन दिनों में राहत मिलेगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “बारिश के अंतिम दिनों में राजस्थान की चंबल नदी और मध्य प्रदेश की बेतवा और केन से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से यमुना नदीं का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इटावा, हमीरपुर औरैया, वाराणसी, गाजीपुर और बलिया के निचले इलाकों में पानी घुसा है। मेरा अनुमान है कि प्रदेश में एक लाख तक की आबादी इससे प्रभावित हुई है।”उन्होंने कहा, “सभी प्रभावित इलाकों में नौकाएं लगाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से निरंतर गश्त लगाने और बाढ़ पीड़ितों को भोजन और पेयजल की व्यवस्था कराने का काम किया जा रहा है।” योगी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के लिए भी चारे की व्यवस्था की जा रही है। दवा आदि की व्यवस्था के लिए निर्देश दिए गए हैं।

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मुख्यमंत्री ने हेलीकाप्टर से प्रयागराज के बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया।इस बीच, कैंट हाईस्कूल में मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व दो-ढाई घंटे से बाढ़ पीड़ित लोग मुख्यमंत्री की प्रतीक्षा में खुले आसमान के नीचे बैठे थे। कड़ी धूप में बैठी एक महिला मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व ही चक्कर खाकर गिर गई जिसे प्राथमिक उपचार देकर छांव में बिठाया गया। सदर बाजार की निवासी रुचि पाल ने मीडिया को बताया कि वह सुबह 10 बजे से ही वहां बैठी थी।उल्लेखनीय है कि प्रयागराज में गंगानगर, नेवादा, मऊ सरैया और दारागंज के तीन मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं। इन मोहल्लों में लगभग नौ हजार मकानों की छतों के ऊपर पानी बह रहा है। बृहस्पतिवार को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का जायजा लिया था।





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