माल्या प्रकरण में PM, वित्त मंत्री और CBI की भूमिका की हो जांच: कांग्रेस

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Sep 15 2018 2:35PM
माल्या प्रकरण में PM, वित्त मंत्री और CBI की भूमिका की हो जांच: कांग्रेस
Image Source: Google

कांग्रेस ने विजय माल्या प्रकरण को लेकर शनिवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर फिर निशाना साधा और कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली और सीबीआई की भूमिका की अदालत की निगरानी में ''स्वतंत्र जांच'' होनी चाहिए।

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने विजय माल्या प्रकरण को लेकर शनिवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर फिर निशाना साधा और कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली और सीबीआई की भूमिका की अदालत की निगरानी में 'स्वतंत्र जांच' होनी चाहिए। पार्टी ने यह भी दावा किया कि मोदी सरकार में चार वर्षों के दौरान 23 घोटालेबाज देश का 54 हजार करोड़ रुपया लेकर विदेश भाग गए।

कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने संवाददाताओं से कहा, 'जिस प्रकार घोटालेबाज भाग रहे हैं। उससे अब लोग कहने लगे हैं कि हमें तो अपने चौकीदार ने लूटा, गैरों में कहां दम था। हमारी किश्ती वहीं डूबी जहां पानी कम था।' उन्होंने आरोप लगाया, 'यह आम आदमी की सरकार नहीं, बल्कि भगोड़ों की सरकार है । भाजपा घोटालेबाजों का चोर दरवाजा बन गयी है।अब जनता पूछ रही है कि इस चोर दरवाजे पर ताला कौन लगाएगा।'

शेरगिल ने कहा, 'प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री की निगरानी में 23 भगोड़े भागे और 54 हजार करोड़ रुपये लूटकर ले गए। प्रधानमंत्री काला धन वापस लाने का वादा करके आये थे, लेकिन काला धन तो आया नहीं, उल्टा देश का पैसा बाहर चला गया।' उन्होंने कहा, 'विजय माल्या मामले की स्वतंत्र जांच हो। प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और सीबीआई की भूमिका की जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही 23 भगोड़ों की जांच होनी चाहिए।'

एक सवाल के जवाब में शेरगिल ने कहा कि 'हम यह स्वतंत्र जांच अदालत की निगरानी में चाहते हैं।' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को संसद में आकर इस मामले पर अपने मन की बात करनी चाहिए। माल्या के दावे के बाद से कांग्रेस इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली पर लगातार निशाना साध रही है। दरअसल, माल्या ने गत बुधवार को कहा कि वह भारत से रवाना होने से पहले वित्त मंत्री से मिला था और बैंकों के साथ मामले का निपटारा करने की पेशकश की थी।

उधर, वित्त मंत्री जेटली ने माल्या के बयान को झूठा करार देते हुए कहा कि उन्होंने 2014 के बाद उसे कभी मिलने का समय नहीं दिया था। जेटली ने कहा कि माल्या राज्यसभा सदस्य के तौर पर हासिल विशेषाधिकार का ‘दुरुपयोग’ करते हुए संसद-भवन के गलियारे में उनके पास आ गया था।



रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप   


Related Story

Related Video