क्या इटली की कोर्ट में है राहुल गांधी का विश्वास ? गौरव भाटिया ने पलटवार करते हुए पूछे तीखे सवाल

Rahul gandhi
प्रतिरूप फोटो
भाजपा नेता गौरव भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी कहते हैं कि भाजपा देश में ऐसा माहौल बना रही है कि वास्तविकता सामने नहीं आ रही है। 5 राज्यों में चुनाव हुए, जनता ने आपको वास्तविकता दिखाई। एक आईना आपके सामने रखा और आपको कांग्रेस व अपनी सूरत बदसूरत लगी। आत्मचिंतन करने की बजाए आपने आईने पर दोष मढ़ दिया।

नयी दिल्ली। भाजपा ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए तीखे सवाल पूछे। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने शनिवार को कहा कि राहुल गांधी को भारत की जनता, प्रधानमंत्री और न्यायपालिका पर विश्वास नहीं है। ऐसे में क्या उन्हें इटली की कोर्ट में विश्वास है ? दरअसल, राहुल गांधी ने एक किताब के विमोचन के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा पर देश की संस्थाओं को नियंत्रित करने का आरोप लगाया था। 

इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी ने कहा- सत्ता के केंद्र में पैदा हुआ, लेकिन मुझे इसमें कोई दिलचस्पी नहीं 

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, भाजपा नेता गौरव भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी कहते हैं कि भाजपा देश में ऐसा माहौल बना रही है कि वास्तविकता सामने नहीं आ रही है। 5 राज्यों में चुनाव हुए और जनता ने आपको वास्तविकता दिखाई। एक आईना आपके सामने रखा और आपको कांग्रेस व अपनी सूरत बदसूरत लगी। आत्मचिंतन करने की बजाए आपने आईने पर दोष मढ़ दिया।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बार-बार कहते हैं कि संवैधानिक संस्थाओं को खंडित किया जा रहा है। राहुल गांधी ​इतिहास पढ़िएगा, आज़ाद भारत के इतिहास में काला अध्याय आपातकाल है। आपका विश्वास भारत की जनता, प्रधानमंत्री, न्यायपालिका पर नहीं है। आपका विश्वास किस में है, क्या इटली की कोर्ट में है ?

RSS के हाथ में हैं सभी संस्थाएं

राहुल गांधी ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी और कांग्रेस नेता के राजू की पुस्तक 'द दलित ट्रूथ: द बैटल्स फॉर रियलाइजिंग आंबेडकर्स विजन' के विमोचन के मौके पर आरएसएस और भाजपा पर देश की संस्थाओं को नियंत्रित करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि संविधान हिंदुस्तान का हथियार है। मगर संस्थाओं के बिना संविधान का कोई मतलब नहीं है। 

इसे भी पढ़ें: राहुल बाबा जैसे नेता हों तो दुश्मन की जरूरत नहीं, शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस नेताओं पर किए जमकर प्रहार 

उन्होंने कहा था कि हम यहां संविधान लिए घूम रहे हैं, आप और हम कह रहे हैं कि संविधान की रक्षा करनी है। लेकिन संविधान की रक्षा संस्थाओं के जरिये की जाती है। आज सभी संस्थाएं आरएसएस के हाथ में हैं। उन्होंने दावा किया था कि संविधान पर यह आक्रमण उस समय शुरू हुआ था जब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सीने पर तीन गोलियां मारी गईं थीं।

नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़