लोगों की बढ़ती आकांक्षाओं को नौकरी या कृषि संकट का नाम देना गलत: तेजस्वी सूर्या

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Apr 3 2019 8:52AM
लोगों की बढ़ती आकांक्षाओं को नौकरी या कृषि संकट का नाम देना गलत: तेजस्वी सूर्या
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सूर्या ने दावा किया कि मतदाता इस योजना से उत्साहित नहीं है क्योंकि लोगों को राहुल गांधी के वादे में “कुछ भी विश्वसनीय” नहीं लगता है।

बेंगलुरु। भाजपा के युवा नेता तेजस्वी सूर्या ने कहा है कि मोदी सरकार की तरफ से महंगाई एवं भ्रष्टाचार के मुद्दों के सफलतापूर्वक निपटने के बाद लोग अब “मूलभूत अस्तित्व से ज्यादा की आकांक्षा” के सामाजिक-आर्थिक स्तर पर चले गए हैं जो भाजपा के पक्ष में साबित होगी।  बेंगलुरु दक्षिण संसदीय सीट से चुनावी मैदान में उतारे जाने के बाद से सूर्या चर्चा में बने हुए हैं।

भाजपा को जिताए
यहां एक साक्षात्कार में 28 वर्षीय भाजपा उम्मीदवार ने कहा कि शहरी इलाकों में अधिक वेतन वाली नौकरी और ग्रामीण क्षेत्रों में फसल के लिए बेहतर कीमत मिलने की आकांक्षा को अर्थशास्त्रियों समेत मोदी विरोधी ब्रिगेड की तरफ से“गलत तरीके से ‘नौकरी के संकट’ और ‘कृषि संकट’ के तौर पर दिखाया जा रहा है। उन्होंने ‘न्याय’ योजना को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि पार्टी के सामाजिक कल्याण का विचार समृद्धि लाने की बजाए गरीबी को ही नये सिरे से भुनाने का है। 
सूर्या ने दावा किया कि मतदाता इस योजना से उत्साहित नहीं है क्योंकि लोगों को राहुल गांधी के वादे में “कुछ भी विश्वसनीय” नहीं लगता है। पेशे से वकील और भाजपा की युवा शाखा के नेता सूर्या ने कहा कि इन चुनावों में मतदाताओं के बीच मुख्य मुद्दा, “देश को तेज प्रगति की दिशा में ले जाने की मोदी की इच्छा या पिछले पांच दशकों तक रही कांग्रेस की प्रगति विरोधी नीतियों” के बीच विकल्प ढूंढने का है। 
 

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