जयशंकर ने यूएनजीए अध्यक्ष के साथ बैठक में बहुपक्षवाद के प्रति भारत की गहरी प्रतिबद्धता व्यक्त की

Jaishankar
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 77वें सत्र के अध्यक्ष साबा कोरोसी के साथ बैठक के दौरान बहुपक्षवाद के प्रति भारत की गहरी प्रतिबद्धता दोहराई और वैश्विक प्रगति के लिए सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के एजेंडे की ‘‘अहमियत पर चर्चा’’ की।

न्यूयॉर्क। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 77वें सत्र के अध्यक्ष साबा कोरोसी के साथ बैठक के दौरान बहुपक्षवाद के प्रति भारत की गहरी प्रतिबद्धता दोहराई और वैश्विक प्रगति के लिए सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के एजेंडे की ‘‘अहमियत पर चर्चा’’ की। जयशंकर ने सोमवार को ट्वीट किया, ‘‘संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष साबा कोरोसी से मुलाकात कर खुशी हुई। वैश्विक प्रगति के लिए एसडीजी के एजेंडे की ‘‘अहमियत पर चर्चा’’ की।

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इस संबंध में भारत के अनुभव साझा किए। बहुपक्षवाद के प्रति भारत की गहरी प्रतिबद्धता जताई।’’ विदेश मंत्री एस. जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क में हैं। इस उच्च स्तरीय सत्र के इतर वह कई द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय बैठकें कर रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र में सुधार और अंतर-सरकारी वार्ता जैसे मामले मुख्य रूप से संयुक्त राष्ट्र के अध्यक्ष के कार्यालय से संबंधित होते हैं, लेकिन भारत के लिए यह आवश्यक है कि कोरोसी की ऐसे सामाजिक विकास को लेकर प्रतिबद्धता हो, जिसमें भारत और विकासशील देशों के लिए अहम मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाए।

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सूत्रों ने बताया कि भारत का मानना है कि वैश्विक एजेंडे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की वास्तविक आवश्यकताओं पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए और मौजूदा समय में ये जरूरतें ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं, खाद्य सुरक्षा चिंताएं, उर्वरक एवं स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं, कर्ज को लेकर चिंताएं और व्यापार में बाधा संबंधी चिंताएं हैं। सूत्रों ने बताया कि दुनियाभर के कई देशों को ऐसा लगता है कि इन मामलों पर उचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है और उन्हें उम्मीद है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के नए अध्यक्ष इन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

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