जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन से बात की, अफगान संकट पर हुई चर्चा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अगस्त 29, 2021   08:32
जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन से बात की, अफगान संकट पर हुई चर्चा

काबुल हवाईअड्डे के ठीक बाहर हुए बम विस्फोट की कड़ी निंदा करते हुए भारत ने कहा कि इस हमले ने दुनिया द्वारा आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत पर बल दिया।

नयी दिल्ली/वाशिंगटन। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से बात की और अफगानिस्तान के ताजा घटनाक्रम पर चर्चा की। यह बातचीत काबुल हवाई अड्डे के बाहर आत्मघाती बम विस्फोट के दो दिन बाद हुई जिसमें 13 अमेरिकी सैनिक और लगभग 170 अफगान मारे गए। जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन से बात की। अफगानिस्तान पर अपनी चर्चा जारी रखी। साथ ही संयुक्त राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के एजेंडे पर विचारों का आदान-प्रदान किया।’’

काबुल हवाईअड्डे के ठीक बाहर हुए बम विस्फोट की कड़ी निंदा करते हुए भारत ने कहा कि इस हमले ने दुनिया द्वारा आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत पर बल दिया। भारत ने शुक्रवार को कहा कि वह अफगानिस्तान में स्थिति पर सावधानीपूर्वक नजर रखे हुए है और उसका मुख्य जोर उन भारतीयों को वापस लाने पर है जो अभी भी उस देश में हैं। वहीं ब्लिंकन ने बातचीत के बारे में ट्वीट किया, “भारतीय विदेश मंत्री डॉ.एस जयशंकर से आज अफगानिस्तान और संयुक्त राष्ट्र में समन्वय समेत हमारी साझी प्राथकमिकताओं पर चर्चा की....।” 

इसे भी पढ़ें: अफगानिस्तान पर विशेष जी20 बैठक पर जोर दे रहा इटली, मारियो द्राघी ने पीएम मोदी से की चर्चा

दोनों नेताओं के बीच फोन पर हुई बातचीत का विवरण देते हुए अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा: “उन्होंने साझा प्राथमिकताओं के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जिनमें अफगानिस्तान और संयुक्त राष्ट्र में समन्वय जारी रखना भी शामिल है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।