इस यूनिवर्सिटी की नींव के लिए भीख मांगने को भी तैयार थे महात्मा गांधी, आज हुए 100 साल पूरे

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निधि अविनाश । Oct 29, 2020 4:10PM
जामिया के मुंशी प्रेमचंद आर्काइव और साहित्य केंद्र की निदेशक सबिहा जैदी के अनुसार, महात्मा गांधी का 1919 का असहयोग आंदोलन और खिलाफत आंदोलन के साथ उनके सहयोग ने जामिया के गठन को गति दी।

दिल्ली का सेंट्रल यूनिवर्सिटी जामिया मिल्लिया इस्लामिया को आज 100 साल पूरे हो गए है। 29 अक्टूबर 1920 को इस यूनिवर्सिटी की शुरूआत एक छोटे से संस्था के रूप में हुई थी और अब ये एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी के तौर पर उभर चुकी है। बता दें कि इस यूनिवर्सिटी की नीवं पड़ने से लेकर आज  भारतीय विश्वविद्यालयों में शीर्ष स्थान पर रहने तक की कहानी काफी संघर्षों से भरी रही है। जानकारी के मुताबिक, ब्रिटिश शासन के समर्थन से चल रही शैक्षणिक संस्थाओं का बहिष्कार हुआ था और राष्ट्रवादी शिक्षकों और छात्रों के समूह ने मिलकर मुस्लिम विश्वविद्यालय को छोड़ा और  जामिया मिल्लिया इस्लामिया की शुरूआत हुई।

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जामिया के मुंशी प्रेमचंद आर्काइव और साहित्य केंद्र की निदेशक सबिहा जैदी के अनुसार, महात्मा गांधी का 1919 का असहयोग आंदोलन और खिलाफत आंदोलन के साथ उनके सहयोग ने जामिया के गठन को गति दी। जैदी ने कहा, "बहुत से लोगों ने महसूस किया कि गांधीजी ने शिक्षा में असहयोग का आह्वान किया है और तभी माओ (MAO) कॉलेज के छात्रों ने खिलाफत आंदोलन के मोहम्मद अली जौहर से गांधीजी को बातचीत के लिए आमंत्रित करने का अनुरोध किया था।" जिसके बाद गांधी 12 अक्टूबर, 1920 को अलीगढ़ पहुंचे और जलियांवाला बाग नरसंहार और रोवद अधिनियम के खिलाफ बोले। जैदी ने कहा, "इसने एमएओ छात्रों को ब्रिटिश अनुदान को स्वीकार करने से रोकने के लिए अपने कॉलेज की मांग की।" “जामिया के चार संस्थापक - मोहम्मद अली जौहर, हकीम अजमल खान, ए एम ख्वाजा और एम ए अंसारी ने कॉलेज प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर ब्रिटिश फंड बंद नहीं हुए, तो वे एक नया संस्थान बनाएंगे। भारत के राष्ट्रपति जाकिर हुसैन ने भी विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

कब हुई जामिया के पहले सत्र की शुरूआत?

जामिया के चार संस्थापक की चेतावनी के बाद कॉलेज प्रशासन ने मांग को रद्द कर दिया, और जामिया का पहला सत्र अलीगढ़ की जामा मस्जिद में आयोजित किया गया, जिसकी शुरुआत 29 अक्टूबर को मौलाना महमूदुल हसन ने एक भाषण के साथ की। जैदी ने बताया, "31 अक्टूबर तक, छात्रों ने एमएओ कॉलेज में छात्रावासों को बंद करना शुरू कर दिया था।जामिया के पीआरओ, अहमद अज़ीम ने कहा कि 1925 में नई दिल्ली में करोल बाग में स्थानांतरित होने से पहले अस्थायी कक्षाएं कुछ और सालों तक जारी रहीं थी।

आर्काइव नोट्स के अनुसार, "जामिया समुदाय को खिलाफत और असहयोग आंदोलनों के सुस्त पड़ने से थोड़ा तो झटका लगा ही था। लेकिन गांधीजी ने कहा कि चाहे कितना भी मुश्किल हो, जामिया को किसी भी कीमत पर रोका नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा,, अगर मुझे जामिया के लिए भीख भी मांगनी है, तो मैं भीख मांगूंगा। उनकी मदद से जमनालाल बजाज, घनश्याम दास बिड़ला और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक पंडित मदन मोहन मालवीय जैसे उद्योगपतियों ने जामिया की आर्थिक मदद भी की। ” 

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इस समय जामिया में 9 फैक्लटीस, 43 डिपार्टमेंट और उच्च शिक्षा और अनुसंधान के 27 केंद्र हैं, जिसमें 270 से अधिक कोर्सेज पढ़ाए जाते हैं। बता दें कि जल्द ही यूनिवर्सिटी 4 और नए डिपार्टेमेंट खोलेने जा रहा  है जिसमें डिजाइन इनोवेशन, होटल मैनेजमेंट, विदेशी भाषाओं और पर्यावरण विज्ञान शामिल है। एक बयान में, जामिया ने दावा किया कि यह देश का एकमात्र विश्वविद्यालय है जो भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना के कर्मियों और अधिकारियों के लिए शिक्षा के अधिक अवसर प्रदान करता है। 2010 में स्थापित आवासीय कोचिंग अकादमी ने 230 से अधिक सफल उम्मीदवारों के साथ यूपीएससी सिविल सेवाओं में महिलाओं, अल्पसंख्यकों और एससी / एसटी उम्मीदवारों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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