झारखंड की रिजॉर्ट पॉलिटिक्स खत्म, पिकनिक मनाकर रांची पहुंचे हेमंत सोरेन समेत तमाम विधायक, अविनाथ पांडे बोले- एकजुट है गठबंधन

JMM Hemant Soren
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महागठबंधन के सभी 45 विधायकों के साथ मुख्यमंत्री आवास पर हेमंत सोरेन ने बैठक की। इस बैठक में कांग्रेस के राज्य प्रभारी अविनाथ पांडे भी उपस्थित रहे। इसी बीच अविनाश पांडेय ने कहा कि झारखंड में सरकार को तोड़ने की कोशिश की जा रही है लेकिन गठबंधन एकजुट है।

रांची। झारखंड में जारी सियासी उठापटक के बीच रिजॉर्ट पॉलिटिक्स की जमकर चर्चा हो रही है। खनन पट्टा मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच महागठबंधन विधायकों ने पिकनिक मनाई। दरअसल, हेमंत सोरेन ने महागठबंधन के विधायकों के साथ शनिवार को खूंटी में 3-4 घंटे बिताए। इस दौरान उन्होंने लतरातू बांध के पास नाव की सवारी की और उनके साथ झामुमो और कांग्रेस के कई विधायक साथ रहे।

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मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक

महागठबंधन के सभी 45 विधायकों के साथ मुख्यमंत्री आवास पर हेमंत सोरेन ने बैठक की। इस बैठक में कांग्रेस के राज्य प्रभारी अविनाथ पांडे भी उपस्थित रहे। इसी बीच अविनाश पांडेय ने कहा कि झारखंड में सरकार को तोड़ने की कोशिश की जा रही है लेकिन गठबंधन एकजुट है और सरकार को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि गैर-भाजपा शासित राज्यों की सरकारों को आतंकित कर देश में अघोषित आपातकाल की स्थिति बनाई जा रही है जो देश के लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है।

विधायकों के फोन कराए थे बंद

रिजॉर्ट पॉलिटिक्स की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री ने तमाम विधायकों के मोबाइल फोन बंद करा दिए थे और इस बात की भी कोई जानकारी नहीं थी कि विधायकों को कितने दिनों तक रिजॉर्ट में रखा जाएगा और खूंटी के बाद किस रिजॉर्ट में शिफ्ट किया जाएगा। हालांकि तमाम विधायकों को वापस रांची लाया गया है, जहां पर मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

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गौरतलब है कि 81 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के 45 विधायक हैं। सबसे बड़ी पार्टी के रूप में झामुमो के 30, कांग्रेस के 18 और राजद का एक विधायक हैं। जबकि भाजपा के पास 26 विधायक हैं। ऐसे में महागठबंधन को डर है कि भाजपा उनके विधायकों को अपने पाले में करने की कोशिश करेगी। क्योंकि कुछ वक्त पहले झारखंड कांग्रेस के तीन विधायक हावड़ा में भारी मात्रा में नगदी के साथ पकड़े गए थे। जिसके तत्काल बाद पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया था। इस दौरान ऑपरेशन लोटस की बात निकलकर सामने आई थी।

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