पत्रकार को एक्टिविस्ट नहीं, फैक्टविस्ट होना चाहिए : प्रो. केजी सुरेश

Prof. KG Suresh
दिनेश शुक्ल । Oct 26, 2020 9:13PM
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि आज हम सूचनाओं की अधिकता के दौर से गुजर रहे हैं। हमारे आसपास सूचना का प्रलय है। ऐसे में पत्रकारों के लिए आवश्यक है कि वे सत्यपरक और साक्ष्य आधारित पत्रकारिता करें।

भोपाल। समाज की तरह आज मीडिया भी संक्रमण काल से गुजर रहा है। इसके साथ ही दुनिया में फेक कंटेंट के खिलाफ एक युद्ध चल रहा है, हमें प्रयास करना है कि इस युद्ध में सत्य की जीत हो। इसके लिए एक पत्रकार को एक्टिविस्ट नहीं, फैक्टिविस्ट बनना चाहिए। पत्रकारिता के क्षेत्र में रचनात्मकता और नवाचार का बहुत महत्व है। यह विचार माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के तीन दिवसीय सत्रारंभ-2020 के उद्घाटन सत्र में कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने व्यक्त किए। वहीं, मुख्य अतिथि स्वामी धर्मबंधु ने विद्यार्थियों से कहा कि सोचने और सीखने की प्रक्रिया जीवन भर चलती रहनी चाहिए। सपने देखें और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें। यह बातें हमें आगे ले जाती हैं।

 

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सत्रारंभ के मुख्य अतिथि एवं श्री वैदिक मिशन ट्रस्ट, राजकोट के संस्थापक स्वामी धर्मबंधु ने ‘युवा शक्ति और भारत का भविष्य’ विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यदि हम कुछ बातों का अपने जीवन में पालन करेंगे तो न केवल व्यक्तिगत स्तर पर उन्नत होंगे बल्कि हमारा देश भी उन्नति करेगा। स्वामी धर्मबंधु ने कहा कि हमें अपने संविधान के प्रति आदर का भाव रखना चाहिए। संविधान को जीवन में सर्वोच्च स्थान पर रखना चाहिए। हमें अपने राष्ट्र से प्रेम करना चाहिए। हमें अपने राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रीय चिह्नों एवं राष्ट्रीय संस्कृति के प्रति सम्मान करना चाहिए। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि आज हम सूचनाओं की अधिकता के दौर से गुजर रहे हैं। हमारे आसपास सूचना का प्रलय है। ऐसे में पत्रकारों के लिए आवश्यक है कि वे सत्यपरक और साक्ष्य आधारित पत्रकारिता करें। उद्घाटन सत्र का संचालन पत्रकारिता विभाग की अध्यक्ष डॉ. राखी तिवारी ने किया।

 

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फेक कंटेंट को रोकना सबसे बड़ी चुनौती :

‘नये दौर की पत्रकारिता की चुनौतियां’ विषय पर टाइम्स नेटवर्क समूह संपादक (राजनीति) श्रीमती नविका कुमार ने कहा कि फेक न्यूज के जमाने में पत्रकारों को सतर्क रहना बहुत जरूरी है। पत्रकारों को प्रमाणित और पुष्ट खबरें ही अपने दर्शकों एवं पाठकों तक पहुंचानी चाहिए, सुनी-सुनाई बातों को नहीं। उन्होंने कहा कि अपनी और अपने संस्थान की विश्वसनीयता के लिए फेक कंटेंट को रोकना आज की सबसे बड़ी चुनौती है। सत्र का संचालन विज्ञापन एवं जनसंपर्क विभाग के अध्यक्ष प्रो. पवित्र श्रीवास्तव ने किया।

डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण ‘5-सी’:

‘मीडिया स्वरोजगार’ पर टीवी-9 नेटवर्क के संपादक एवं बिजनेस प्रमुख  राकेश खर ने कहा कि कान्टेक्स्ट, कंज्यूमर, कंटेंट, कम्युनिटी और कॉमर्स, डिजिटल मीडिया के प्रमुख ‘5-सी’ हैं। डिजिटल ने मीडिया व्यवसाय को बदल दिया है। डिजिटल मीडिया पर आप एक ही समय में आप कंज्यूमर भी हैं और प्रमोटर भी। डिजिटल मीडिया के डेटा अधिक विश्वसनीय हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल मीडिया में आने आइडिया को फंडिंग की समस्या नहीं है। मीडिया की ग्रोथ देश की जीडीपी ग्रोथ से ज्यादा है। सत्र का संचालन मीडिया प्रबंधन विभाग के अध्यक्ष एवं कुलसचिव प्रो. अविनाश वाजपेयी ने किया।

कोरोना काल में डिजिटल मीडिया को मिली दिशा :

न्योज डॉट कॉम के संस्थापक एवं संपादक आलोक वर्मा ने ‘डिजिटल मीडिया : भविष्य और संभावनाएं’ विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि डिजिटल मीडिया ने अपनी उपयोगिता और महत्व कोरोना काल में सबको समझाया। कोरोना काल में डिजिटल मीडिया को भविष्य के लिए एक दिशा मिली है। इसने विज्ञापनदाताओं को भी आकर्षित किया है। मीडिया में आने वाले नवागत पत्रकारों को उन्होंने कहा कि अब सिर्फ समाचार लिखना सीखना ही काफी नहीं है, डिजिटल मीडिया  के सॉफ्टवेयर्स को भी सीख कर आएं। सत्र का संचालन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. पी. शशिकला ने किया।

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सत्रारंभ में आज इन विषयों पर होंगे व्याख्यान :

सत्रारंभ में दूसरे दिन 27 अक्टूबर को सुबह 10:00 बजे ‘पत्रकारिता की लक्ष्मणरेखा’ जैसे सामयिक विषय पर पद्मश्री से अलंकृत वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता, दोपहर 1:00 बजे से ‘न्यू मीडिया : अवसर एवं चुनौतियां’ विषय रिलायंस इंडस्ट्रीज के मीडिया निदेशक एवं अध्यक्ष उमेश उपाध्याय और दोपहर 2:00 बजे ‘टेलीविजन समाचारों के बदलते प्रतिमान’ विषय पर डीडी न्यूज के वरिष्ठ सलाहकार संपादक अशोक श्रीवास्तव विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे। वहीं, ‘कोविड उपरांत व्यवसाय के लिए जनसंपर्क वैक्सीन’ जैसे महत्वपूर्ण एवं सामयिक विषय पर ग्रे मैटर्स कम्युनिकेशन्स के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. नवनीत आनंद अपराह्न 3:30 बजे विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे।

नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

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