भाजपा की प्रत्याशी सूची से नदारद कैलाश विजयवर्गीय, बेटे का चुनावी सियासत में पदार्पण

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Nov 8 2018 3:32PM
भाजपा की प्रत्याशी सूची से नदारद कैलाश विजयवर्गीय, बेटे का चुनावी सियासत में पदार्पण
Image Source: Google

ठाकुर, वर्ष 2013 के पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान इंदौर शहर के क्षेत्र क्रमांक-तीन से चुनी गयी थीं। लेकिन इस बार उन्हें अपनी पुरानी सीट छोड़नी पड़ी है, क्योंकि इंदौर-तीन से विजयवर्गीय के बेटे आकाश को टिकट दिया गया है।

इंदौर। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ भाजपा ने बड़ा फेर-बदल करते हुए अपने राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर जिले से इस बार टिकट नहीं दिया है। लेकिन उनके बेटे आकाश को चुनावी सियासत में उतार दिया गया है। भारी कश्मकश के बाद भाजपा उम्मीदवारों की बृहस्पतिवार को जारी तीसरी सूची में यह तस्वीर सामने आयी है। यह बहुप्रतीक्षित फेहरिस्त चुनावी नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख यानी नौ नवंबर के केवल एक दिन पहले जाहिर की गयी है। 

 
विजवर्गीय के नाम इंदौर जिले की अलग-अलग सीटों से वर्ष 1990 से लगातार छह बार विधानसभा चुनाव जीतने का रिकॉर्ड दर्ज है। वह वर्ष 2008 और वर्ष 2013 के पिछले दो चुनावों के दौरान जिले के डॉ. अम्बेडकर नगर (महू) क्षेत्र से चुनकर विधानसभा पहुंचे थे। बहरहाल, इस बार भाजपा ने महू सीट से विजयवर्गीय के स्थान पर पार्टी की प्रदेश इकाई की उपाध्यक्ष ऊषा ठाकुर पर उम्मीदवारी का भरोसा जताया है। 
 


ठाकुर, वर्ष 2013 के पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान इंदौर शहर के क्षेत्र क्रमांक-तीन से चुनी गयी थीं। लेकिन इस बार उन्हें अपनी पुरानी सीट छोड़नी पड़ी है, क्योंकि इंदौर-तीन से विजयवर्गीय के बेटे आकाश को टिकट दिया गया है। आकाश अपने जीवन का पहला चुनाव लड़ने जा रहे हैं। गौरतलब है कि विजयवर्गीय की परंपरागत सीट इंदौर-दो रही है। इसी क्षेत्र में उनका पैतृक निवास भी है। लेकिन वर्ष 2008 के विधानसभा चुनावों में उन्हें यह सीट छोड़कर उम्मीदवारी के लिये महू क्षेत्र जाना पड़ा था जो उस वक्त कांग्रेस का मजबूत गढ़ हुआ करता था। 
 
वर्ष 2008 में जब विजयवर्गीय ने इंदौर-दो छोड़ी, तो भाजपा ने इस सीट से बतौर उम्मीदवार उनके पुराने साथी रमेश मैंदोला पर भरोसा जताया था। मैंदोला, इंदौर-दो से वर्ष 2008 और 2013 के दो पिछले विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं और भाजपा ने उन्हें इस बार भी इसी सीट से चुनावी मैदान में उतारा है। जिले की राऊ सीट से इस बार वरिष्ठ भाजपा नेता मधु वर्मा को उम्मीदवारी का मौका दिया गया है। इस सीट से प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पिछला विधानसभा चुनाव जीता था। 
 
पटवारी आसन्न विधानसभा चुनावों में इसी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार हैं। वर्ष 2013 के पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस जिले की कुल नौ सीटों में से केवल राऊ सीट जीत सकी थी, जबकि आठ अन्य सीटों पर भाजपा ने कब्जा जमाया था। इस बार भाजपा ने जिले की कुल छह सीटों पर अपने निवर्तमान विधायकों को उम्मीदवारों के रूप में बरकरार रखा है। इनमें इंदौर-दो से रमेश मैंदोला के अलावा देपालपुर से मनोज पटेल, इंदौर-एक से सुदर्शन गुप्ता, इंदौर-चार से मालिनी गौड़, इंदौर-पांच से महेंद्र हार्डिया और सांवेर से राजेश सोनकर शामिल हैं।


 
भाजपा की ताजा सूची में युवा नेता अजीत प्रेमचंद्र बौरासी को पड़ोसी उज्जैन जिले की घट्टिया सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। बौरासी पूर्व लोकसभा सांसद प्रेमचंद्र गुड्डू के पुत्र हैं। गुड्डू अपने पुत्र अजीत समेत दो नवंबर को ही कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए हैं। 
 

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप   


Related Story

Related Video