Kanjhawala Accident Case: आरोपियों पर लगी धारा 302, हत्या का चलेगा मामला

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रितिका कमठान । Jan 17, 2023 6:56PM
दिल्ली के कंझावला में हुए हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए एफआईआर में कई बदलाव किए है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 भी एफआईआर में जोड़ी है। यानी अब आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला चलाया जाएगा।

दिल्ली के कंझावला एक्सीडेंट मामले में दिल्ली पुलिस ने हादसे के 17 दिनों बाद बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर में आईपीसी की धारा 302 जोड़ी है। इसके तहत आरोपियों पर अब हत्या का मामला भी चलाया जाएगा। इससे पहले आरोपियों पर सिर्फ 304 लगी थी।

इस मामले में स्पेशल सीपी जोन 2 लॉ एंड ऑर्डर सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि पुलिस की टीमों ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ धाराओं में बदलाव किया है। आरपियों के खिलाफ अब आईपीसी की धारा 304 की जगह 302 लगाई गई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच आगे जारी है। इस मामले में भौतिक, मौखिक, फौरेंसिक साक्ष्यों को पुलिस एकत्र कर चुकी है।

अदालत ने दी जमानत
इस मामले में आरोपी आशुतोष भारद्वाज को दिल्ली की एक अदालत ने जमानत दे दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुशील बाला डागर ने सोमवार को भारद्वाज की जमानत पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। न्यायाधीश ने मंगलवार को कहा कि आरोपी को 50,000 रुपये के मुचलके पर जमानत दी जाती है। अदालत ने जमानत के लिए जो शर्तें तय की हैं उसके तहत आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेगा, दिल्ली-एनसीआर से बाहर नहीं जाएगा, जरूरत पड़ने पर जांच में शामिल होगा और अपना मोबाइल फोन चालू रखेगा।

न्यायाधीश ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि भारद्वाज की भूमिका अपराध होने के बाद शुरू हुई। सोमवार को, अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि अब एक साजिश के नजरिए से भारद्वाज की गतिविधियों की जांच की जा रही है। हत्या के अपराध में मृत्युदंड या आजीवन कारावास और जुर्माना हो सकता है। सात आरोपियों में से छह पर शुरू में गैर इरादतन हत्या से संबंधित धारा 304 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

इस अपराध में जुर्माने के अलावा आजीवन कारावास या किसी एक अवधि के लिए कारावास का प्रावधान है जिसे 10 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। भारद्वाज की ओर से पेश वकील शिल्पेश चौधरी ने दलील दी कि अपराध के बाद वह मामले में शामिल हुआ और अपराध जमानती है। भारद्वाज की जमानत याचिका पिछले सप्ताह एक मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा खारिज किए जाने के बाद चौधरी ने सत्र अदालत का रूख किया था।

ये है मामला
अंजलि सिंह (20) की स्कूटी को 31 दिसंबर की देर रात को एक कार ने टक्कर मार दी थी, जिसके बाद वह कार में फंस कर सुल्तानपुरी से कंझावला के बीच 12 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक घसीटती चली गई। इस घटना में अंजलि की मौत हो गई थी। पुलिस ने 2 जनवरी को इस मामले में दीपक खन्ना (26), अमित खन्ना (25), कृष्ण (27), मिथुन (26) और मनोज मित्तल को गिरफ्तार किया था। एक अन्य आरोपी अंकुश ने छह जनवरी को आत्मसमर्पण कर दिया और अगले दिन जमानत पर रिहा हो गया। 

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