कोरोना के बाद मंकीपॉक्स ने बढ़ाई सरकार की टेंशन, हवाईअड्डे और बंदरगाह के अधिकारियों को दिया यह निर्देश !

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अनुराग गुप्ता । May 20, 2022 10:47PM
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हवाईअड्डे और बंदरगाह के स्वास्थ्य अधिकारियों को भी सतर्क रहने का निर्देश दिया है। सूत्र ने बताया कि उन्हें निर्देश दिया गया है कि मंकीपॉक्स प्रभावित देशों की यात्रा की हिस्ट्री वाले किसी भी बीमार यात्री को अलग कर दिया जाए।

नयी दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण के बाद एक और वायरस ने टेंशन बढ़ा दी है। जिसको लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र और आईसीएमआर को स्थिति पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया है। दरअसल, यूके समेत कई देशों में मंकीपॉक्स के मामले सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने हवाईअड्डे और बंदरगाह के अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। 

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आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हवाईअड्डे और बंदरगाह के स्वास्थ्य अधिकारियों को भी सतर्क रहने का निर्देश दिया है। सूत्र ने बताया कि उन्हें निर्देश दिया गया है कि मंकीपॉक्स प्रभावित देशों की यात्रा की हिस्ट्री वाले किसी भी बीमार यात्री को अलग कर दिया जाए और नमूने जांच के लिए पुणे में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी की बीएसएल4 सुविधा को भेजे जाएं।

सूत्र ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र और आईसीएमआर को स्थिति पर कड़ी नजर रखने और निगरानी करने का निर्देश दिया। यूके, यूएसए, पुर्तगाल, स्पेन और कुछ अन्य यूरोपीय देशों से मंकीपॉक्स के मामले सामने आए हैं। हालांकि भारत में अभी तक इससे संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है।

ब्रिटेन में मंकीपॉक्स के मामलों में हुई वृद्धि

ब्रिटेन सरकार ने कहा कि मंकीपॉक्स के मामलों की संख्या में वृद्धि के बीच उसने चेचक के ऐसे टीकों की खरीद की कवायद तेज कर दी है जोकि इस संक्रमण के प्रसार की रोकथाम कर सके। मंकीपॉक्स भी चेचक जैसा ही संक्रमण है। ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने कहा कि इंग्लैंड में मंकीपॉक्स के 11 और मामले पाए गए हैं, जिसके बाद देश में इस संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 20 तक पहुंच गई है। 

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कैसे फैलता है मंकीपॉक्स ?

मंकीपॉक्स मानव चेचक के समान एक दुर्लभ वायरल संक्रमण है। यह पहली बार 1958 में शोध के लिए रखे गए बंदरों में पाया गया था। मंकीपॉक्स से संक्रमण का पहला मामला 1970 में दर्ज किया गया था। यह रोग मुख्य रूप से मध्य और पश्चिम अफ्रीका के उष्ण-कटिबंधीय वर्षावन क्षेत्रों में होता है और कभी-कभी अन्य क्षेत्रों में पहुंच जाता है। मंकीपॉक्स का संक्रमण बेहद करीबी संपर्क वाले व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। साथ ही ऐसे व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल कपड़े या चादरों का उपयोग करने से संक्रमण फैल सकता है जोकि मंकीपॉक्स की चपेट में है।

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