केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, डीयू की परीक्षा रद्द कराने की मांग की

Kejriwal
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतिम सेमेस्टर की ऑफलाइन या ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित करने के विश्वविद्यालय अनुदान आयाग के निर्देश के कारण लाखों विद्यार्थियों, अध्यापकों एवं अभिभावकों में बहुत गुस्सा है।
नयी दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) एवं अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं रद्द कराने में दखल देने का अनुरोध किया। प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में केजरीवाल ने कहा कि कोविड-19 जैसी महामारी के दौर में ‘अप्रत्याशित निर्णय’ लेने की जरूरत है। केजरीवाल ने मोदी भे लिखे पत्र को साझा करते हुए ट्वीट किया,‘‘ अपने युवाओं की भलाई के लिए मैं माननीय प्रधानमंत्री से दखल देने और डीयू और अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं रद्द कराने एवं भविष्य को बचाने की अपील करता हूं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतिम सेमेस्टर की ऑफलाइन या ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित करने के विश्वविद्यालय अनुदान आयाग के निर्देश के कारण लाखों विद्यार्थियों, अध्यापकों एवं अभिभावकों में बहुत गुस्सा है। उन्होंने पत्र में लिखा, ‘‘ सभी मानते हैं कि यह निर्णय गलत है और इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।’’ उन्होंने सवाल किया कि जब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान और राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख विश्वविद्यालय अंदरूनी मूल्यांकन के आधार पर अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को डिग्री पहले ही दे चुके हैं तो अन्य विश्वविद्यालय ऐसा क्यों नहीं कर सकते।

इसे भी पढ़ें: कोरोना से निपटने में केंद्र और दिल्ली सरकार के प्रयासों को PM ने सराहा, साफ-सफाई पर दिया जोर

केजरीवाल ने कहा, ‘‘ दुनियाभर में बड़े देशों में प्रमुख विश्वविद्यालय कोरोना वायरस के इस दौर में अंदरूनी मूल्यांकन के आधार पर डिग्रियां दे चुके हैं।’’ दिल्ली और कई राज्यों ने अपने विश्वविद्यालयों को सभी परीक्षाएं रद्द करने और मूल्यांकन के वैकल्पिक माध्यम से डिग्रियां देने का निर्देश जारी किया है।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़