केरल में कोरोना गाइडलाइन्स के साथ पद्मनाभ स्वामी मंदिर भक्तों के लिए खोला गया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अगस्त 26, 2020   15:46
केरल में कोरोना गाइडलाइन्स के साथ पद्मनाभ स्वामी मंदिर भक्तों के लिए खोला गया

मंदिर के सूत्रों ने बताया कि आज सुबह करीब 200 भक्तों ने पूजा अर्चना की। भक्तों के लिए सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए फर्श पर निश्चित दूरी पर निशान बनाए गए थे।

तिरुवनंतपुरम। केरल की राजधानी तिरुनवंतपुरम में स्थित भगवान पद्मनाभ स्वामी मंदिर को सख्त कोविड-19 दिशा-निर्देशों के साथ बुधवार सुबह भक्तों के लिए खोल दिया गया। महामारी के मद्देनजर 21 मार्च से मंदिर में श्रद्धालुओं को अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। मंदिर के सूत्रों ने बताया कि आज सुबह करीब 200 भक्तों ने पूजा अर्चना की। भक्तों के लिए सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए फर्श पर निश्चित दूरी पर निशान बनाए गए थे। कांग्रेस विधायक वी डी सतीशन ने भी मंदिर जाकर भगवान विष्णु की पूजा की। सतीशन ने 24 अगस्त को पिनरायी विजयन सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था। दर्शन के इच्छुक लोगों को एक दिन पहले मंदिर की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग करानी होती है और उसकी एक प्रति और मूल आधार कार्ड के साथ मंदिर जाना होता है। 

इसे भी पढ़ें: कांग्रेस विधायक ने पेश किया केरल सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, जानिए क्या कुछ कहा 

सूत्रों ने बताया कि उत्तरी द्वार पर एक काउंटर स्थापित किया गया है, जहां से श्रद्धालुओं को प्रवेश करना होता है और उन्हें अपना विवरण एक रजिस्टर में दर्ज करना होता है। तीर्थयात्रियों को उनके आधार कार्ड के सत्यापन के बाद स्पॉट बुकिंग के माध्यम से प्रवेश करने की अनुमति दी जाती है। एक बार में केवल 35 श्रद्धालुओं और एक दिन में अधिकतम 665 श्रद्धालुओं को ही मंदिर के अंदर जाने की अनुमति है। हालांकि, 60 वर्ष से अधिक और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का प्रवेश वर्जित किया गया है। दर्शन का समय सुबह आठ बजे से 11 बजे तक और शाम पांच बजे से 6.45 बजे तक निर्धारित किया गया है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।