उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरें: केशव मौर्य बोले- कार्य को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किया जाय

उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरें: केशव मौर्य बोले- कार्य को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किया जाय

रजिस्ट्री कार्यालय में लोगों के साथ समन्वय स्थापित करें और स्थानीय भाषा में संवाद स्थापित करने का प्रयास करें। इसके साथ ही विभाग में बदलाव लाने का प्रयास भी करें। बैठक में विशेष सचिव एके अवस्थी, अपर महानिरीक्षक निबंधन पीसी श्रीवास्तव सहित सहायक महानिरीक्षक निबंधन उपस्थित थे।

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार लगातार काम कर रही है। सरकार द्वारा आज भी कई बड़े निर्णय लिए गए। आइए पढ़ते हैं उत्तर प्रदेश की दिनभर की आज की बड़ी खबर।

स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन मंत्री ने की नवनियुक्त सब रजिस्ट्रार के साथ बैठक

उत्तर प्रदेश के स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने आज यहां तिलक हाल में नवनियुक्त सब रजिस्ट्रार के साथ बैठक की। बैठक में जायसवाल ने नवनियुक्त सब रजिस्ट्रारों को कहा कि सभी बेहतर कार्य करने का संकल्प लें तथा किसी के प्रभाव में आकर नियम के विरूद्ध कार्य नहीं करेंगे और नवाचार को स्थापित करने का प्रयास करेंगे। साथ ही सरकार की मंशा के अनुरूप ही नियम व नियमावली के अन्तर्गत अपने शासकीय कार्यों को सम्पादित करेंगे।

स्टाम्प एवं रजिस्टेªशन मंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी जीरो करप्शन की नीति, अपनायें और ईमानदारी से अपने कार्य करें। रजिस्ट्री कार्यालय में लोगों के साथ समन्वय स्थापित करें और स्थानीय भाषा में संवाद स्थापित करने का प्रयास करें। इसके साथ ही विभाग में बदलाव लाने का प्रयास भी करें। बैठक में विशेष सचिव एके अवस्थी, अपर महानिरीक्षक निबंधन पीसी श्रीवास्तव सहित सहायक महानिरीक्षक निबंधन उपस्थित थे।

पानी के निकासी की बेहतर से बहेतर व्यवस्था होगी

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री ने कहा कि कानपुर नगर के रमईपुर में स्थापित होने वाले मेगा लेदर फुटवियर एण्ड एक्सेसरी क्लस्टर का शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के करकमलों से तीन महीने में कराया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्लस्टर हेतु सभी आवश्यक औपचारिकताएं आगामी 15 जून तक पूर्ण कर ली जाय। महाना आज विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में मेगा लेदर क्लस्टर की स्थापना से संबंधित कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उद्यमियों की सुविधा के लिए क्लस्टर के अन्तर्गत आने वाली सड़कों को सिंगल लेन की बजाय टू-लेन किया जाय। पानी के निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि क्लस्टर हेतु यूपीसीडा द्वारा भूमि उपलब्ध कराई जा रही है। रमईपुर के पास ग्राम समाज की भूमि को क्लस्टर हेतु लिये जाने के लिए शासनादेश जारी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यूपीसीडा द्वारा क्लस्टर के विकासकर्ता को भूमि 90 वर्ष की लीज पर दी जायेगी।

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महाना ने कहा कि निजी उद्यमियों की सहमति के साथ एमएसएमई विभाग द्वारा क्लस्टर का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया था, जिसपर सैद्धांतिक सहमति भी प्राप्त हो चुकी है। क्लस्टर हेतु 240.18 एकड़ भूमि यूपीसीडा द्वारा उपलब्ध कराई जायेगी, शेष भूमि एसपीवी द्वारा क्रय की जायेगी। परियोजना हेतु 53 हेक्टेयर ग्राम समाज भूमि का पुनर्ग्रहण किया गया है। विकसित भूखण्डों के आवंटितयों को त्रि-पक्षीय पट्टा किया जायेगा। यूपीसीडा द्वारा क्लस्टर का ले-आउट एवं भवन मानचित्र तैयार कराया गया है। क्लस्टर में आवंटियों को हस्तांरण एवं अन्य प्रमुख सुविधाएं यूपीसीडा के माध्यम से उपलब्ध कराई जायेगी। महाना ने कहा कि परियोजना के तहत कल्स्टर में 20 एमएलडी क्षमता का दूषित जल ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना की जायेगी। 250 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस परियोजना से कानपुर की सभी प्रमुख टैनरियां आच्छादित हो सकेंगी। उन्होंने बताया कि इस परियोेजना के फलस्वरूप गंगा को निर्मल बनाये रखने की दिशा में भारत सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों को भी बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि कानपुर जनपद में चर्म उद्योग से संबंधित 2125 इकाइयां स्थापित हैं, जिसके माध्यम से 1.20 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है। इन इकाइयों में प्रतिदिन 75000 जोड़े फुटवेयर का निर्माण होता है और लगभग 6500 करोड़ रुपये के उत्पादों का निर्यात भी किया जाता रहा है। इससे प्रतिवर्ष 10 हजार करोड़ का टर्नओवर भी होता था। बैठक में अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक विकास श्री अरविन्द कुमार, अपर मुख्य सचिव एम0एम0एम0ई0 डा0 नवनीत सहगल सहित यूपीसीडा, लोक निर्माण तथा सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। साथ ही  

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राजकीय गृहों के बच्चों को महफूज बनाने को अफसरों ने संभाला मोर्चा

कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर से प्रदेश के राजकीय आवासीय गृहों और संप्रेक्षण गृहों के बच्चों को पूरी तरह से महफूज बनाने को महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने मोर्चा संभाल रखा है। वह खुद मौके पर जाकर वहां की छोटी-बड़ी हर व्यवस्था को परख रहे हैं और जहाँ पर भी कोई कमी नजर आ रही है, उसे जल्द से जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दे रहे हैं। इसके अलावा कोविड वर्चुअल सपोर्ट ग्रुप के माध्यम से इन गृहों में कार्य कर रहे कर्मचारियों का क्षमतावर्धन किया जा रहा है और विशेषज्ञों की मदद से भी उन्हें जरूरी सावधानी बरतने के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

प्रदेश में महिला कल्याण विभाग द्वारा निराश्रित महिलाओं और बच्चों के लिए संचालित राजकीय आवासीय गृहों व संस्थाओं में संवासियों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवासन, पुनर्वासन आदि की व्यवस्था की गयी है। कोविड-19 को देखते हुए इन व्यवस्थाओं को और चाक-चैबंद बनाने को कहा गया है, इसी क्रम में विभाग के उच्च अधिकारी खुद मौके पर जाकर हर व्यवस्था का जायजा लेने में जुटे हैं ताकि कहीं किसी तरह की चूक न होने पाए। 

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इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी ने मंगलवार को बाराबंकी के राजकीय सम्प्रेक्षण गृह-किशोरी का जायजा लिया और व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा राजधानी के राजकीय बाल गृह बालक (शिशु) प्राग नारायण रोड का भी वह मौका मुआयना करेंगी। इसके अलावा विभाग के विशेष सचिव डॉ. अशोक चन्द्र कानपुर नगर के राजकीय बाल गृहों की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। विशेष सचिव गरिमा यादव लखनऊ के राजकीय बाल गृह बालक और राजकीय सम्प्रेक्षण गृह किशोर का जायजा लेंगी। निदेशक महिला कल्याण विभाग मनोज कुमार राय लखनऊ के राजकीय बाल गृह बालिका मोतीनगर और राजकीय मानसिक मंदित बालिकाओं हेतु विशेषीकृत गृह, मोतीनगर की व्यवस्थाओं को परखेंगे। इसके अलावा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी अन्य जिलों में संचालित राजकीय गृहों में जाकर वहां की व्यवस्थाओं को परखने और जरूरी निर्देश देने की व्यवस्था की गयी है।

निरीक्षण के दौरान व्यक्तिगत तौर पर बच्चों से बात करना व उनकी जरूरतों की पूर्ति का निर्देश देना, बच्चों की पारिवारिक पृष्ठभूमि की रिपोर्ट व व्यक्तिगत देखरेख योजना की समीक्षा करना, विशेष देखरेख व आवश्यकता वाले बच्चों की व्यक्तिगत देखरेख योजना की समीक्षा करना, महिला कल्याण विभाग के सभी कर्मचरियों तथा 18 साल से अधिक की महिलाओं व बच्चों के टीकाकरण की स्थिति की समीक्षा और यदि टीका नहीं लगा है तो शिविर लगाकर जल्दी से जल्दी टीकाकरण की व्यवस्था पर चर्चा, बच्चों को क्वारनटीन व आइसोलेट किये जाने की व्यवस्थाओं और स्थिति की समीक्षा, संस्थाओं में मूलभूत आवश्यकताओं की सप्लाई और पूर्ति की समीक्षा, बच्चों के मनोरंजन, व्यायाम, योग व वेंटिलेशन आदि की व्यवस्थाओं की समीक्षा, स्टाफ और बच्चों द्वारा मास्क, सामाजिक दूरी व हाथ धोने सहित अन्य कोविड प्रोटोकाल के अनुपालन की समीक्षा, आवासित बच्चों को अपने परिवार से बातचीत के लिए रोस्टर की स्थिति, संसाधनों, डिजिटल माध्यमों की उपलब्धता की समीक्षा, जैसे- वीडियो चेट या व्हाट्सएप आदि बच्चों के साथ समूह बैठक कर बात करना व गृहों के संचालन के लिए सुझाव प्राप्त करना, गृहों के सेनेटाइजेशन की व्यवस्था की समीक्षा करना तथा कोविड प्रभावित बच्चों व स्टाफ की चिकित्सा और देखरेख की समीक्षा की जा रही है।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बक्शी बांध पर बन रहे रेल उपरिगामी सेतु का किया निरीक्षण

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज प्रयाग स्टेशन के निकट बक्शी बांध में इलाहाबाद फाफामऊ रेलखण्ड के सम्पार संख्या 78ए पर 2 लेन रेल उपरिगामी सेतु के निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता एवं समयावधि पर विशेष ध्यान देने को कहा है। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को कार्यों को समय से पूर्ण कराने के निर्देश दिये। ब्रिज कार्पोरेशन के अभियंता ने उपमुख्यमंत्री को बताया कि सेतु निर्माण का कार्य तय समय से अधिक गति के साथ चल रहा है, कार्य को समय से पूर्ण कर लिया जायेगा। इस सेतु का निर्माण कार्य माह नवम्बर 2020 को शुरू हुआ था और नवम्बर, 2021 तक कार्य को पूर्ण कर लिया जायेगा।

प्रदेश में रिकवरी रेट भी बेहतर है और पाजिटीविटी रेट कम

उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त, संसदीय कार्य एवं चिकित्सा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज यहां अपने कार्यालय कक्ष से दिल्ली के प्रेस प्रतिनिधियों से वर्चुअल माध्यम से वार्ता करते हुए कहा कि कोरोना महामारी की पहली लहर ने प्रदेश सरकार ने बहुत ही बेहतर कार्य किया जिसकी सराहना डब्लू.एच.ओ. ने भी की है। दूसरी लहर ने भी प्रदेश को प्रभावित किया और इससे आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित हुयी। प्रदेश सरकार ने हर सम्भव प्रयास किया कि जन सामान्य पर इसका प्रभाव न्यूनतम हो, जिसमे प्रदेश सरकार सफल भी हुयी है। कोरोना की दूसरी लहर का संक्रमण अब प्रदेश में नियंत्रण में है। उत्तर प्रदेश में अब केवल 12-13 हजार एक्टिव केस है। प्रदेश में रिकवरी रेट भी बेहतर है और पाजिटीविटी रेट भी कम है। प्रदेश सरकार ने कोविड-19 महामारी की समस्याओं का सामना करते हुए आर्थिक गतिविधियों को जारी रखकर इस बात का प्रयास किया है इससे कम से कम लोग प्रभावित हों।

सुरेश खन्ना नेे कहा कि वर्तमान सरकार के 04 साल के कार्यकाल में राजकोषीय घाटे और ऋण ग्रस्तता को एफ.आर.बी.एम की निर्धारित लिमिट के अन्दर रखने का प्रयास किया गया। यह भी प्रयास किया गया है कि वित्तीय अनुशासन को मेन्टेन रखा जाये। इसके लिए जो भी गैर जरूरी व्यय थे उन्हें समाप्त किया गया, सरकारी खर्चाें में मितव्ययिता बरती गई। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में टैक्स कलेक्शन 87.35 प्रतिशत रहा। वित्तीय वर्ष 2018-19 में 97.90 प्रतिशत, वर्ष 2019-20 में 87.62 प्रतिशत तथा वर्ष 2020-21 में कोरोना के कारण आर्थिक गतिविधियों के प्रभावित होने के बावजूद 77.47 प्रतिशत राजस्व प्राप्ति हुयी। वर्ष 2021-22 में माह अप्रैल एवं मई में पुनः बेहतर परफार्मेंस कर रहे है। गत वर्ष की तुलना में इन दोनों महीनों में अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है।

वित्त मंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी से कम से कम लोग प्रभावित हो इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा हर सम्भव प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर में रोजगार एवं ऋण वितरण किये गये। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में 05 गुना अधिक इन्टरप्रेन्योर को 03 गुना अधिक ऋण वितरण किया गया। वर्ष 2016-17 में 635583 लोगों को 27202 करोड़ रूपये का ऋण वितरण किया गया था। वर्तमान में 3480596 लोगों को 63038 करोड़ रूपये का ऋण वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि इस महामारी में कमजोर वर्गाें को दो चरणों में 18 लाख तथा 17 लाख लोगों को उनके खाते में एक-एक हजार रूपये ट्रांसफर किये गये।

प्रदेश सरकार द्वारा बैकिंग सेक्टर, ऋण योजनाओं व प्रधानमंत्री मुद्रायोजना हर क्षेत्र में बेहतर कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि इस महामारी में भी 3,32,000 किमी सड़कों को गड्ढामुक्त कराया गया। 13,00,617 किमी सड़कों का चैड़ीकरण सुदृढ़ीकरण कराया गया। 13189 किमी0 नई सड़कों का निर्माण कराया गया। प्रदेश में एक्सप्रेस-वे के निर्माण के साथ ही साथ एयर कनेक्टीविटी को भी बेहतर बनाया जा रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2012-17 तक 02 लाख 05 हजार सरकारी नौकरियां दी गयी जबकि वर्तमान सरकार के 04 वर्ष के कार्यकाल में 04 लाख सरकारी नौकरियां दी गयी। मनरेगा के अन्तर्गत 101 करोड़ से अधिक मानव दिवस सृजित कर 1.50 करोड़ श्रमिकों को रोजगार दिया गया। एम एस एम ई क्षेत्र की 50 लाख से अधिक इकाईयों को 02 लाख 13 हजार करोड़ रूपये से अधिक ऋण उपलब्ध कराकर 1.80 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दिया गया। मुद्रा योजना के अन्तर्गत वर्तमान सरकार में कार्यकाल में 1.52 करोड़ उद्यमी को लाभान्वित किया गया है। प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनओं के अन्तर्गत गत 04 वर्षों में बैकों द्वारा लगभग 7.39 लाख करोड़ रूपये का ऋण वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि मार्च 2021 में कुल 19063 बैंक शाखाओं में 64882 बैंक मित्रों के माध्यम से प्रदेश के समस्त नागरिकों को बैकिंग सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। विगत 04 वर्षों में प्रदेश में 743 बैंक शाखाएं खोली गई।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा कि 24 अप्रैल, 2021 को प्रदेश में एक दिन में 38055 केस आये थे और 30 अप्रैल को एक्टिव केस 310,783 थे। प्रदेश सरकार के प्रयासों से वर्तमान में इसके नियंत्रण में काफी हद तक सफलता मिली है। प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना के विरूद्ध लड़ाई में हर सम्भव प्रयास किया। निगरानी समितियों के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा ट्रेसिंग एवं टेस्टिंग का कार्य किया गया। मार्च 2020 में प्रदेंश में टेस्टिंग के लिए सैम्पल अन्य राज्यों को भेजा जाता था। आज वर्तमान में प्रदेश में 150 से ज्यादा लैब हैं। अब तक कुल 5,31,98,121 टेस्ट किये गए है। इनमें 02 करोड़ 27 लाख से ज्यादा आरटीपीसीआर टेस्ट किये गये हैं। प्रदेश में रिकवरी रेट 98 प्रतिशत है। वर्तमान में 7499 लोग होम आइसोलेशन में है। प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण को रोकने में बेहतर कार्य किया है। दो बार डब्लू.एच.ओ. ने कान्ट्रैक्ट ट्रेसिंग निगरानी समितियों को सराहा है। वर्तमान में भी 03 लाख से ज्यादा टेस्ट प्रतिदिन किये जा रहे है। प्रदेश में अभी तक ब्लैक फंगस के 704 मरीज है। इनमें 152 कोविड के और 552 नान कोविड के मरीज है। प्रदेश सरकार निरन्तर प्रयास कर रही है कि उन्हें बेहतर इलाज देकर शीघ्र स्वस्थ्य कर घर भेजा जा सके।

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प्रदेश के कृषकों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ किए जाने हेतु ‘एकमुश्त समाधान योजना 2021’ लायी गयी

प्रदेश के कृषकों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ किए जाने हेतु ‘एकमुश्त समाधान योजना 2021’ लायी गयी है। इस योजना के द्वारा प्रदेश के जिन कृषकों ने उ0 प्र0 सहकारी ग्राम विकास बैंक लि0 से दिनांक 31.03.2013 तक या उसके पूर्व ऋण लिया है उनको ब्याज में भारी छूट प्रदान करते हुए, उन्हें अपना बकाया बैंक में जमा करने हेतु सुनहरा अवसर प्रदान किया गया हे।

यह जानकारी प्रदेश के सहकारिता मंत्री श्री मुकुट बिहारी वर्मा ने दी है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त ऐसे मृतक बकायेदार जिन्होंने दिनांक 31.03.2013 के पश्चात् ऋण प्राप्त किया है एवं जिनकी मृत्यु दिनांक 30.06.2020 या उसके पूर्व हो गयी है, उन्हें भी इस योजना में आच्छादित किया गया है।  सहकारिता मंत्री ने यह भी अवगत कराया है कि छूट प्रदान करने हेतु कृषक बकायेदारों की छः श्रेणियाँ बनाकर अधिकाधिक कृषकों को ब्याज में 30 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक लाभ पहुँचाये जाने की योजना बनायी गयी है। योजना के मुख्य बिन्दु श्रेणी-1 के अनुसार दिनांक 31 मार्च, 1997 तक अथवा उक्त तिथि से पूर्व वितरित ऋण प्रकरणों में कुल देय मूलधन की शत प्रतिशत वसूली करते हुए उन पर देय समस्त ब्याज माफ किया जायेगा।  श्रेणी 2 के अनुसार दिनांक 01 अपै्रल, 1997 से दिनांक 31 मार्च, 2001 तक के मध्य ऋण लेने वाले कृषक बकायेदारों से अवशेष समस्त मूलधन की वसूली की जायेगी व उस पर देय समस्त ब्याज पर छूट का लाभ निम्नानुसार अनुमन्य कराया जायेगाः-

(क) जिन प्रकरणों में वितरित धनराशि/मूलधन के 50 प्रतिशत के बराबर या अधिक ब्याज की वसूली कर ली गयी है, उनमें अवशेष मूलधन लिया जायेगा।

(ख) जिन प्रकरणों में वितरित धनराशि/मूलधन के 50 प्रतिशत से कम ब्याज की वसूली की गयी है उनमें मूलधन/वितरित ऋण राशि के (पूर्व में वसूल ब्याज को घटाते हुये) 50 प्रतिशत तक के बराबर ब्याज लिया जायेगा। 

श्रेणी 3 के अनुसार दिनांक 01 अपै्रल, 2001 से दिनांक 31 मार्च, 2009 तक के मध्य ऋण लेने वाले कृषकों से अवशेष समस्त मूलधन की वसूली की जायेगी व उस पर देय समस्त ब्याज पर छूट का लाभ निम्नानुसार अनुमन्य कराया जायेगा-

(क) जिन प्रकरणों में वितरित धनराशि/मूलधन के बराबर या अधिक ब्याज की वसूली कर ली गयी  है, उनमें अवशेष मूलधन लिया जायेगा।

(ख) जिन प्रकरणों में वितरित धनराशि/मूलधन से कम ब्याज की वसूली की गयी है उनमें मूलधन/वितरित ऋण राशि (पूर्व में वसूल ब्याज को घटाते हुये) के बराबर ब्याज लिया जायेगा।

वर्मा ने बताया कि श्रेणी-4 के अनुसार दिनांक 01 अपै्रल, 2009 को अथवा उसके पश्चात दिनांक 31 मार्च, 2013 तक के मध्य ऋण लेने वाले कृषकों हेतु छूट अधोलिखित होगी-

(क) बकायेदार कृषकों पर देय समस्त मूलधन की शत-प्रतिशत वसूली की जायेगी।

(ख) योजनान्तर्गत समझौते की तिथि तक उस पर देय समस्त प्रकार के ब्याज में 30 प्रतिशत की छूट अनुमन्य की जायेगी तथा अवशेष 70 प्रतिशत ब्याज की वसूली की जायेगी। श्रेणी 5 के अनुसार ऐसे बकायेदार जिनकी समस्त किश्तें दिनाॅक 30.06.2020 को बकाया नहीं हुयी है, को भी श्रेणी 04 में प्राविधानित व्यवस्था के अनुसार समस्त प्रकार के ब्याज में 30 प्रतिशत की छूट इस प्रतिबन्ध के साथ अनुमन्य किया जायेगा, कि बकायेदार द्वारा अपने ऋण की बकाया किश्तों एवं आगामी समस्त देय किश्तों का भुगतान करते हुये अपना ऋण खाता बन्द करा दिया जाय। श्रेणी 6 के अनुसार दिनांक 30.06.2020 को अथवा उससे पूर्व ऋणी सदस्य के मृतक होने की स्थिति में दिनांक 31.03.2013 तक अथवा उससे पूर्व का ऋण लिये जाने का प्रतिबन्ध प्रभावी नहीं रहेगा। मृतक बकायेदारों के ऋण प्रकरणों में बकाये की समस्त किश्तों के साथ ही साथ आगामी तिथियों में देय किश्तों का अग्रिम भुगतान किये जाने की दशा में श्रेणी 04 में प्रावधानित व्यवस्था के अनुसार समस्त प्रकार के ब्याज में 30 प्रतिशत का लाभ अनुमन्य किया जा सकेगा।

उन्होंने यह भी अवगत कराया है कि इस योजना केन्द्र सरकार व राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप कृषकों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करके उनकी आय दोगुना करने के उद्देश्य से लायी गयी है। उन्होंने उ0 प्र0 सहकारी ग्राम विकास बैंक लि0 के बकायेदार कृषकों से अपील की है कि वे समय से अपना बकाया जमा करके योजना का अधिकाधिक लाभ उठायें।

डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ के शिक्षकवृन्द एवं गैर शैक्षणिक कार्मिकों के वेतन भुगतान कराने हेतु 11 करोड़ रुपये स्वीकृत

उत्तर प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में डॉ0 शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ हेतु वेतन मद में वित्तीय स्वीकृति (प्रथम चरण) प्रदान की है। इस संबंध में दिव्यांगजन सशक्तीकरण द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। जारी शासनादेश के अनुसार डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ के शिक्षकवृन्द एवं गैर शैक्षणिक कार्मिकों के वेतन भुगतान कराने हेतु चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रथम चरण में रुपये 1100 लाख (रूपये ग्यारह करोड़ मात्र) की धनराशि की सहर्ष स्वीकृति शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन प्रदान की गई हैं। प्रश्नगत कार्य किसी अन्य कार्य योजना में सम्मिलित नहीं है तथा इस हेतु पूर्व में किसी अन्य योजना स्रोत से धनराशि स्वीकृत नहीं की गयी है, को सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उप्र एवं कुल सचिव, डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ का होगा।

अब तक 48.03 लाख मीट्रिक टन हुई गेहूं खरीद, किसानों को 7545.444 करोड़ रूपये का भुगतान

राज्य सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2021-22 में न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत 5678 क्रय केन्द्रों के माध्यम से गेहूं खरीद करते हुए अब तक 4802930.31 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर ली है। इस योजना से 1060436 किसानों का गेहूं क्रय किया गया और 7545.444 करोड़ रूपये का भुगतान किसानों को किया गया है। खाद्य एवं रसद विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज 106408.44 मीट्रिक टन खरीद हुई है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष 1975 रू0 प्रति कुन्तल की दर से खरीद की जा रही है।

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उत्तर प्रदेश सूचना आयोग में द्वितीय अपीलों/शिकायतों की सुनवाई 16 जून, 2021 से प्रारम्भ करने का निर्णय

कोविड-19 की स्थिति में क्रमशः होते सुधार के परिप्रेक्ष्य में उत्तर प्रदेश सूचना आयोग द्वारा सम्यक् विचारोपरान्त 16 जून, 2021 से नियमित रूप से द्वितीय अपीलों/शिकायतों की सुनवाई प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया है। यह जानकारी उ0प्र0 राज्य सूचना आयोग के सचिव श्री जगदीश प्रसाद ने दी। उन्होंने बताया कि इस क्रम में सर्वसम्बन्धित को सूचित किया जाता है कि उत्तर प्रदेश सूचना आयोग में 16 जून, 2021 से सभी सुनवाई कक्षों में द्वितीय अपीलों एवं शिकायतों की सुनवाई होगी। तद्नुसार सभी सम्बंधित पक्षकार नियत तिथियों पर, सुनवाई हेतु उपस्थित होने का कष्ट करें। सुनवाई हेतु नियत तिथियों की जानकारी आयोग की वेबसाइट- नचपबण्हवअण्पद से प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के परिप्रेक्ष्य में उत्तर प्रदेश सूचना आयोग में अपीलों/शिकायतों की सुनवाई को 15 जून, 2021 तक स्थगित कर दिया गया है।

जनपद बलरामपुर में राप्ती नदी के बायें तट पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों हेतु 01 करोड़ 56 लाख 32 हजार रुपये की धनराशि अवमुक्त

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा जनपद बलरामपुर में राप्ती नदी के बायें तट पर स्थित भोजपुर-शाहपुर तटबन्ध के मध्य ग्राम महरी के समीप बाढ़ सुरक्षा कार्य की परियोजना हेतु 01 करोड़ 56 लाख 32 हजार रुपये की धनराशि अवमुक्त करते हुए प्रमुख अभियन्ता सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उ0प्र0, लखनऊ के निवर्तन पर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस संबंध में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा विगत 25 मई, 2021 को आवश्यक शासनादेश जारी करते हुए निर्देशित किया गया है कि परियोजना का कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व परियोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जाए। इसके अलावा स्वीकृति धनराशि का उपयोग सिर्फ स्वीकृति कार्य पर ही किया जाए। ऐसा न किये जाने पर किसी प्रकार की अनियमितता की स्थिति में इसका समस्त उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता सिंचाई/संबंधित अधिकारियों का होगा।

शासनादेश में यह भी कहा गया है कि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित अवधि में पूरा कराया जाए। इसके साथ ही वित्त विभाग एवं शासन द्वारा समय-समय पर जारी व्यय संबंधी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा शासनादेश में दी गई शर्तों का कड़ाई से अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाए।

जनपद बलरामपुर में राप्ती नदी के दायें तट पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों हेतु 01 करोड़ 01 लाख 56 हजार रुपये की धनराशि अवमुक्त

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा जनपद बलरामपुर में राप्ती नदी के दायें तट पर स्थित ग्राम समूह ढौढ़री के समीप बाढ़ सुरक्षा कार्य की परियोजना हेतु 01 करोड़ 01 लाख 56 हजार रुपये की धनराशि अवमुक्त करते हुए प्रमुख अभियन्ता सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उ0प्र0, लखनऊ के निवर्तन पर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस संबंध में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा विगत 25 मई, 2021 को आवश्यक शासनादेश जारी करते हुए निर्देशित किया गया है कि परियोजना का कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व परियोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जाए। इसके अलावा स्वीकृति धनराशि का उपयोग सिर्फ स्वीकृति कार्य पर ही किया जाए। ऐसा न किये जाने पर किसी प्रकार की अनियमितता की स्थिति में इसका समस्त उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता सिंचाई/संबंधित अधिकारियों का होगा।

शासनादेश में यह भी कहा गया है कि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित अवधि में पूरा कराया जाए। इसके साथ ही वित्त विभाग एवं शासन द्वारा समय-समय पर जारी व्यय संबंधी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा शासनादेश में दी गई शर्तों का कड़ाई से अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाए।

जनपद बलरामपुर में राप्ती नदी के दायें तट पर स्थित ग्राम समूहों की बाढ़ सुरक्षा कार्यों हेतु 56 लाख 25 हजार रुपये की धनराशि अवमुक्त

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा जनपद बलरामपुर में राप्ती नदी के दायें तट पर स्थित ग्राम समूह गोनकोट आदि की आबादी के बाढ़ सुरक्षा कार्य की परियोजना हेतु 56 लाख 25 हजार रुपये की धनराशि अवमुक्त करते हुए प्रमुख अभियन्ता सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उ0प्र0, लखनऊ के निवर्तन पर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस संबंध में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा विगत 25 मई, 2021 को आवश्यक शासनादेश जारी करते हुए निर्देशित किया गया है कि परियोजना का कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व परियोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जाए। इसके अलावा स्वीकृति धनराशि का उपयोग सिर्फ स्वीकृति कार्य पर ही किया जाए। ऐसा न किये जाने पर किसी प्रकार की अनियमितता की स्थिति में इसका समस्त उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता सिंचाई/संबंधित अधिकारियों का होगा।

शासनादेश में यह भी कहा गया है कि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित अवधि में पूरा कराया जाए। इसके साथ ही वित्त विभाग एवं शासन द्वारा समय-समय पर जारी व्यय संबंधी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा शासनादेश में दी गई शर्तों का कड़ाई से अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाए।

जनपद कौशाम्बी में न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासों के निर्माण हेतु 271.03 लाख रूपये स्वीकृत

उत्तर प्रदेश सरकार ने जनपद न्यायालय कौशाम्बी में न्यायिक अधिकारियों के श्रेणी-5 के 12 आवासों के निर्माण हेतु 271.03 लाख रूपये (दो करोड़ इकहत्तर लाख तीन हजार) अवशेष धनराशि की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस सम्बन्ध में न्याय विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। शासनादेश में यह निर्देशित किया गया है कि कराए जा रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। स्वीकृत धनराशि का उपयोग 31 मार्च, 2022 तक अवश्य कर लिया जाए।

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प्रमाणित बीजों के वितरण पर अनुदान (राज्य सेक्टर) के अन्तर्गत 400 लाख रूपये स्वीकृत

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रमाणित बीजों के वितरण पर अनुदान (राज्य सेक्टर) के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि 5500लाख रूपये के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में 400लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान कर दी है। अवमुक्त की गयी धनराशि कृषि विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों की मांग के आधार पर नियमानुसार कृषि निदेशक द्वारा अपने स्तर से उपलब्ध करायी जायेगी। यह जानकारी विशेष सचिव, कृषि श्री शत्रुन्जय कुमार सिंह ने देते हुये बताया कि इस सम्बन्ध में विभाग द्वारा आवश्यक निर्देश जारी कर दिये गये हैं।  

संकर बीजों के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु अनुदान (राज्य सेक्टर) के अन्तर्गत 333.33 लाख रूपये स्वीकृत

उत्तर प्रदेश सरकार ने संकर बीजों के उपयोग को बढ़ावा देने की योजना के अन्तर्गत अनुदान (राज्य सेक्टर) मद में प्राविधानित धनराशि 2000लाख रूपये के सापेक्ष 333.33लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान कर दी है। अवमुक्त की गयी धनराशि का आहरण एवं व्यय कृषि निदेशक द्वारा योजना की निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं संगत नियमों के अनुसार ही किया जायेगा। यह जानकारी विशेष सचिव, कृषि श्री शत्रुन्जय कुमार सिंह ने देते हुये बताया कि इस सम्बन्ध में विभाग द्वारा आवश्यक निर्देश जारी कर दिये गये हैं।  

जनपद कुशीनगर में राही पथिक निवास का किया जा रहा है सौन्दर्यीकरण एवं उच्चीकरण का कार्य

जनपद कुशीनगर स्थित राही पथिक निवास के सौन्दर्यीकरण एवं उच्चीकरण के कार्य हेतु वित्तीय वर्ष 2019-20 में रु0 216.39 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति शासन द्वारा प्रदान की गई थी, जिसके अंतर्गत मार्च 2021 तक रू0 208.119 लाख की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। शेष धनराशि रु0 08.271 लाख की अवशेष/अंतिम किस्त की स्वीकृत भी शासन द्वारा प्रदान की गई है, जिससे राही पथिक निवास के सौन्दर्यीकरण एवं उच्चीकरण का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाएगा।

प्रतापगढ़ जनपद के रानीगंज स्थित वाराही देवी धाम स्थल के पर्यटन विकास का कार्य शीघ्र होगा पूर्ण

जनपद प्रतापगढ़ के रानीगंज में स्थित वाराही देवी धाम स्थल के पर्यटन विकास का कार्य तेजी से किया जा रहा है। रू0 44.86 लाख की लागत से किए जा रहे कार्य में अब तक रू0 32.43 लाख की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है तथा शेष धनराशि रू0 12.43 लाख की स्वीकृति शासन द्वारा प्रदान की गई है। वाराही देवी धाम स्थल के पर्यटन विकास का कार्य मानक के अनुरूप शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश शासन द्वारा दिये गये हैं।

प्रदेश सरकार कोरोना से बचाव व रोकथाम के लिए तेजी से करा रही है टेस्टिंग और टीकाकरण

उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी को दृष्टिगत रखते हुए कोरोना संक्रमण से बचाव व रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार वैक्सीनेशन पर विशेष बल दे रही है। प्रदेश में अब तक 02 करोड़ 7 लाख 11 हजार से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। इसमें 1 करोड़ 71 लाख लोगों ने पहली डोज तथा 36.55 लाख से अधिक लोगों ने दूसरी डोज का टीका लगवाया है। प्रदेश की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए जनपदवार, रणनीति बनाई गई है। जनपदों के अधिकारी ग्रामवार रणनीति बनाकर ग्रामीणों व नगरवासियों के टेस्टिंग, टीकाकरण करा रहे है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा कोरोना के इलाज व बचाव के लिए जो रणनीति बनाई गई है, वह काफी प्रभावी रही, और कोरोना संक्रमण में तेजी से कमी आयी है।

प्रदेश सरकार की सफल, कुशल रणनीति का ही परिणाम है कि कोरोना रोगियों की संख्या काफी हद तक कम हो गई है। प्रदेश में प्रतिदिन 3 से 4 लाख सैम्पल टेस्ट हो रहे है। टेस्ट सैम्पल में पाजिटिविटी दर 0.3 प्रतिशत ही पाये जा रहे है। जबकि रिकवरी दर 97.9 प्रतिशत हो चुकी है। उत्तर प्रदेश में अब तक 5 करोड़ 19 लाख से अधिक कोविड टेस्ट हो चुके है। कोरोना संक्रमण का वायरस कमजोर पड़ा है किन्तु समाप्त नही हुआ है, इसलिए प्रदेश के सभी नागरिक कोरोना प्रोटोकाल का अनुपालन करते हुए अपनी सुरक्षा अवश्य करें। 5 करोड़ से अधिक कोविड टेस्ट करने वाला उत्तर प्रदेश पूरे देश में सबसे आगे है।

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प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में 3 टी के अभियान से देश के अन्य प्रदेशों की तुलना में उत्तर प्रदेश में कोविड संक्रमण सबसे कम समय में नियन्त्रित किया गया है। प्रतिदिन आने वाले सक्रिय मामलों में देश में सबसे कम समय में कमी लाई गई। उत्तर प्रदेश मंे जिस रणनीति व माॅडल को अपनाया, वह देश के अन्य प्रदेशों के लिए एक सीख है। प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर, गठित निगरानी समितियों द्वारा घर-घर जाकर टेस्ट कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में 70 प्रतिशत तक टेस्ट 31 मार्च से अब तक किये गये है। सरकार के इस पूरे अभियान में लाखों कर्मचारी, अधिकारी लगे हुए है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि माह जून 2021 में एक करोड़ लोगों का टीकाकरण किया जाय। प्रदेश में साप्ताहिक बन्दी के दौरान शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई के साथ फागिंग सेनेटाइजेशन का कार्य कराया जा रहा है। प्रदेश सरकार की कुशल रणनीति का ही परिणाम है कि कोरोना संक्रमण के फैलाव पर कम समय में काबू पाया गया है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


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