क्या है गुपकार घोषणा पत्र, इसके नेताओं के बारे में जानें सबकुछ

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जून 22, 2021   23:06
क्या है गुपकार घोषणा पत्र, इसके नेताओं के बारे में जानें सबकुछ

इस गठबंधन में फारुक अब्दुल्ला की पार्टी और महबूबा मुफ्ती की पीडीपी के अलावा 6 पार्टियां और शामिल हैं। इस गठबंधन का पहला उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को फिर से विशेष राज्य का दर्जा दिलाना है। ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं इस गठबंधन के नेताओं के बारे में। गुपकार गठबंधन के नेताओं की कड़ी हम सबसे पहले बात करेंगे पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की।

जम्मू-कश्मीर के सभी विपक्षी दलों ने मिलकर एक गठबंधन बनाया है जिसे पीपुल्स एलायंस फॉर गुपकर डिक्लेयरेशन का नाम दिया गया है। यह एक तरह का घोषणा पत्र है। इस घोषणा पत्र पर दस्तख्त करने वाले सभी दलों को गुपकार कहा जाता है। 

इस गठबंधन में फारुक अब्दुल्ला की पार्टी और महबूबा मुफ्ती की पीडीपी के अलावा 6 पार्टियां और शामिल हैं। इस गठबंधन का पहला उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को फिर से विशेष राज्य का दर्जा दिलाना है। ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं इस गठबंधन के नेताओं के बारे में। गुपकार गठबंधन के नेताओं की कड़ी हम सबसे पहले बात करेंगे पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की।

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती

महबूबा मुफ्ती एक भारतीय राजनीतिज्ञ और  जम्मू और कश्मीर की तेरहवीं और एक महिला के रूप में राज्य की पहली और देश के किसी राज्य को संभालने वाली दूसरी मुख्यमन्त्री हैं। वह अनंतनाग से लोकसभा सांसद हैं। साथ ही जम्मू और कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की मुखिया और जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद की बेटी हैं। पिता के निधन के बाद के बाद महबूबा जम्मू और कश्मीर की मुख्यमन्त्री बनी। महबूबा मुफ़्ती ने 1996 में विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा। दो साल तक सरकार चलाने के बाद 2018 में बीजेपी के गठबंधन वापिस लेने पर उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। 

जम्मू एंड कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस नेता फारुक अब्दुल्ला

फारुक अब्दुल्ला को राजनीति की अच्छी समझ है। वह एक अनुभवी राजनेता हैं। फारुक अब्दुल्ला वर्तमान में श्रीनगर से संसद के सदस्य हैं। नेशनल कांफ्रेंस नेता के घर में जन्म लेने वाले फारुक अब्दुल्ला टिंडेल बिस्को स्कूल से पढ़ाई करने के बाद जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज से मेडिकल की डिग्री लेने पहुंचे। इसके बाद उन्होंने यूनाइटेड किंगडम से चिकित्सा का अभ्यास किया। फारुक अब्दुल्ला ने 1980 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। साल 1983 में पिता के निधन के बाद मुख्यमंत्री बने। 

पीपुल्स मूवमेंट नेता जावेद मुस्तफा मीर

जावेद मुस्तफा मीर ने साल 2019 में पीपुल्स डेमोक्रेटिक को छोड़ पीपुल्स मूवमेंट का दामन थामा था। श्रीनगर के जिले बडगाम के चाडूरा विधानसभा क्षेत्र से 2002 से 2014 तक विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाई। जावेद मुस्तफा मीर पीडीपी-कांग्रेस और पीडीपी-बीजेपी का भी हिस्सा रहे हैं। हालांकि पीपुल्स मूवमेंट का दामन थामने से पहले वह कुछ दिनों तक सज्जाद गनी लोन के साथ भी नजर आए।

सीपीआईएम नेता मोहम्मद युसूफ तारीगामी

कश्मीर की कुलगाम विधानसभा क्षेत्र से चार बार लगातार विधायक चुने गए। अनंतनाग कॉलेज में पढ़ते हुए साम्यवादी विचारों से प्रभावित हुए थे। बता दें कि कुलगाम पहले नेशनल कांग्रेस का गढ़ था। 1996 में तारीगामी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर आए। तारीगामी ने साल 2002, 2008 और 2014 का विधानसभा चुनाव भी जीता। तारीगामी सीपीएम के राज्य सचिव हैं। 





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