योगी के 7 नए सिपहसालार 2022 में करेंगे बेड़ा पार, जातीय समीकरण को साधते हुए हुआ मंत्रिमंडल विस्तार

योगी के 7 नए सिपहसालार 2022 में करेंगे बेड़ा पार, जातीय समीकरण को साधते हुए हुआ मंत्रिमंडल विस्तार

माना जा रहा है कि भाजपा की ओर से आने वाले चुनाव को लेकर जातिगत समीकरणों को साधने हुए यह बड़ा कदम उठाया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का भी दावा है कि कैबिनेट विस्तार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हिसाब से लोगों को शामिल किया है।

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा के चुनाव प्रस्तावित हैं। यह चुनाव भाजपा सरकार का नेतृत्व कर रहे योगी आदित्यनाथ के चेहरे पर लड़ा जाएगा। इसके साथ ही भाजपा की ओर से इस बात की भी तैयारी की जाने लगी है कि सभी जातिगत समीकरणों को कैसे साधा जाए। इसी को देखते हुए बहुप्रतीक्षित योगी मंत्रिमंडल का आज विस्तार हो गया। योगी मंत्रिमंडल में अलग-अलग जातीय समीकरणों को साधने के लिए अलग-अलग चेहरों को शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि भाजपा की ओर से आने वाले चुनाव को लेकर जातिगत समीकरणों को साधने हुए यह बड़ा कदम उठाया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का भी दावा है कि कैबिनेट विस्तार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हिसाब से लोगों को शामिल किया है। योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट में शामिल हुए नए मंत्रियों के बारे में आपको हम बताते हैं।

जितिन प्रसाद- जितिन प्रसाद को योगी कैबिनेट में ऐसे समय में शामिल किया गया है जब सरकार पर विपक्ष ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप लगा रहा था । जितिन प्रसाद उत्तर प्रदेश में बड़े ब्राह्मण चेहरे हैं। हाल में ही वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। जितिन प्रसाद के भाजपा में आने के बाद से ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें योगी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। जितिन प्रसाद दिग्गज कांग्रेस नेता जितेंद्र प्रसाद के बेटे हैं। 2004 में वह पहली बार लोकसभा पहुंचे थे। केंद्र की मनमोहन सिंह की सरकार में वह मंत्री भी रहे हैं।

छत्रपाल सिंह गंगवार- जितिन प्रसाद के बाद शपथ लेने वाले छत्रपाल सिंह गंगवार बरेली के बहेरी सीट से विधायक है। पहली बार 2007 में विधानसभा पहुंचे थे दूसरी बार उन्होंने 2017 में चुनाव जीता था। भाजपा के लिए कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ वह जिला मंत्री भी रह चुके हैं। गंगवार का जुड़ाव RSS से भी काफी लंबे समय से रहा है। छत्रपाल सिंह गंगवार ओबीसी कुर्मी जाति से आते हैं। राज्य में ओबीसी समीकरण को अपने पाले में करने की भाजपा की नीति में छत्रपाल सिंह गंगवार का अहम योगदान हो सकता है।

पलटू राम- उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से भाजपा के विधायक हैं । योगी सरकार में उन्हें राज्यमंत्री बनाया गया है। अनुसूचित जाति खटीक समाज से आते हैं । 2017 में पहली बार विधायक चुने गए हैं।

डॉक्टर संगीता बलवंत बिंद- संगीता बिंद पार्टी में बिंद समाज का महत्वपूर्ण चेहरा है। वर्तमान में गाजीपुर सदर के भाजपा विधायक हैं। पहली बार 2017 में चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। 2005 में वह जिला पंचायत चुनाव भी जीत चुकी है। संगीता बिंद की कई रचनाएं भी प्रकाशित हो चुकी हैं।

संजीव कुमार- संजीव कुमार ओबरा सीट से भाजपा विधायक हैं । अनुसूचित जनजाति से ताल्लुक रखते हैं जमीन पर संघर्ष करने वाले नेताओं में इनकी गिनती होती है। 2017 में पहली बार विधायक बने हैं।

दिनेश खटीक- दिनेश खटीक पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आते हैं। वर्तमान में वह मेरठ के हस्तिनापुर से विधायक हैं। पार्टी में अनुसूचित जाति यानी कि खटीक समाज का वह प्रमुख चेहरा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खटीक समाज को साधने में इनका चेहरा महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

धर्मवीर सिंह प्रजापति- धर्मवीर सिंह विधान परिषद के सदस्य हैं। धर्मवीर सिंह आगरा से ताल्लुक रखते हैं तथा पार्टी में कई महत्वपूर्ण पद संभाल चुके हैं। संगठन में काम करने का उनका लंबा अनुभव है। धर्मवीर सिंह पार्टी में महत्वपूर्ण ओबीसी चेहरा है।





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