माहौल बनाना और अपने पक्ष में भुनाना जानते हैं राणा के चेतक, क्या दिल्ली में बन रही है मोदी सरकार?

माहौल बनाना और अपने पक्ष में भुनाना जानते हैं राणा के चेतक, क्या दिल्ली में बन रही है मोदी सरकार?

बीजेपी की दिल्ली रैली के दौरान देश के गृहमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के भाषण में देखने को मिल रहा है कि वो इस किले को जीतकर अपने साहेब के हाथों में रखने को कितने प्रयत्नशील हैं।

जो तनिक हवा से बाग हिली लेकर सवार उड़ जाता था, राणा की पुतली फिरी नहीं तब तक चेतक मुड़ जाता था। प्रसिद्ध कवि श्यामानारायण पांडेय की ये पंक्तियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मनसबदार अमित शाह पर बिल्कुल सटीक बैठती है। नरेंद्र मोदी क्या चाहते हैं यह उनके बोलने से पहले ही भांपकर अमित शाह उस पर रणनीतिक तालमेल बैठाना शुरू कर देते हैं। उसी रणनीति का नतीजा है दिल्ली का बदलता माहौल। भाजपा की परंपरा है कि हम जो कहते हैं, वो करते हैं। मोदी जी कहते हैं कि देश बदला, अब दिल्ली बदलना है। अपने साहेब के कहे को पूरा करना और हर हाल में उसे अंजाम तक पहुंचाना। अमित शाह के अब तक के ट्रैक रिकार्ड को देखे तो उससे पता चल जाएगा कि इस पर वो कितने खड़े उतरते रहे हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव की सियासी जंग फतह करने के लिए बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। दिल्ली चुनाव की कमान अब पूरी तरह से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने हाथ में ले ली है। बीजेपी ने सीएए-एनआरसी के खिलाफ शाहीन बाग में चल रहे आंदोलन को दिल्ली में चुनावी मुद्दे के केंद्र में लाकर खड़ा कर दिया है। आम आदमी पार्टी इस बार के चुनाव में प्रचार के लिए प्रशांत किशोर की कंपनी की सेवा ले रही है। ‘लगे रहो केजरीवाल’ जैसे गाने यूट्यब से लेकर सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रचार के लिए डाले जा रहे हैं। उधर दिल्ली के चुनावी शोर में कांग्रेस अपनी दबी आवाज को फिर से उभारने के प्रयासों में थोड़ी बहुत लगी है। लेकिन दिल्ली में तो मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच ही होता दिख रहा है। अब तक दिल्ली की चुनावी रेस से बाहर मानी जा रही बीजेपी ने पिछले 10 दिनों में ऐसा माहौल बदला की अब बड़े-बड़े राजनीतिक पंडित भी चुनावी भविष्वाणी किंतु-परंतु के साथ करते दिख रहे हैं। 

बीजेपी की दिल्ली रैली के दौरान देश के गृहमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के भाषण में देखने को मिल रहा है कि वो इस किले को जीतकर अपने साहेब के हाथों में रखने को कितने प्रयत्नशील हैं। कश्मीर से धारा 370 हटाने के निर्णय के बाद गर्मजोशी के साथ संसद और संसद के बाहर सीएए और एनआरसी की बात बड़े एग्रेसिव अंदाज में करने वाले अमित शाह दिल्ली में हुई रैली के दौरान बदले-बदले से नजर आए। माहौल अपने पक्ष में बनाने में माहिर सियासत के चाणक्य अमित शाह ने दिल्ली के बाबरपुर में रैली को संबोधित करते हुए जिस अंदाज में दोनों हाथ ऊपर उठाकर मुट्ठियां भींचते हुए ज़ोर से भारत माता की जय का नारा लगाया और कहा, 'इस शाहीन बाग़ के जितने समर्थक हैं वहां तक आवाज़ पहुंचनी चाहिए। साथ ही 8 फरवरी को वोट देते समय ईवीएम पर ऐसा बटन दबाओ कि करंट शाहीन बाग में लगे और वो उठ जाएं' जैसे बयान देकर शाह ने अपने मंसूबे साफ कर दिए। बीजेपी ने शाहीन बाग में चल रहे सीएए के खिलाफ प्रदर्शन को 'चुनावी मुद्दा' बनाने की पूरी तैयारी कर दी है। बीजेपी ने 'शाहीन बाग में कौन किधर' अभियान तो शुरू किया है साथ ही अब योगी आदित्यनाथ की सभाएं जामिया नगर या शाहीन बाग के इलाके से ही शुरू होंगी। 1 फरवरी से 4 फरवरी तक दर्जनों ऐसी सभाएं प्रस्तावित हैं जो ज्यादातर उन इलाकों में होंगे जहां मुस्लिम वोटरों की तादाद अधिक है। मतलब अब बीजेपी शाहीन बाग को लेकर फ्रंट फुट पर खेलने को तैयार है। 

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बीजेपी ने दिल्ली को जीतने के लिए नेताओं की पूरी फौज उतार दी है और आने वाले 1 फरवरी को पार्टी के 200 सांसद दिल्ली चुनाव प्रचार में कूदने जा रहे हैं। बीजेपी दिल्ली की एक विधानसभा सीट को जिताने के लिए अपने तीन सांसदों को जिम्मेदारी देने का फैसला किया है। इस तरह से सभी 70 विधानसभा सीटों पर बीजेपी के सांसद प्रचार करेंगे। इसके साथ ही पार्टी के प्रदेश कार्यलय में चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद बैठकों का दौर अमित शाह के नेतृत्व में जारी रहता है। जहां शाह रात के 10 बजे से सुबह के 2 बजे तक हरेक विधानसभा क्षेत्र के प्रभारियों से क्षेत्र की स्टेट्स रिपोर्ट के बारे में पूछते हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर विरोधियों के वार को काउंटर करने के लिए क्या-क्या पलटवार तैयार किए गए इसका भी जायजा लेते हैं। 

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बीजेपी ने दिल्ली की जंग फतह करने के लिए 5000 नही बल्कि 10000 से ज्यादा छोटे बड़ी चुनावी सभाएं करने का लक्ष्य बनाया है। देश और दुनिया के सबसे बड़े चुनावी कैंपेनर पीएम नरेंद्र मोदी की दिल्ली चुनाव के चुनावी रण में अगले हफ्ते से उतर रहे हैं। पीएम मोदी की पहली रैली 3 फरवरी को पूर्वी दिल्ली के कड़कड़डूमा में सीबीडी ग्राउंड में और दूसरी रैली 4 फरवरी को वेस्ट दिल्ली के द्वारका इलाके में होगी। इनके जरिए बीजेपी की रणनीति ईस्ट और वेस्ट दिल्ली की कुछ बड़ी अनधिकृत कॉलोनियों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले वोटरों को साधने की है। इसके अलावा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अगले हफ्ते चुनाव प्रचार के लिए दिल्ली पहुंचने वाले हैं। बीजेपी दिल्ली में पहली बार जेडीयू और एलजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। बुराड़ी और संगम विहार सीट जेडीयू और सीमापुरी सीट एलजेपी को दी गई है। पूर्वांचली वोटरों को साधने के लिए नीतीश कुमार दिल्ली आकर चुनाव प्रचार करने वाले हैं। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और उनके बेटे चिराग भी चुनाव प्रचार में उतर सकते हैं।





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