तेजस्वी को जंगलराज का युवराज बताने वाली टिप्पणी पर वामदलों ने साधा निशाना, कही यह बात

Tejashwi Yadav
प्रधानमंत्री ने तेजस्वी का नाम लिए बगैर उन पर टिप्पणी करते हुये उन्हें जंगल राज का युवराज बताया था। कृष्णन ने कहा कि प्रधानमंत्री को जंगलराज के युवराज का उपयोग करने से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार को ध्यान में रखना चाहिए था।

पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार में महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव को जंगल राज का युवराज बताने वाली टिप्पणी को लेकर वाम दलों ने उन पर निशाना साधते हुये बृहस्पतिवार को कहा कि जंगल राज की उपमा उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाले प्रशासन के लिए अधिक उपयुक्त है। माकपा और भाकपा के महासचिवों क्रमश: सीताराम येचुरी एवं डी राजा और भाकपा माले पोलित ब्यूरो सदस्य कविता कृष्णन ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन के दौरान यह टिप्पणी की। 

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उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने सोमवार को तेजस्वी का नाम लिए बगैर उन पर टिप्पणी करते हुये उन्हें जंगल राज का युवराज बताया था। कृष्णन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री को जंगल राज के युवराज का उपयोग करने से पहले उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को ध्यान में रखना चाहिए था। उन्होंने कहा कि वहां के लिए इस तरह की टिप्पणी अधिक उपयुक्त होगी जहां पूरी सरकारी मशीनरी को हाथरस गैंगरेप और हत्या के मामले के दोषियों को बचाते हुए देखा गया था। राजा ने कहा कि प्रधानमंत्री की टिप्पणी बिहार के लोगों के लिए अपमानजनक है और वे निश्चित रूप से राजग को इसके ​लिये दंडित करेंगे। 

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उन्होंने कहा कि मोदी के पास कोई उपलब्धि नहीं है, इसलिए, वह बिहार में बयानबाजी, नाटकीयता और प्रचार का सहारा ले रहे हैं। महागठबंधन में आपसी तालमेल के साथ वाम दल हालांकि 29 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। येचुरी ने कहा कि देश में लोकतंत्र को बचाने के लिए मोदी सरकार को सत्ता से बेदखल किया जाना आवश्यक है और बिहार में महागठबंधन की जीत से इस दिशा में मार्ग प्रशस्त होगा। एक प्रश्न के उत्तर में, येचुरी ने कहा कि हाल ही में लाए गए कृषि सुधार बिलों ने किसानों को बड़ी कंपनियों की तुलना में अधिक कमजोर बना दिया है। हालांकि मीडिया द्वारा इसे परिलक्षित नहीं किया जा रहा है पर यह निश्चित रूप से बिहार में एक चुनावी मुद्दा बनता जा रहा है।

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