मध्य प्रदेश भारी बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त, नर्मदा नदी बह रही खतरे के निशान से ऊपर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अगस्त 29, 2020   21:22
मध्य प्रदेश भारी बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त, नर्मदा नदी बह रही खतरे के निशान से ऊपर

शिवराज ने कहा कि नर्मदा और उसकी सहयोगी नदियों में जलस्तर बढ़ गया है। कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले 48 घंटे में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ अलर्ट पर हैं। छिंदवाड़ा में सेना के हेलीकॉप्टर से एक युवक का रेस्क्यू किया गया। युवक करीब 24 घंटे से नदी के टापू पर फंस गया था।

भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटों से हो रही लगातार बारिश के चलते जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। वही होशंगाबाद में नर्मदा नदी खतरे के निशान से उपर बह रही है जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। जिसके चलते चलते अब सेना को बुलाया गया है। एनडीआरएफ की दो यूनिट भी मदद के लिए पहुंच रही हैं। जबकि शाम तक हेलिकाप्टर भी होशंगाबाद पहुंच गए। होशंगाबाद की बात करें तो यहां भारी बारिश से नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान 964 फीट से 4 फीट ऊपर यानी 968.90 पर पहुंच गया। तवा डैम के सभी 13 गेट को 30-30 फीट खोलकर 5 लाख 33 हजार 823 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा जा रहा है। उधर, राजधानी भोपाल में भी शुक्रवार से लगातार बारिश का दौर जारी है। शनिवार सुबह 6 बजे तक भोपाल में 97.7 मिमी पानी रिकॉर्ड किया गया। दरअसल, लगातार हुई बारिश से प्रदेश में 251 में से 120 डैम में पानी क्षमता से 90% से ज्यादा भर चुके है। ऐसे में ज्यादातर डैम को गेट खोलने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। भोपाल के न्यू मिनाल में सड़कों में घुटनों तक पानी भर गया। राजधानी भोपाल में बीते 24 घंटे में लगातार बारिश हो रही है। भोपाल जिले में 80.9 मिमी (8.09 सेमी) बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके चलते भदभदा डैम फुल हो गया। जिसके चलते पहले सुबह 4 गेट खोलने पड़े और दोपहर बाद 4 और गेट खोले गए।

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वही इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध के गेट खोलने के बाद नर्मदा ने अपना रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण खंडवा, खरगोन, बड़वानी और धार जिलों को रेड अलर्ट पर रखा गया है। खंडवा में प्रशासन नर्मदा के किनारे बसे गांवों पर नजर रखे हुए हैं। दोनों बांधों से करीब 10 हजार क्यूसेक प्रति सेकंड की रफ्तार से पानी छोड़ा जा रहा है। इससे नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। वहीं, सरदार सरोवर बांध के बैक वाटर में लगातार इजाफा हो रहा है। लोग नाव की मदद से सामान शिफ्ट कर रहे हैं। प्रदेश के बांधों की स्थिति पर नज़र दौड़ाए तो तवा डैम के सभी 13 गेट खोले गए हैं। इंदिरा सागर के 22 गेट खोले गए हैं। ओंकारेश्वर में 23 में से 21 गेट खोले गए। राजघाट 18 में से 14 गेट खोले गए। बरगी के 21 में से 17 गेट खोले गए। मंडला, पेंच बांध के सभी गेट खोले गए हैं। भोपाल में भदभदा के 4 और कलियासोत के 5 गेट खोले गए।

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मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में प्रदेश के अधिकांश जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने छिंदवाड़ा, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर और आगर में रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा भोपाल और इंदौर समेत 18 जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने होशंगाबाद जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई जायजा लिया। लेकिन होशंगाबाद में बाढ़ के साथ ही सीहोर, रायसेन, सागर में तेज बारिश और मौसम खराब होने के कारण मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपना दौरा रद्द करना पड़ा। शनिवार को मुख्यमंत्री ने अधिकारीयों की सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री निवास पर आपात बैठक बुलाई। उन्होंने प्रदेश की प्रमुख नदियों के जलस्तर की जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि स्थिति पर नजर बनाए रखें। जहां जैसी जरूरत हो, उस पर तुरंत कदम उठाएं। शिवराज ने कहा कि नर्मदा और उसकी सहयोगी नदियों में जलस्तर बढ़ गया है। कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले 48 घंटे में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ अलर्ट पर हैं। छिंदवाड़ा में सेना के हेलीकॉप्टर से एक युवक का रेस्क्यू किया गया। युवक करीब 24 घंटे से नदी के टापू पर फंस गया था।





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