पशुओं संबंधी केंद्र के आदेश पर मद्रास हाईकोर्ट ने लगाई रोक

मद्रास उच्च न्यायालय ने वध के लिए मवेशियों की खरीद फरोख्त पर केन्द्र सरकार की ओर से लगाये गये प्रतिबंध पर आज चार सप्ताह के लिए रोक लगा दी।

चेन्नई। मद्रास उच्च न्यायालय ने वध के लिए मवेशियों की खरीद फरोख्त पर केन्द्र सरकार की ओर से लगाये गये प्रतिबंध पर आज चार सप्ताह के लिए रोक लगा दी। अदालत ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह रोक लगाई है और केंद्र से अपना पक्ष प्रस्तुत करने को कहा है। अदालत ने कहा कि किसी के खान पान की पसंद पर नियंत्रण नहीं किया जा सकता।

उधर, पशु बाजारों में वध के लिए जानवरों की खरीद बिक्री पर हालिया प्रतिबंध के बाद राज्यों और कुछ अन्य संगठनों के ज्ञापन पर केंद्र सरकार गौर कर रही है। यह बात आज केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कही। नायडू ने यहां संवाददाताओं से कहा कि उच्चतम न्यायालय और पशुओं पर अत्याचार रोकने तथा तस्करी सहित पशु बाजार की मिलीभगत को तोड़ने के लिए बनी संसदीय समिति की कुछ टिप्पणियों के परिप्रेक्ष्य में ये नियम अधिसूचित किए गए थे।

नायडू ने कहा, ‘‘बहरहाल कुछ राज्य सरकारों और अन्य वाणिज्य संगठनों ने कुछ मुद्दे उठाए हैं। सरकार इन पर गौर कर रही है।’’ पिछले हफ्ते नियमों को अधिसूचित करने वाले पर्यावरण मंत्रालय को इन पर अभी तक 13 ज्ञापन मिल चुके हैं। मंत्रालय ने कठोर पशु अत्याचार निवारण (पशु बाजारों का नियमितीकरण) नियम 2017 को अधिसूचित किया था जिसमें वध के लिए पशु बाजार से जानवरों की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगाया गया है। निर्णय से मांस और चमड़ा व्यवसाय तथा निर्यात प्रभावित हो सकता है।

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