योगी मॉडल की तर्ज पर असम में दौड़ा बुलडोजर, आतंकी गतिविधियों में शामिल मदरसा को किया ध्वस्त

Assam
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अनुराग गुप्ता । Aug 04, 2022 11:45AM
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि मोरीगांव में आज आपदा प्रबंधन अधिनियम और यूएपीए अधिनियम के तहत जमीउल हुडा मदरसे को तोड़ा गया। इस मदरसे में 43 छात्र पढ़ रहे थे, अब अलग-अलग स्कूलों में दाखिल हैं। मुस्तफा उर्फ मुफ्ती मुस्तफा ने 2017 में भोपाल से इस्लामिक कानून में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।

गुवाहाटी। असम की हिमंत बिस्वा सरकार ने उत्तर प्रदेश के 'योगी मॉडल' की तर्ज पर आतंकवादी रोधी गतिविधियों में शामिल लोगों, माफियाओं के खिलाफ बुल्डोजर की कार्रवाई तेज कर दी। आपको बता दें कि बांग्लादेश स्थित आतंकी संगठन अंसारुल्लाह बांग्ला टीम से संबंध रखने वाले मुफ्ती मुस्तफा के जरिए चलाए जाने वाले मदरसे को बुलडोज कर दिया।

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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, असम के मोरीगांव जिले की एसपी अपर्णा एन. का कहना है कि मुस्तफा उर्फ मुफ्ती मुस्तफा, जिसे हाल ही में बांग्लादेश स्थित आतंकी संगठन अंसारुल्लाह बांग्ला टीम और AQIS से संबंधों के लिए गिरफ्तार किया गया, उसके द्वारा संचालित मोइराबारी इलाके में जमीउल हुदा मदरसा को ध्वस्त कर दिया गया।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि मोरीगांव में आज आपदा प्रबंधन अधिनियम और यूएपीए अधिनियम के तहत जमीउल हुडा मदरसे को तोड़ा गया। इस मदरसे में 43 छात्र पढ़ रहे थे, अब अलग-अलग स्कूलों में दाखिल हैं। मुस्तफा उर्फ मुफ्ती मुस्तफा ने 2017 में भोपाल से इस्लामिक कानून में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। 

हाल ही में असम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 जिलों से 12 लोगों को गिरफ्तार किया था। जिनके तार आतंकवादी संगठन अल-कायदा से जुड़े हुए हैं। एसपी अपर्णा एन ने बताया था कि हमें मुस्तफा नाम के एक व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली, जो मोरियाबारी में एक मदरसा चलाता है जहां देश विरोधी गतिविधियां होती हैं। वो उप-महाद्वीप में अल-कायदा से संबंधित अंसारुल्लाह बांग्ला टीम के वित्तपोषण से जुड़ा हुआ है। यूएपीए की अनेक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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आपको बता दें कि मुस्तफा उर्फ मुफ्ती मुस्तफा और अब्बास अली को मोरीगांव और गोलपारा से गिरफ्तार किया गया था। मुस्तफा एक मदरसा चलाता था, जिसे ध्वस्त कर दिया गया है और उप-महाद्वीप में अल-कायदा से संबंधित एबीटी के वित्तपोषण से जुड़ा हुआ है, जबकि अब्बास एबीटी के फरार सदस्यों में से एक को रसद और आश्रय प्रदान करता है।

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