महाराष्ट्र सरकार ने मराठा कोटा मामले में कैविएट दाखिल की

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उच्च न्यायालय ने मराठा समुदाय के लिये आरक्षण की संवैधानिक वैधता बरकरार रखते हुये राज्य सरकार को इसका प्रतिशत 16 से घटाकर 12 और 13 करने का निर्देश दिया है।

नयी दिल्ली। महाराष्ट्र में शिक्षा और सरकारी नौकरियों में मराठा समुदाय के लिये आरक्षण को वैध ठहराने वाले बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दिये जाने की संभावना के मद्देनजर राज्य सरकार ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय में एक कैविएट दाखिल की ताकि उसका पक्ष सुने बगैर कोई एकपक्षीय आदेश नहीं हो सके। महाराष्ट्र सरकार ने अपने आवेदन में कहा है कि मराठा समुदाय के लिये आरक्षण के बारे में उच्च न्यायालय के 27 जून के फैसले को चुनौती देने वाली किसी भी याचिका पर उसका पक्ष सुने बगैर कोई आदेश नहीं दिया जाये।

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उच्च न्यायालय ने मराठा समुदाय के लिये आरक्षण की संवैधानिक वैधता बरकरार रखते हुये राज्य सरकार को इसका प्रतिशत 16 से घटाकर 12 और 13 करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने कहा कि शीर्ष अदालत द्वारा निर्धारित कुल आरक्षण 50 फीसदी की सीमा अपवादजनक परिस्थितियों में इससे ज्यादा हो सकती है। उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार के इस तर्क को भी स्वीकार किया कि मराठा समुदाय सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा है और सरकार का यह कर्तव्य है कि वह उनकी प्रगति के लिये कदम उठाये।

 

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