डीजी होमगार्ड और मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह को महाराष्ट्र सरकार ने किया सस्पेंड

डीजी होमगार्ड और मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह को महाराष्ट्र सरकार ने किया सस्पेंड

परमबीर सिंह बिना डीजीपी ऑफिस के इजाजत लिए मुंबई छोड़ नहीं सकते हैं। जब तक वह निलंबित हैं किसी निजी कंपनी या किसी बिजनेस ट्रेंड में काम भी नहीं कर सकते हैं। परमबीर सिंह पर आरोप है कि उन्होंने सर्विस रूल का उल्लंघन किया है।

महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर और होमगार्ड्स के महानिदेशक परमबीर सिंह को आज सस्पेंड कर दिया है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार ने परमबीर सिंह (मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त) को अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस अवधि के दौरान सिंह को अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1969 के नियम 4 के तहत स्वीकार्य निर्वाह भत्ता, महंगाई भत्ता और अन्य भत्ते का भुगतान किया जाएगा, यह प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर कि वह कोई अन्य रोजगार तो नहीं कर रहे।

इसके साथ ही कहा गया है कि परमबीर सिंह बिना डीजीपी ऑफिस के इजाजत लिए मुंबई छोड़ नहीं सकते हैं। जब तक वह निलंबित हैं किसी निजी कंपनी या किसी बिजनेस ट्रेंड में काम भी नहीं कर सकते हैं। परमबीर सिंह पर आरोप है कि उन्होंने सर्विस रूल का उल्लंघन किया है। वह छुट्टी खत्म होने के बावजूद भी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे थे और ना ही विभाग इस बारे में कोई जानकारी दी थी। 

इसे भी पढ़ें: परमवीर सिंह और सचिन वाझे के बीच हुई मुलाकात के पीछे कौन ! कांग्रेस नेता अतुल लोंढ़े ने की उच्च-स्तरीय जांच की मांग

इससे पहले बंबई उच्च न्यायालय ने विनय सिंह के खिलाफ जारी आदेश को खारिज कर दिया था। मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के खिलाफ दर्ज वसूली के एक मामले में वह सह आरोपी है। न्यायमूर्ति एस. के. शिंदे ने विनय सिह को ‘भगोड़ा’ घोषित करने संबंधी आदेश खारिज किया। सिंह के वकील अनिकेत निगम ने कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता के तय नियमों के अनुसार यह घोषणा नहीं की गई है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।