महुआ मोइत्रा ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को कहा 'बिहारी गुंडा', गर्म हुई बिहार की सियासत

महुआ मोइत्रा ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को कहा 'बिहारी गुंडा', गर्म हुई बिहार की सियासत

शाहनवाज हुसैन के अलावा भाजपा विधायक संजय सरावगी ने भी तेजस्वी यादव से इस पर सफाई मांगी है। सरावगी ने कहा कि ऐसे लोगों का मानसिक संतुलन खराब है। उन लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन तृणमूल के समर्थन में बंगाल जाने वाले तेजस्वी बताएं कि टीएमसी सांसद ने सही बोला है या गलत बोला है।

पेगासस जासूसी कांड को लेकर संसद में विपक्ष का जबरदस्त हंगामा हो रहा है। इन सबके बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने टीएमसी पर बड़ा आरोप लगाया है। निशिकांत दुबे ने साफ तौर पर कहा कि टीएमसी से सांसद महुआ मोइत्रा ने मुझे बिहारी गुंडा कहां है। अपने वक्तव्य में निशिकांत दुबे ने कहा कि संसद सदस्य के रूप में उनका यह 13वां वर्ष है, लेकिन कल जिस तरह से संसदीय समिति की बैठक में तृणमूल कांग्रेस की सदस्य ने उनके लिए ‘बिहारी’ के साथ अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया, ऐसा इससे पहले ऐसा कभी नहीं देखा गया। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों ने इस देश को बनाने में मजदूरों की तरह काम किया है। सिखों के दसवें गुरू गोविंद सिंह का जन्म इसी राज्य में हुआ था। गौतम बुद्ध ने भी बिहार में शिक्षा पाई थी। इससे पहले दुबे ने ट्वीट कर बुधवार को भी इस विषय को उठाया था और तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा पर आरोप लगाया था कि उन्होंने ‘बिहारी गुंडा’ कहा था था।

उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को संबोधित अपने ट्वीट में कहा, ‘‘अपने 13 साल के संसदीय जीवन में पहली बार गाली सुनी, तृणमूल कांग्रेस की सदस्य महुआ मोइत्रा द्वारा आईटी पर संसदीय समिति की बैठक में तीन बार बिहारी गुंडा बोला गया।’’ दुबे ने समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस सदस्य शशि थरूर को भी आड़े हाथ लेते हुए ट्वीट में लिखा कि थरूर ने इस संसदीय परम्परा को ख़त्म करने की सुपारी ले रखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘बिहारी गुंडा’ शब्द का प्रयोग कर बिहार के साथ-साथ पूरे हिन्दी भाषी लोगों को गाली दी है गयी है। दुबे ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी के लिए ट्वीट में लिखा, ‘‘आप की सांसद महुआ मोइत्रा की इस गाली ने उत्तर भारतीय व ख़ासकर हिंदी भाषी लोगों के प्रति आपकी पार्टी की नफ़रत को देश के सामने ला दिया है।’’ दुबे के इन आरोपों को खारिज करते हुए महुआ मोइत्रा ने ट्वीट किया, ‘‘समिति की बैठक कोरम पूरा नहीं होने के कारण हुई ही नहीं थी। मैं किसी को गाली कैसे दे सकती हूं जो बैठक में मौजूद ही नहीं थे। उपस्थिति पंजी देख लीजिए।’’ वहीं, निशिकांत दुबे के इस बयान के बाद राजनीति गर्म हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार में मंत्री शाहनवाज हुसैन ने महुआ मोइत्रा पर पलटवार किया है। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने बिहार के लोगों का अपमान किया। अब RJD को TMC से रिश्ता बिहार के हित में तोड़ना चाहिए। उनका बयान 14 करोड़ बिहार के लोगों का अपमान है। 

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शाहनवाज हुसैन के अलावा भाजपा विधायक संजय सरावगी ने भी तेजस्वी यादव से इस पर सफाई मांगी है। सरावगी ने कहा कि ऐसे लोगों का मानसिक संतुलन खराब है। उन लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन तृणमूल के समर्थन में बंगाल जाने वाले तेजस्वी बताएं कि टीएमसी सांसद ने सही बोला है या गलत बोला है। सबसे खास बात यह है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी महुआ मोइत्रा पर हल्ला बोला है। जीतन राम मांझी ने कहा कि बिहार में जब आपके सहयोगी राजद की सरकार थी तो सत्ता संरक्षित गुंडागर्दी के कारण बिहारियों को 'बिहारी गुंडा' जैसे शब्दों का सामना करना पड़ा था। आज बिहार में नीतीश कुमार का सुशासन है और बिहारी शब्द सम्मान का शब्द है। आपको बंगाल की गुंडागर्दी मुबारक। राजद की ओर से भी टीएमसी को सलाह दी गई है। राजद विधायक आलोक मेहता ने कहा कि पीएम से सांसद अपने बयान को वापस लें वरना विपक्षी एकता में खटास आ सकती है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि किसी राज्य के एक नागरिक के लिए ऐसा बोलना सही नहीं है। वहीं राजद के मुख्य प्रवक्ता भाई विरेंद्र ने कहा कि हम बिहार का अपमान नहीं सहेंगे ममता बनर्जी अपने सांसद पर कार्रवाई करें।





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