ममता बनर्जी ने दिया मोदी-शाह को चुनौती, कहा- हिम्मत है तो मंत्रोच्चार करके दिखाएं

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 20, 2019   10:56
ममता बनर्जी ने दिया मोदी-शाह को चुनौती, कहा- हिम्मत है तो मंत्रोच्चार करके दिखाएं

तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने कहा, ‘‘पूजा का मतलब माथे पर तिलक लगा लेना ही नहीं होता। मंत्रों का मतलब भी समझ आना चाहिए। मैं मोदी-शाह को चुनौती देती हूं कि वे मंत्रोच्चार में मुझसे प्रतिस्पर्धा करें।’’

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को अपने धर्म पर सवाल उठाने को लेकर भाजपा पर निशाना साधा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को चुनौती दी कि वे ‘मंत्रोच्चार’ में उनसे प्रतिस्पर्धा करें। ममता ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में कई मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया जबकि भाजपा आम चुनावों से पहले राम मंदिर के मुद्दे पर सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी कर रही है। 

तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने कहा, ‘‘पूजा का मतलब माथे पर तिलक लगा लेना ही नहीं होता। मंत्रों का मतलब भी समझ आना चाहिए। मैं मोदी-शाह को चुनौती देती हूं कि वे मंत्रोच्चार में मुझसे प्रतिस्पर्धा करें।’’ भाजपा की कटु आलोचक ममता ने कहा, ‘‘कुछ लोग हैं जो मेरे धर्म पर सवाल उठाते हैं। मैं उनसे कहना चाहती हूं कि इंसानियत मेरा धर्म है और धर्म को लेकर मुझे दूसरों के लेक्चर की जरूरत नहीं है।’’ होली के त्योहार के सिलसिले में ममता ने कहा, ‘‘वे मुझ पर ऊंगली उठाना चाहते हैं और कहते हैं कि मैं बंगाल में पूजा नहीं होने देती। उन्हें जाकर देखना चाहिए कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में कितने मंदिरों का निर्माण हुआ है।’’  

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भाजपा अक्सर ममता के धर्म पर सवाल उठाती रही है और उन पर अल्पसंख्यक तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप मढ़ती रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हम नफरत के धर्म में यकीन नहीं करते। हम इंसानियत में भरोसा करते हैं। चुनावों से पहले वे राम मंदिर पर सिर्फ बयानबाजी कर रहे हैं। हमने तारापीठ, तारकेश्वर और दक्षिणेश्वर (कोलकाता में) मंदिरों का जीर्णोद्धार और पुनर्विकास किया है।’’ ममता ने होली के दौरान लोगों से राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव कायम रखने की अपील की।





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