Mamta ने कहा कि Joshimath के लोगों की सुरक्षा के लिए केंद्र को एहतियाती कदम उठाने चाहिए थे

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ममता ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को इस तथ्य को देखते हुए बहुत पहले ही एहतियाती उपाय करने चाहिए थे कि ‘जोशीमठ में जमीन धंसने का पूर्वानुमान पहले ही लगाया जा चुका था।’

उत्तराखंड के जोशीमठ में स्थिति को ‘बेहद खतरनाक’ करार देते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार को हिमालयी शहर के लोगों की सुरक्षा के लिए युद्ध स्तर पर कदम उठाने चाहिए। ममता ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को इस तथ्य को देखते हुए बहुत पहले ही एहतियाती उपाय करने चाहिए थे कि ‘जोशीमठ में जमीन धंसने का पूर्वानुमान पहले ही लगाया जा चुका था।’

उन्होंने बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के रानीगंज कोयला क्षेत्र की स्थिति जोशीमठ के समान होने की बात कहते हुए कहा कि रानीगंज कोयला क्षेत्र को भी इसी तरह के संकट का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि वहां भी जमीन धंसने का खतरा है। अलीपुरद्वार के लिए रवाना होने से पहले कोलकाता हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से मुखातिब ममता ने कहा, “चेतावनी के बावजूद आवश्यक कदम क्यों नहीं उठाए गए?

जोशीमठ में स्थिति बहुत खतरनाक है। इस आपदा के लिए पहाड़ी शहर के निवासी जिम्मेदार नहीं हैं। आपदा होने पर लोगों की देखभाल करना सरकार का कर्तव्य है।” उन्होंने कहा, “सरकार को युद्धस्तर पर कदम उठाने चाहिए, ताकि लोगों को परेशानी न हो।

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