मांझी का आरोप, कहा- अगर महागठबंधन टूटता है तो तेजस्वी होंगे जिम्मेदार

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 27, 2019   18:45
मांझी का आरोप, कहा- अगर महागठबंधन टूटता है तो तेजस्वी होंगे जिम्मेदार

शेष दोनों सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ी गयी हैं। इस घटनाक्रम से नाराज साहनी ने घोषणा की कि वह सिमरी बख्तियारपुर से मैदान में उतरेंगे और नाथनगर में मांझी के उम्मीदवार का समर्थन करेंगे।

अररिया (बिहार)। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शुक्रवार को लालू प्रसाद के छोटे बेटे तेजस्वी यादव पर एक बार फिर निशाना साधा और आरोप लगाया कि उन्होंने महागठबंधन को विघटन के कगार पर पहुंचा दिया है। मांझी ने यह भी दावा किया कि तेजस्वी राज्य में राजग की मदद कर रहे हैं।राजद की अगुवाई वाले पांच दलों के महागठबंधन में कांग्रेस के अलावा मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा, पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा और बॉलीवुड सेट डिजाइनर से नेता बने मुकेश साहनी की वीआईपी शामिल है। राज्य में अगले महीने लोकसभा की एक और विधानसभा की पांच सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं और उसके पहले ही महागठबंधन में उठापटक हो रही है। 

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पार्टी के सदस्यता अभियान के सिलसिले में यहां आए मांझी ने कहा, ‘‘ अगर महागठबंधन टूटता है तो इसके लिए तेजस्वी यादव जिम्मेदार होंगे, कोई और नहीं। युवा नेता, जाने या अनजाने राजग की मदद कर रहे हैं और गठबंधन के मकसद को नाकाम बना रहे हैं।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ऐसा नहीं है कि मैंने कोई अनुचित मांग की है। सभी घटक दल नाथनगर विधानसभा सीट पर मेरे दावे के समर्थन में थे। लेकिन राजद ने एकतरफा फैसला लेते हुए नाथनगर सहित चार सीटों के लिए टिकट आवंटित कर दिया।’’ राजद ने उपचुनावों के लिए औपचारिक रूप से अपने उम्मीदवारों की घोषणा अभी नहीं की है लेकिन ऐसी अपुष्ट खबरें हैं कि उसने किशनगंज विधानसभा सीट और समस्तीपुर लोकसभा सीट छोड़ कर अन्य क्षेत्रों के लिए टिकटों का वितरण कर दिया है। 

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शेष दोनों सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ी गयी हैं। इस घटनाक्रम से नाराज साहनी ने घोषणा की कि वह सिमरी बख्तियारपुर से मैदान में उतरेंगे और नाथनगर में मांझी के उम्मीदवार का समर्थन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राजद के अलग होने पर भी गठबंधन बना रहेगा। राजद की सबसे पुरानी सहयोगी कांग्रेस असमंजस की स्थिति में दिख रही है और उसकी प्रदेश इकाई ने हाल ही में एक प्रस्ताव किया था कि पार्टी को लंबे समय में खुद को मजबूत बनाने का लक्ष्य रखना चाहिए और उपचुनाव अकेले लड़ना चाहिए।वह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए पार्टी हाईकमान को भेज दिया गया है।





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