मेरठ के शहीद मेजर मयंक का पुरे सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार,पिता ने दी मुखाग्नि

मेरठ के शहीद मेजर मयंक का पुरे सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार,पिता ने दी मुखाग्नि

कश्मीर में 44 राष्ट्रीय राइफल में तैनात मेजर मयंक 27 अगस्त को आतंकी हमले में घायल हुए थे। 27 अगस्त 2021 को जम्मू कश्मीर के शोपियां में आतंकियों से लोहा लेते हुए मेजर मयंक विश्नोई को सिर में गोली लगी। जिसके बाद सेना के अधिकारियों ने गंभीर हालत में मेजर को उधमपुर के सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया। शनिवार को वह वीरगति को प्राप्त हो गए। रविवार को जम्मू कश्मीर से दिल्ली विमान ने उनका पार्थिव शरीर लाया गया। जहां से सड़क मार्ग से मेरठ लाया गया।

जम्मू कश्मीर में आतंकियों से मोर्चा लेते शहीद हुए मेजर मयंक विश्नोई को रविवार को सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। सूरजकुंड श्मशान स्थल पर अंतिम संस्कार में शहीद की एक झलक के लिए काफी भीड़ रही। भारत माता की जय, वंदे मातरम, पाकिस्तान मुर्दाबाद, हिन्दुस्तान जिंदाबाद, भारतीय सेना की जय, जब तक सूरज चांद रहेगा मेजर तेरा नाम रहेगा, जैसे जयकारे गूंजते रहे। सैनिक सम्मान के बीच पिता रिटायर्ड सूबेदार वीरेंद्र विश्नोई ने शहीद बेटे को मुखाग्नि दी।

शहीद की अंतिम झलक पाने के लिए सुबह से ही कंकरखेड़ा और आसपास के इलाके में लोग इंतजार कर रहे थे। पार्थिव शरीर घर के बाहर पहुंचा तो लोगों की आंखें नम हो गईं। उधर, परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। सेना के अधिकारी परिवार के लोगों को संभालते रहे। यहां से शहीद मेजर मयंक विश्नोई की अंतिम विदाई यात्रा शुरू होकर 14 किलोमीटर दूर सूरजकुंड स्थित मुख्य श्मशान घाट पहुंचीं। 

कश्मीर में 44 राष्ट्रीय राइफल में तैनात मेजर मयंक 27 अगस्त को आतंकी हमले में घायल हुए थे। 27 अगस्त 2021 को जम्मू कश्मीर के शोपियां में आतंकियों से लोहा लेते हुए मेजर मयंक विश्नोई को सिर में गोली लगी। जिसके बाद सेना के अधिकारियों ने गंभीर हालत में मेजर को उधमपुर के सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया। शनिवार को वह वीरगति को प्राप्त हो गए। रविवार को जम्मू कश्मीर से दिल्ली विमान ने उनका पार्थिव शरीर लाया गया। जहां से सड़क मार्ग से मेरठ लाया गया। 

कंकरखेड़ा में शिवलोकपुरी स्थित आवास पर मेजर मयंक विश्नोई के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम रहा। मुख्यमंत्री की ओर से 50 लाख रुपये का चेक कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल और सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने स्वजन को सौंपा। शाम को पार्थिव शरीर सूरजकुंड श्मशान स्थल पहुंचा। सेना के पश्चिम यूपी के जीओसी, डिप्टी जीओसी सहित अन्य सेना के अधिकारियों ने शहीद मेजर को सलामी दी। फिर पूरे सैनिक सम्मान के साथ शहीद मेजर को विदाई दी गई। अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रतिनिधि के तौर पर कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल, सांसद राजेंद्र अग्रवाल, कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य लोग, जन सामान्य, युवा, महिलाएं, बच्चे और प्रशासनिक अधिकारी शरीक रहे।





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