• मेरठ: अस्पतालों में डेंगू के सक्रिय मरीजो की संख्या बड़ी स्वस्थ विभाग ने घर घर शुरू किया सर्वे

पश्चिमी उप्र के कई जिले इस समय रहस्यमयी बुखार की चपेट में हैं। जांच में ज्यादातर मरीजों में डेंगू मिला। जबकि बुखार से पीड़ित कई मरीजों में स्क्रब टाइफस एवं जापानी इंसेफ्लाइटिस की भी पुष्टि की गई। आगरा एवं आसपास के जिलों में फैले रहस्यमयी बुखार से स्वास्थ्य विभाग ने कोई सबक नहीं लिया। नतीजा यह हुआ कि जिले में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

मेरठ,पश्चिमी उप्र के कई जिले इस समय रहस्यमयी बुखार की चपेट में हैं। जांच में ज्यादातर मरीजों में डेंगू मिला। जबकि बुखार से पीड़ित कई मरीजों में स्क्रब टाइफस एवं जापानी इंसेफ्लाइटिस की भी पुष्टि की गई। आगरा एवं आसपास के जिलों में फैले रहस्यमयी बुखार से स्वास्थ्य विभाग ने कोई सबक नहीं लिया। नतीजा यह हुआ कि जिले में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।वायरस ने भले ही अब तक कोई घातक तेवर नहीं दिखाया, लेकिन संक्रमण फैला तो व्यवस्था चरमरा सकती है।

 

मेरठ में डेंगू के मरीजों की संख्या है की लगातार बढ़ती जा रही है। जिले में सोमवार को 15 नए मरीज मिले। अब तक 94 केस  मिल चुके हैं, इनमें 51 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 43 ठीक हो चुके हैं। जो नए मरीज मिले हैं, वे रजबन, कसेरू बक्सर, मलियाना, रोहटा, लखीपुरा और जानी के रहने वाले हैं।

जिला मलेरिया विभाग का दावा है कि घर-घर पात्रों, गमलों, कूलरों एवं नालियों में अटके पानी में लार्वा की खोज की जा रही है। मलेरिया विभाग की टीम को घर-घर किए जा रहे सर्वे अभियान में सैनिक विहार और रोहटा रोड स्थित सरस्वती विहार कालोनी के नौ घरों में लार्वा मिला। यहां नौ नोटिस दिए गए हैं। चेतावनी दी गई है कि एक सप्ताह के भीतर फिर से निरीक्षण किया जाएगा, अगर दोबारा लार्वा मिला तो जुर्माना लगाया जाएगा। यहां कूलर और गमलों आदि में लार्वा मिला।

रविवार को तो एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज का ब्वायज हॉस्टल मच्छरों के लार्वा से भरा पड़ा मिला था। 24 कूलरों में लार्वा था। फाजिलपुर, अनूपनगर और न्यू सैनिक विहार कालोनी में 34 घरों में मच्छरों का लार्वा मिला था। 

जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में मरीजों की कतारें लग रही हैं। सोमवार को दोनों अस्पतालों में ओपीडी में तीन हजार से ज्यादा मरीज पहुंचे। पर्चा काउंटर पर लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करते दीखते हैं, इससे तीसरी लहर आने का अंदेशे को और भी बल मिलता है। क्योकि यह लापरवाही है, इससे दिक्कत हो सकती है क्योंकि, ज्यादा तर मरीज बुखार, खांसी, जुकाम और त्वचा रोगों आदि के आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की 1316 टीमों ने सोमवार को घर-घर जाकर (डोर टू डोर) 68989 घरों का सर्वे किया। इनमें 321 लोग बुखार से पीड़ित मिले।

मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डा. अरविंद ने बताया कि ओपीडी में ज्यादातर बुखार के मरीज हैं। सामान्य फ्लू तेजी से फैला है। मरीजों में छींक, सर्दी, जुकाम, खांसी एवं थकान के लक्षणों के साथ ही कई में आंख में दर्द के साथ लाल चकते भी मिले। इनमें डेंगु होने की आशंका बनी रहती है। स्किन पर लाल चकत्तों के साथ भूख में कमी, पेट में दर्द, लिवर एवं किडनी में सूजन मिले तो ये खतरनाक लक्षण मने जाते हैं।