कोरोना की तीसरी लहर को लेकर उत्तराखंड में बैठक, मुख्यमंत्री आवास भी कोविड के लिए होगा तैयार

कोरोना की तीसरी लहर को लेकर उत्तराखंड में बैठक, मुख्यमंत्री आवास भी कोविड के लिए होगा तैयार

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर से मुकाबला करने के लिए राज्य सरकार के ढुलमुल रवैये पर बुधवार को फटकार लगाई और कहा कि सरकार अदालत को मूर्ख बनाना बंद करे और जमीनी सच्चाई बताए।

कोरोना वायरस की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच उत्तराखंड में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में कोविड-19 की तीसरी लहर के संदर्भ में चर्चा की गई तथा तैयारियों पर जोर दिया गया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने तीसरी लहर के लिए इतनी तैयारियां की हैं कि अगर यह आ गया तो हमें कोई दिक़्क़त नहीं होगी। मैं अपना मुख्यमंत्री आवास भी कोविड के लिए तैयार करने जा रहा हूं। गौरतलब है कि कुंभ के दौरान उत्तराखंड में अचानक कोरोना वायरस के मामले बढ़ने लगे थे। हालांकि राज्य में फिलहाल कोरोना संक्रमण के मामले कंट्रोल में दिखाई दे रहे हैं।

दूसरी ओर उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर से मुकाबला करने के लिए राज्य सरकार के ढुलमुल रवैये पर बुधवार को फटकार लगाई और कहा कि सरकार अदालत को मूर्ख बनाना बंद करे और जमीनी सच्चाई बताए। उच्च न्यायालय ने कड़े शब्दों में सरकार से कहा, ‘‘ मुख्य न्यायाधीश को ये ना बताएं कि उत्तराखंड में राम राज्य है और हम स्वर्ग में रहते हैं।सरकार को वायरस के डेल्टा प्रकार से निपटने के लिए तैयारियां करनी चाहिए जो कि विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी अन्य प्रकार से अधिक तेजी से फैलता है।’’





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