महबूबा मुफ्ती ने फारूक अब्दुल्ला से कहा, जम्मू कश्मीर में सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए

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सरकार ने कहा है कि कश्मीर घाटी में आतंक रोधी प्रयासों और कानून -व्यवस्था से जुड़े मुद्दों से निपटने के लिए जवानों की तैनाती की जा रही है।

श्रीनगर। कश्मीर घाटी में केंद्रीय बलों के करीब 10,000 जवानों को भेजने के आदेश के कुछ दिन बाद पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला से जम्मू कश्मीर में मौजूदा हालात पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का आह्वान किया। मुफ्ती ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘हालिया घटनाक्रम के मद्देनजर जम्मू कश्मीर में लोगों के बीच दहशत फैल गयी है। मैंने डॉ. फारूक अब्दुल्ला साहब से सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध किया है। एक साथ होकर काम करने और एकजुट जवाब देने की जरूरत है। हम कश्मीरियों को साथ मिलकर खड़े होने की जरूरत है।’’

राज्य प्रशासन की ओर से जारी ताजा आदेश के बाद सोमवार को भी कश्मीर में हलचल तेज रही। अटकलें लगने लगी है कि केंद्र में भाजपा नेतृत्व वाली सरकार राज्य को विशेष दर्जा के संबंध में बड़ा निर्णय करने वाली है। घाटी में अनिश्चितता के बीच मुख्य धारा के राजनीतिक दलों ने केंद्र से स्पष्टीकरण मांगने को लेकर अपना प्रयास तेज कर दिया है। इसी संदर्भ में फारूक अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट का वक्त मांगा है। राजग नेतृत्व वाले केंद्र ने हाल में घोषणा की थी कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 100 और कंपनियां (10,000 जवान) राज्य में भेजी जाएंगी।

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सरकार ने कहा है कि कश्मीर घाटी में आतंक रोधी प्रयासों और कानून -व्यवस्था से जुड़े मुद्दों से निपटने के लिए जवानों की तैनाती की जा रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि केंद्र अनुच्छेद 35 ए को खत्म कर सकता है। यह अनुच्छेद राज्य के निवासियों को सरकारी नौकरी और जमीन के अधिकार के मामले में विशिष्ट अधिकार प्रदान करता है। पिछले कुछ दिनों से कश्मीर में इस तरह की अटकलें चल रही हैं। हालांकि, मुख्य धारा के राजनीतिक दलों ने विशेष दर्जा में किसी भी तरह के दखल के प्रयासों का विरोध करने की बात कही है। 

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