घर लौटे प्रवासी कामगार रोजी-रोटी की चिंता में फिर से शहरों का रुख करने पर मजबूर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जून 30, 2020   09:41
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घर लौटे प्रवासी कामगार रोजी-रोटी की चिंता में फिर से शहरों का रुख करने पर मजबूर

लाकडाउन शुरू होने से पहले पंजाब में खेतों में काम करने वाले कुशो मंडल ने कहा मेरे पास जो भी पैसा था सब खर्च हो गया। मुझे नहीं पता कि मुझे मनरेगा परियोजनाओं में काम करने के लिए जॉब कार्ड कब मिलेगा। हम कोरोना वायरस से खुद को बचाने के चक्कर में यहां रहकर भूख से ही मर जाएंगे।

पटना। लॉकडाउन के दौरान भूख एवं निराशा के कारण लाखों प्रवासी अपने सपनों के जीवंत शहरों को छोड़कर बिहार में अपने-अपने घरों को लौट गए लेकिन अब इन्हीं कारणों ने उन्हें दोबारा उन शहरों का रुख करने पर मजबूर कर दिया है जिन्हें वे कोरोना वायरस के डर से छोड़ आए थे। भूख और नाउम्मीदी उन्हें गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और पंजाब लौटने पर मजबूर कर रही है। इन प्रवासियों के नियोक्ता, जिनमें से कई ने लाकडाउन के दौरान वस्तुतः उन्हें छोड़ दिया था, उन्हें वापस लाने के लिए ट्रेन और यहां तक कि विमान के टिकट भेज रहे हैं क्योंकि कारखाने चालू हो चुकें हैं और निर्माण गतिविधि तथा बुवाई का मौसम शुरू हो गया है। अहमदाबाद, अमृतसर, सिकंदराबाद और बेंगलुरु जैसी जगहों के लिए मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें पूरी तरह भरकर चल रही हैं, जहां से कुछ समय पहले ये कामगार पैदल चलकर, साइकिल चलाकर और ट्रकों के जरिए यहां तक कि कंटेनर ट्रकों और कंक्रीट मिक्सिंग मशीन वाहन में छिपकर आनन-फानन में अपने घर लौटे थे। 

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पूर्व मध्य रेलवे मंडल के सूत्रों के अनुसार हाल के दिनों में विभिन्न ट्रेनों जैसे मुज़फ़्फ़रपुर-अहमदाबाद स्पेशल में औसतन 133 प्रतिशत, दानापुर-सिकंद्राबाद विशेष ट्रेन में 126 प्रतिशत, जयनगर-अमृतसर विशेष ट्रेन में 123 प्रतिशत, दानापुर-बेंगलुरु विशेष ट्रेन में 120 प्रतिशत, पटना-अहमदाबाद विशेष ट्रेन में 117 प्रतिशत, सहरसा-नई दिल्ली विशेष ट्रेन में 113 प्रतिशत ट्रेन में और दानापुर-पुणे विशेष ट्रेन में औसतन 102 प्रतिशत यात्री सफर कर रहे हैं। पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने पीटीआई-को बताया कि रेलवे प्रतीक्षा सूची की बारीकी से निगरानी कर रहा है और यात्रा को सुगम बनाने के लिए आरक्षण की स्थिति को जल्दी से अपडेट कर रहा है। उन्होंने कहा, अगर जरूरत पड़ी तो भारी ट्रैफिक वाले मार्गों पर और ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। पूर्व मध्य रेल में दानापुर, सोनपुर, दीनदयाल उपाध्याय, समस्तीपुर और धनबाद रेल मंडल शामिल हैं। उत्तर बिहार के दरभंगा जिले से आई एक खबर में कहा गया है कि महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और आंध्र प्रदेश की नंबर प्लेट वाली लक्जरी बसों और अन्य वाहन प्रवासियों को उनके कार्यस्थल पर वापस ले जाते हुए दिख रहे हैं। विनिर्माण, औद्योगिक सामग्री और रियल एस्टेट क्षेत्र की कई कंपनियों ने अपने कुशल और अर्ध-कुशल कर्मचारियों को वापस लाने के लिए हवाई यात्रा की भी व्यवस्था की है। 

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लाकडाउन शुरू होने से पहले पंजाब में खेतों में काम करने वाले आनंदपुर गांव के कुशो मंडल ने कहा मेरे पास जो भी पैसा था सब खर्च हो गया। मुझे नहीं पता कि मुझे मनरेगा परियोजनाओं में काम करने के लिए जॉब कार्ड कब मिलेगा। हम कोरोना वायरस से खुद को बचाने के चक्कर में यहां रहकर भूख से ही मर जाएंगे।” पंजाब के खेतों में काम करने वाले एक अन्य मजदूर रतियारी-खिरिकपुर गाँव निवासी राजीव चौपाल ने कहा, “मैं पंजाब में अपने नियोक्ता के खेत में लौट रहा हूं। उन्होंने मुझे अच्छे पैसे देने का वादा किया है ”। उन्होंने कहा कि उन्हें एक एकड़ खेत पर 3,500 रुपये जो कि प्रकोप से पहले की दर थी, के बदले धान के पौधे लगाने के लिए 5,000 रुपये की पेशकश की जा रही है। उनके परिवारों को भी 15,000-20,000 रुपये एडवांस में दिए जा रहे हैं। मंडल और चौपाल जैसे लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ग्रामीण आजीविका को प्रोत्साहन देने के लिए 50,000 करोड़ रुपये के गरीब कल्याण रोज़गार अभियान के शुभारंभ के बावजूद अपने पुराने कार्यस्थलों के लिए लौट रहे हैं। मिशन के रूप में शुरू किया गया यह अभियान बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा और झारखंड के 25,000 से अधिक प्रवासी श्रमिकों वाले 116 जिलों में लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि राज्य के 20 लाख से अधिक मूल निवासी लॉकडाउन के दौरान वापस आ गए हैं और यह अभियान प्रवासियों के लिए रोजगार पैदा करने के उनकी सरकार के प्रयासों का पूरक होगा। उन्होंने प्रवासियों को उनके गांवों में काम देने का वादा किया था ताकि वे आजीविका के लिए दूसरे राज्यों में वापस जाने को मजबूर न हों। हालांकि, यह वादा, बिहार के प्रवासी मजदूरों के बीच विश्वास बहाल करने में विफल रहा जो वर्षों से दिल्ली, महाराष्ट्र, कोलकाता, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पंजाब और हरियाणा के कारखानों और खेतों में काम कर रहे थे। रतियारी गांव के पृथ्वी मुखिया ने कहा, “पंजाब से लौटे हुए अभी डेढ़ महीना हो गया है। मुझे काम पाने के लिए अभी तक जॉब कार्ड नहीं मिला है। अगर मुझे यह मिल भी जाता है, तो भी मुझे मजदूरी के रूप में एक दिन में 192 रुपये मिलेंगे। मुझे पंजाब के खेतों में काम कर इससे बहुत-बहुत ज्यादा पैसा मिलेगा। अरवल जिले के चुल्हान बीघा गांव के विशाल कुमार जो कि अपने घर वापस आने से पहले मुंबई में एक दुकान पर काम करते थे, ने कहा, अब तक उपयुक्त नौकरी पाने में सफल नहीं हो पाया हूं। मैं कुछ और समय तक प्रतीक्षा करूंगा। अगर मुझे काम नहीं मिल पाता है, तो मैं लौट जाऊंगा। मेरा नियोक्ता मुझे प्रति माह 16,000 रुपये का वेतन दे रहा था। उसने मुझे कहा था कि मैं कभी भी आ सकता हूं और ड्यूटी फिर से शुरू कर सकता हूं। 

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अधिक गरीबी और कम कीमत पर मजदूरों की उपलब्धता के कारण बिहार हमेशा से बाहर के उद्यमियों के लिए एक पसंदीदा भूमि रही है जो इन श्रमिकों को अपने कारखानों और खेतों में वापस लाने के लिए तरह तरह के प्रलोभन का सहारा ले रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेंगलुरु की एक रियल एस्टेट कंपनी बढ़ई का काम करने वाले एक समूह को चार्टर्ड फ्लाइट से पटना से हैदराबाद ले गई है। चेन्नई स्थित एक अन्य रियल एस्टेट कंपनी ने पटना से 150 कुशल श्रमिकों को ले जाने के लिए विमान किराए पर लिया था। मई के पहले सप्ताह में ही 200 से अधिक कामगार, जो होली के अवसर पर बिहार आए थे और लॉकडाउन के कारण वापस नहीं जा सके थे, वे तेलंगाना लौट गए थे। एक कहावत के अनुसार घर वही है जहां दिल लगे लेकिन भूख भी एक वास्तविकता है जो कोई सीमा नहीं जानती है- भयावह कोरोना वायरस के कारण खड़ी की गई सीमा को भी नहीं- क्योंकि आजादी के बाद के सबसे बड़े पलायन की पीड़ा को पीछे छोड हजारों लोग बिहार से अपने कार्यस्थलों को लौटने लगे हैं।





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नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


पन्ना में बनेगा नवीन श्रमोदय आवासीय विद्यालय, 130 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान: श्रम मंत्री

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 19, 2021   23:13
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पन्ना में बनेगा नवीन श्रमोदय आवासीय विद्यालय, 130 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान: श्रम मंत्री

मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने मण्डल द्वारा संचालित औजार/उपकरण योजना में संशोधन का अनुमोदन किया। बैठक में श्रमोदय आवासीय विद्यालयों में मैस संचालन के लिए निविदा प्रक्रिया किये जाने, मण्डल कार्यालय एवं श्रम कार्यालयों में आउटसोर्स पर हाउसकीपिंग, सिक्योरिटी एवं अन्य स्टाफ रखने की स्वीकृति प्रदान की गई।

भोपाल।मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में जल्द ही नवीन श्रमोदय आवासीय विद्यालय का निर्माण किया जाएगा। राज्य के श्रम मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि पन्ना में श्रमिकों के बच्चों के लिए नवीन श्रमोदय आवासीय विद्यालय का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए वर्ष 2020-21 में राशि 130 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि पन्ना जिले में शिक्षा की उचित व्यवस्था न होने के कारण बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को पन्ना जिले से बाहर अन्य बड़े शहरों में जाकर शिक्षा ग्रहण करने जाना पड़ता है, पन्ना जिले में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को पन्ना में ही उच्च शिक्षा प्राप्त हो, इसके लिए शीघ्र ही नवीन श्रमोदय आवासी विद्यालय का निर्माण किया जायेगा।

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यह बातें उन्होंने मंगलवार को मध्य प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मण्डल की 32वीं. बैठक को संबोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि निर्माण श्रमिक पंजीयन तथा मण्डल की कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाये। इसके लिए 10 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को परिचय पत्र (स्मार्ट कार्ड) प्रदाय किये जायें। उन्होंने निर्देश दिये कि मण्डल की विभिन्न योजनाओं में समय-समय पर वांछित संशोधन, संचालन तथा पर्यवेक्षण में परामर्श के लिए कन्सलटेंट की सेवायें ली जायें। उन्होंने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए संचालित कौशल प्रशिक्षण योजना 2012 में संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन किया।

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मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने मण्डल द्वारा संचालित औजार/उपकरण योजना में संशोधन का अनुमोदन किया। बैठक में श्रमोदय आवासीय विद्यालयों में मैस संचालन के लिए निविदा प्रक्रिया किये जाने, मण्डल कार्यालय एवं श्रम कार्यालयों में आउटसोर्स पर हाउसकीपिंग, सिक्योरिटी एवं अन्य स्टाफ रखने की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा श्रमोदय आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत श्रमिकों के बच्चों कों गणवेश उपलब्ध करवाने एवं अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों का अनुमोदन किया। बैठक में श्रम विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव, श्रमायुक्त आशुतोष अवस्थी, श्रम विभाग के उप सचिव छोटे सिंह एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।





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मध्य प्रदेश में कोरोना के 304 नये मामले, 07 लोगों की मौत

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 19, 2021   22:54
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मध्य प्रदेश में कोरोना के 304 नये मामले, 07 लोगों की मौत

बुलेटिन के अनुसार, मंगलवार को प्रदेशभर में 22,690 सेम्पलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें 304 पॉजिटिव और 22,386 रिपोर्ट निगेटिव आईं, जबकि 112 सेम्पल रिजेक्ट हुए। पाजिटिव प्रकरणों का प्रतिशत 1.3 रहा। इसके बाद राज्य में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 2,51,882 से बढ़कर 2,52,186 हो गई है।

भोपाल। मध्य प्रदेश में कोरोना के नये मामलों में लगातार कमी देखने को मिल रही है। यहां बीते 24 घंटों में कोरोना के 304 नये मामले सामने आए हैं, जबकि 07 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या दो लाख 52 हजार 186 और मृतकों की संख्या 3763 हो गई है। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा मंगलवार देर शाम जारी कोरोना से संबंधित हेल्थ बुलेटिन में दी गई। नये मामलों में इंदौर-35, भोपाल-74, बैतूल-27 के अलावा अन्य जिलों में 20 से कम मरीज मिले हैं। इनमें 08 जिले ऐसे भी हैं, जहां आज नये प्रकरण शून्य रहे।

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बुलेटिन के अनुसार, मंगलवार को प्रदेशभर में 22,690 सेम्पलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें 304 पॉजिटिव और 22,386 रिपोर्ट निगेटिव आईं, जबकि 112 सेम्पल रिजेक्ट हुए। पाजिटिव प्रकरणों का प्रतिशत 1.3 रहा। इसके बाद राज्य में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 2,51,882 से बढ़कर 2,52,186 हो गई है। इनमें सबसे अधिक इंदौर में 57,097, भोपाल-41,707, ग्वालियर 16,312, जबलपुर 16,057, खरगौन 5343, सागर 5289, उज्जैन 4883, रतलाम-4622, रीवा-4069, धार-4040, होशंगाबाद 3782, शिवपुरी-3618, विदिशा-3575, नरसिंहपुर 3488, सतना-3432, बैतूल 3484, मुरैना 3226, बालाघाट-3124, नीमच 3004, शहडोल 2968, देवास-2892, बड़वानी 2863, मंदसौर 2811, छिंदवाड़ा 2796, सीहोर-2766, दमोह-2729, झाबुआ 2480, रायसेन-2445, राजगढ़-2383, खंडवा 2313, कटनी 2227, छतरपुर-2089, अनूपपुर 2083, हरदा 2107, सीधी 1992, सिंगरौली 1900, दतिया 1884, शाजापुर 1769, सिवनी 1561, गुना-1536, भिण्ड-1494, श्योपुर 1466, टीकमगढ़ 1293, अलीराजपुर 1283, उमरिया 1295, मंडला-1214, अशोकनगर-1125, पन्ना 1110, डिंडौरी 972, बुरहानपुर 862, निवाड़ी 674 और आगरमालवा 652 मरीज शामिल हैं।

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राज्य में आज कोरोना से 07 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में इंदौर-ग्वालियर के दो-दो और भोपाल, छिंदवाड़ा व दमोह के एक-एक मरीज शामिल हैं। इसके बाद राज्य में कोरोना से मरने वालों की संख्या 3756 से बढ़कर 3763 हो गई है। मृतकों में सबसे अधिक इंदौर के 920, भोपाल 599, ग्वालियर-219, जबलपुर-249, खरगौन-102, सागर-149, उज्जैन 104, रतलाम-79, धार-58, रीवा-35, होशंगाबाद-61, शिवपुरी-30, विदिशा-71, नरसिंहपुर-30, सतना-42, मुरैना-29, बैतूल-73, बालाघाट-14, शहडोल-30, नीमच-37, देवास-27, बड़वानी-28, छिंदवाड़ा-44, सीहोर-48, दमोह-82, मंदसौर-35, झाबुआ-27, रायसेन-46, राजगढ़-63, खंडवा-63, कटनी-17, हरदा-35, छतरपुर-32, अनूपपुर-14, सीधी-13, सिंगरौली-26, दतिया-20, शाजापुर-22, सिवनी-10, भिण्ड-10, गुना-26, श्योपुर-14, टीकमगढ़-27, अलीराजपुर-15, उमरिया-17, मंडला-10, अशोकनगर-17, पन्ना-04, डिंडौरी-01, बुरहानपुर-27, निवाड़ी-02 और आगरमालवा-10 व्यक्ति शामिल है।बुलेटिन में राहत की खबर यह है कि राज्य में अब तक 2,42,691 मरीज कोरोना को मात देकर अपने घर पहुंच चुके हैं। इनमें 725 मरीज मंगलवार को स्वस्थ हुए। अब प्रदेश में कोरोना के सक्रिय प्रकरण 5,732 हैं।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


मध्य प्रदेश के बैतूल में 13 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 19, 2021   22:28
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मध्य प्रदेश के बैतूल में 13 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार

पीड़ित किशोरी जब देर रात तक घर नहीं पहुंची तो उसके परिजन उसे ढूंढते हुए अपने खेत पर पहुंचे। ढूंढते हुए बड़ी बहन जब नाले के पास पहुंची तो उसे पत्थरों के नीचे से कराहने की आवाज आई। उसने अपने पापा को आवाज दी। दोनों ने मिलकर जब पत्थरों पर रखे कांटे ओर बड़े-बड़े पत्थरों को हटाया तो नीचे नाबालिग किशोरी मिली।

बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की घोड़ाडोंगरी तहसील अंतर्गत सारणी पुलिस थाना क्षेत्र में सोमवार शाम को 13 साल की अनुसूचित जाति की किशोरी से बलात्कार कर उसे नाले में जिंदा दफनाने का मामला सामने आया था। पीड़ित किशोरी के परिजन उसे तलाश करते हुए जब नाले के पास पहुंचे तो वह पत्थरों के नीचे दफन मिली। परिजन उसे तुरंत घोड़ाडोंगरी अस्पताल लेकर पहुंचे और पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलने पर घोड़ाडोंगरी पुलिस भी अस्पताल पहुंची साथ ही सारणी एसडीओपी अभय राम चौधरी, सारणी थाना प्रभारी महेंद्र सिंह चौहान, एसआई अलका राय एवं घोडाडोंगरी चौकी प्रभारी रवि शाक्य अस्पताल पहुंचे। जिसके बाद पुलिस ने पीड़िता के बयान लिए। वही इस मामले के आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया  है।

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पुलिस अधीक्षक बैतूल सिमाला प्रसाद ने मंगलवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित किशोरी ने पुलिस को बताया कि वह सोमवार शाम को अपने खेत में मोटर बंद करने गई हुई थी। वहां उसके खेत से लगे हुए खेत के मालिक सुनील वर्मा (38) ने उसको अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपित की हैवानियत इतने पर ही खत्म नहीं हुई। दुष्कर्म करने के बाद आरोपित ने किशोरी को नाले में जिंदा दफना कर पत्थरों से ढंक दिया और उस पर कांटे की झाड़ियां भी डाल दी।

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पीड़ित किशोरी जब देर रात तक घर नहीं पहुंची तो उसके परिजन उसे ढूंढते हुए अपने खेत पर पहुंचे। ढूंढते हुए बड़ी बहन जब नाले के पास पहुंची तो उसे पत्थरों के नीचे से कराहने की आवाज आई। उसने अपने पापा को आवाज दी। दोनों ने मिलकर जब पत्थरों पर रखे कांटे ओर बड़े-बड़े पत्थरों को हटाया तो नीचे नाबालिग किशोरी मिली। जिसे बाहर निकाला गया और घोड़ाडोंगरी अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। किशोरी की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहीं पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने थाना सारणी में धारा 376 (3), 323, 324 पॉस्को एक्ट, एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


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