80 प्रतिशत से अधिक गेहूं फसल की कटाई, पुणे में तेजी से बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले: गृह मंत्रालय

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अप्रैल 27, 2020   20:25
80 प्रतिशत से अधिक गेहूं फसल की कटाई, पुणे में तेजी से बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले: गृह मंत्रालय

श्रीवास्तव ने कहा कि तिलहन और दलहन की खरीद चल रही है। उन्होंने कहा कि ‘किसान रथ’ मोबाइल ऐप ने लॉकडाउन के दौरान किसानों और व्यापारियों के बीच खरीद तथा बिक्री को आसान किया है। 80 हजार से अधिक किसान और 70 हजार व्यापारियों ने ऐप पर पंजीकरण कराया है।

नयी दिल्ली। सरकार की एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा कि देश में गेहूं की 80 प्रतिशत से अधिक फसल की कटाई हो चुकी है और अब अधिकतर मंडियों में काम हो रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने संवाददाताओं से कहा कि देश में अब तक दो करोड़ से अधिक लोगों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत जल संरक्षण और सिंचाई कार्यों में रोजगार मिला है। उन्होंने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि 80 प्रतिशत गेहूं की फसल की कटाई हो चुकी है, वहीं इस समय में देश में करीब 2,000 या 80 प्रतिशत बड़ी मंडियों में काम हो रहा है। श्रीवास्तव ने कहा कि एक सर्वेक्षण के अनुसार देश में करीब 60 प्रतिशत खाद्य-प्रसंस्करण इकाइयां संचालित हैं। इनके अलावा विशेष आर्थिक क्षेत्रों (सेज) में अब 2825 इकाइयां तथा करीब 350 निर्यातोन्मुखी इकाइयां चालू हैं। अधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्य, ईंट भट्टे और सड़क परियोजनाएं शुरू हो गयी हैं और स्थानीय तथा प्रवासी मजदूरों को फिर से रोजगार मिल रहा है। श्रीवास्तव ने कहा कि तिलहन और दलहन की खरीद चल रही है। उन्होंने कहा कि ‘किसान रथ’ मोबाइल ऐप ने लॉकडाउन के दौरान किसानों और व्यापारियों के बीच खरीद तथा बिक्री को आसान किया है। 80 हजार से अधिक किसान और 70 हजार व्यापारियों ने ऐप पर पंजीकरण कराया है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘महत्वपूर्ण बात यह है कि इन गतिविधियों को संचालित करते समय हम सतर्कता बरतें और सामाजिक-दूरी बनाने, मास्क पहनने के नियमों का पालन करें तथा साफ-सफाई रखें।’’ उन्होंने संवाददाताओं को अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दलों (आईएमसीटी) के कार्यों तथा सिफारिशों के बारे में बताया जिन्हें पुणे और जयपुर जैसे कुछ बुरी तरह प्रभावित स्थानों पर भेजा गया था। श्रीवास्तव ने कहा कि इन दोनों जिलों में स्थानीय प्रशासन कोविड-19 से निपटने के लिए मेहनत से काम कर रहा है और महाराष्ट्र में मुंबई के बाद सबसे बुरी तरह प्रभावित पुणे में संक्रमण के मामले दोगुने होने की दर चिंता का विषय बनी हुई है। पुणे में केंद्रीय दल ने पिंपरी-चिंचवाड़, खराडवाडी और बारामती के नियंत्रण क्षेत्रों का दौरा किया। श्रीवास्तव के अनुसार पता चला कि पुणे में कोविड-19 के मामले सात दिन में दोगुने हो रहे हैं और यह दर बाकी देश से थोड़ी उच्च है। देश में जहां 23 नमूनों में से एक में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हो रही है वहीं पुणे में नौ नमूनों में एक मरीज सामने आ रहा है। 

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श्रीवास्तव के अनुसार टीम ने सुझाव दिया कि अति जोखिम वाले लोगों की जल्द पहचान कर जांच और संपर्कों का पता लगाने का काम तेज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन झुग्गियों, बाजारों और अन्य स्थानों पर सामाजिक दूरी के नियमों का कड़ाई से पालन कराने की जरूरत है जहां इन्हें नहीं अपनाया जा रहा है। उन्होंने पुणे के लिए आईएमसीटी की सिफारिश का जिक्र करते हुए कहा कि झुग्गी बस्तियों में घरों में पृथक-वास के बजाय संस्थागत पृथक-वास जरूरी है। श्रीवास्तव ने कहा कि पुणे में डॉक्टर, अर्द्धचिकित्सा कर्मी, पुलिस कर्मी, सब्जी विक्रेता और अन्य आवश्यक सेवा प्रदाता दुकानदार आदि कोविड-19 से संक्रमित पाये गए हैं। उन्होंने कहा कि चिंता की बात है कि वे रोजाना कई लोगों के संपर्क में आते हैं। आईएमसीटी ने सुझाया कि सुनिश्चित होना चाहिए कि अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले कर्मी नियमों का कड़ाई से पालन करें ताकि वे सेवाएं देते समय वायरस के वाहक नहीं बनें। उन्होंने कहा, ‘‘आईएमसीटी को पता चला कि दोनों जिलों (पुणे और जयपुर) में स्थानीय प्रशासन समर्पण के साथ काम कर रहा है और इन सुझावों के साथ वे हालात को बेहतर कर पाएंगे।’’ श्रीवास्तव ने कहा कि कोविड-19 की कड़ी को केवल लॉकडाउन के नियमों का कड़ाई से पालन करके तोड़ा जा सकता है और इसके लिए महत्वपूर्ण है कि राज्य सरकारें उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।





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