साझी विरासत की बात, मोदी का मैत्री संवाद, इन 6 MoU पर हुए साइन

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@narendramodi
अभिनय आकाश । May 16, 2022 7:54PM
पीएम मोदी ने कहा कि जनकपुर में मैंने कहा था कि नेपाल के बिना हमारे राम भी अधूरे हैं। मुझे पता है कि आज जब भारत में भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बना है तो नेपाल के लोग भी उतने ही खुश हैं।

बुद्ध जयंती के अवसर पर, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों को गहरा करने के इरादे से नेपाल में लुंबिनी का दौरा किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नेपाल के बिना भगवान राम भी अधूरे हैं। भारत और नेपाल के बीच घनिष्ठ संबंधों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भारत में भव्य भगवान राम मंदिर बनने पर नेपाल के लोग भारतीयों की तरह खुश हैं। पीएम मोदी ने कहा कि जनकपुर में मैंने कहा था कि नेपाल के बिना हमारे राम भी अधूरे हैं। मुझे पता है कि आज जब भारत में भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बना है तो नेपाल के लोग भी उतने ही खुश हैं।

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प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के प्रमुख बिंदु

नेपाल के लुंबिनी में बोलते हुए, पीएम मोदी ने कहा, "भारत में सारनाथ, बोधगया और कुशीनगर से लेकर नेपाल में लुंबिनी तक, ये पवित्र स्थान हमारी साझा विरासत और साझा मूल्यों के प्रतीक हैं। हमें इस विरासत को एक साथ विकसित करना है और इसे और समृद्ध करना है। "पीएम मोदी ने कहा कि जिस शहर में उनका जन्म हुआ, गुजरात का वडनगर भी सदियों पहले बौद्ध शिक्षा का एक बड़ा केंद्र था। "आज भी, प्राचीन अवशेष वहां पाए जाते हैं और संरक्षण कार्य चल रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि नेपाल दुनिया के कई पवित्र तीर्थों, मंदिरों और मठों का देश है। नेपाल वह देश है जो दुनिया की प्राचीन सभ्यता और संस्कृति को संरक्षित करता है। भारत-नेपाल संबंधों पर, उन्होंने कहा, "भारत और नेपाल के बीच बढ़ती और मजबूत होती दोस्ती आज जिस तरह की वैश्विक स्थिति के बीच पूरी मानवता के लाभ के लिए काम करेगी। भगवान बुद्ध की भक्ति हमें एक साथ बांधती है, हमें सदस्य बनाती है।

छह एमओयू पर साइन हुए 

बैठक के बाद कुछ समझोते/सहमति पत्र पर हस्तक्षर किये गए। इसमें भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) और लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालय के बीच डॉ. अंबेडकर बौद्ध अध्ययन पीठ की स्थापना के लिये सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये गए। आईसीसीआर और सीएएनएस त्रिभुवन विश्वविद्यालय के बीच भारतीय अध्ययन पर आईसीसीआर पीठ की स्थापना के लिये सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये गए।भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और काठमांडू विश्वविद्यालय के बीच भी भारतीय अध्ययन पर आईसीसीआर पीठ की स्थापना के लिये सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये गए। इसके साथ ही, नेपाल के काठमांडू विश्वविद्यालय तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास के बीच भी एक समहति पत्र पर हस्ताक्षर किये गए। दोनों संस्थानों के बीच पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर पर कार्यक्रम के लिये संयुक्त डिग्री के लिये समझौता पत्र (एलओए) पर हस्ताक्षर किये गए। वहीं, एसजेएनवी लिमिटेड और नेपाल विद्युत प्राधिकार के बीच अरूण4 परियोजना के विकास एवं उसे लागू करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। 

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