सामुदायिक रेडियो अल्फाज़-ए-मेवात पर नई रेडियो श्रृंखला टीबी चैलेंज: टीबी हारेगा, देश जीतेगा का आगाज

radio
PR
इसी दिशा में सामुदायिक रेडियो अल्फाज़-ए-मेवात एफ एम 107.8 ने स्मार्ट संस्था के सहयोग से नई रेडियो श्रृंखला “टीबी चैलेंज : टीबी हारेगा, देश जीतेगा” की शुरुआत 21 नवम्बर 2022 से की है। जिसका उदेशय समुदाय में टीबी की बीमारी से कैसे बचा जाए, उसके लक्षण, इलाज और पोषण संबंधी जानकारी देना है। रेडियो अल्फाज़-ए-मेवात पर “टीबी चैलेंज : टीबी हारेगा, देश जीतेगा” रेडियो सीरीज हर रविवार और सोमवार सुबह 9:20 पर और शाम 7:30 बजे पर प्रसारित होगी।

भारत सहित अन्य देश अपने-अपने स्तर पर टीबी की बीमारी को खत्म करने के प्रयास कर रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2030 तक विश्व से टीबी को पूर्ण रूप से खत्म करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वहीं, भारत ने वर्ष 2025 तक टीबी को पूर्ण रूप से खत्म करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिसको पूरा करने लिए टीबी रोग के प्रति जागरूकता  होने के साथ समय पर टीबी का इलाज करवाने की ज़रूरत है।

इसी दिशा में सामुदायिक रेडियो अल्फाज़-ए-मेवात एफ एम 107.8 ने स्मार्ट संस्था के सहयोग से नई रेडियो श्रृंखला “टीबी चैलेंज : टीबी हारेगा, देश जीतेगा” की शुरुआत 21 नवम्बर 2022 से की है। जिसका उदेशय समुदाय में टीबी की बीमारी से कैसे बचा जाए, उसके लक्षण, इलाज और पोषण संबंधी जानकारी देना है। रेडियो अल्फाज़-ए-मेवात पर “टीबी चैलेंज : टीबी हारेगा, देश जीतेगा” रेडियो सीरीज हर रविवार और सोमवार सुबह 9:20 पर और शाम 7:30 बजे पर प्रसारित होगी। 

आज आईटीआई, नगीना के सभागार में एक सामुदायिक कार्यक्रम का आयोजन कर “टीबी चैलेंज : टीबी हारेगा, देश जीतेगा” रेडियो सीरीज का रेडियो अल्फाज़-ए-मेवात पर आगाज किया गया जिसमें समुदाय को समझाने का प्रयास किया कि टीबी बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है, जो हवा के जरिए एक इंसान से दूसरे में फैलती है। यह आमतौर पर फेफड़ों से शुरू होती है। सबसे कॉमन फेफड़ों की टीबी ही है लेकिन यह ब्रेन, यूटरस, मुंह, लिवर, किडनी, गला, हड्डी आदि शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है। टीबी का बैक्टीरिया हवा के जरिए फैलता है। खांसने और छींकने के दौरान मुंह-नाक से निकलने वाली बारीक बूंदों से यह इन्फेक्शन फैलता है। ऐसे में खासते समय मुँह पर रुमाल रखे. टीबी का समय रहते इलाज होना बेहद जरूरी है। इसे छिपाने की नहीं, बल्कि इस रोग के इलाज की जरूरत है।

मोहम्मद शाकिर, जिला टीबी कार्यक्रम प्रबंधक,  नूँह ने बताया टीबी से लड़ने के लिए सरकारी और गैर-सरकारी दोनों तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार ने पूरे देश में जगह-जगह डॉट्स सेंटर बनाए हैं, जहां टीबी की निशुल्क जाँच और उपचार किया जाता है। 

एम एम सहगल फाउंडेशन की प्रिंसिपल लीड - आउटरीच फॉर डेवलपमेंट व सामुदायिक रेडियो अल्फाज़-ए-मेवात की प्रतिनिधि पूजा ओबेरॉय  मुरादा ने बताया कि “इस सीरीज के माध्यम से हम समुदाय को टीबी और रोकथाम के बारे में जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि इस प्रोग्राम को सभी सुनने वाले जाने कि टीबी की बीमारी छिपाने से दूसरोँ में फैलती है और टीबी का इलाज संभव है और सरकारी अस्पतालों और टीबी सेंटरों में निशुल्क किया जाता है । हमें आशा है कि इस प्रोग्राम को सुनने वालों इस जानकारी को अपने समुदाय, गाँव में दूसरों तक लेकर जाएगे और टीबी से ग्रसित लोगों को प्रोग्राम से मिली जानकारी से लाभ पहुचा पाएगे।“

ऐसी उम्मीद है कि यह रेडियो सीरीज टीबी की बीमारी से बचाव के प्रति समुदाय में जागरूकता बढ़ाएगी और साल 2025 तक भारत से टीबी को जड़ से खत्म करने के प्रयास में सहयोग देगी, तभी ‘टीबी हारेगा देश जीतेगा’। 

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


अन्य न्यूज़