• NGT ने पेपर मिल पर प्रदूषण फैलाने के आरोप में लगाया 10 लाख का जुर्माना

अधिकरण सीतापुर के निवासी राम शरण की जे बी डारूका पेपर लिमिटेड के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। याचिका में कहा गया था कि यह इकाई दूषित जल का निष्पादन कर रही है जिससे भूजल प्रदूषित हो रहा है और मिल की चिमनी से काला धुआं निकलता है जिससे वायु प्रदूषण होता है।

नयी दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण(एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में स्थित एक पेपर मिल पर प्रदूषण फैलाने और अवैध तौर पर भूजल निकालने के आरोप में 10 लाख रुपये का अंतरिम जुर्माना लगाया। एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल के नेतृत्व में एक पीठ ने एक समिति को मुआवजे की वास्तविक राशि का आकलन करने और इस मिल को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में यह राशि जमा करने को कहा है। इसका इस्तेमाल पर्यावरण के पुनरुद्धार के लिए किया जाएगा। इस समिति का गठन एनजीटी ने ही किया है। 

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इस मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी। अधिकरण सीतापुर के निवासी राम शरण की जे बी डारूका पेपर लिमिटेड के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। याचिका में कहा गया था कि यह इकाई दूषित जल का निष्पादन कर रही है जिससे भूजल प्रदूषित हो रहा है और मिल की चिमनी से काला धुआं निकलता है जिससे वायु प्रदूषण होता है।