मणिपुर में एनआईए पर संपादक का उत्पीड़न करने का आरोप, पत्रकारों ने विरोध जताया

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इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन (आईजेयू) ने कहा कि सांध्य दैनिक ‘कांगलीपक्की मीरा’ के प्रधान संपादक श्यामजई को एनआईए ने दो अगस्त को सुबह 10 बजे अपने कार्यालय में तलब किया था। आईजेयू ने अपने बयान में आरोप लगाया कि एएमडब्ल्यूजेयू के अध्यक्ष श्यामजाई को दोपहर तक बिना बातचीत किए एक छोटे से कमरे में रखा गया और फिर उनसे भूमिगत समूहों के बारे में ‘अनर्गल’ सवाल किये गये।

इंफाल, 5 अगस्त।  मणिपुर की राजधानी इंफाल में बृहस्पतिवार को पत्रकारों ने राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (एनआईए) पर वरिष्ठ संपादक डब्ल्यू श्यामजई का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया और काम बंद रखा। ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन (एएमडब्ल्यूजेयू), एडिटर्स गिल्ड मणिपुर (ईजीएम) और मणिपुर हिल जर्नलिस्ट्स यूनियन (एमएचजेयू) के सदस्यों ने सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक केसम्पत इलाके में धरना दिया।

इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन (आईजेयू) ने कहा कि सांध्य दैनिक ‘कांगलीपक्की मीरा’ के प्रधान संपादक श्यामजई को एनआईए ने दो अगस्त को सुबह 10 बजे अपने कार्यालय में तलब किया था। आईजेयू ने अपने बयान में आरोप लगाया कि एएमडब्ल्यूजेयू के अध्यक्ष श्यामजाई को दोपहर तक बिना बातचीत किए एक छोटे से कमरे में रखा गया और फिर उनसे भूमिगत समूहों के बारे में ‘अनर्गल’ सवाल किये गये।

बयान में यह भी कहा गया कि पूछताछ शाम पांच बजे तक चली और श्यामजई के अनुसार उन्हें अगले दिन एनआईए अधिकारियों ने फिर धमकाया। ‘उत्पीड़न’ के विरोध में प्रदर्शन करते हुए प्रेस संगठनों ने राज्यपाल ला गणेशन और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने राज्यपाल और मुख्यमंत्री से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि पत्रकारों को और परेशान न किया जाए।

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