सिंघु बॉर्डर पर हत्या मामले से संयुक्त किसान मोर्चा ने झाड़ा पल्ला, कहा- इनसे हमारा कोई संबंध नहीं

सिंघु बॉर्डर पर हत्या मामले से संयुक्त किसान मोर्चा ने झाड़ा पल्ला, कहा- इनसे हमारा कोई संबंध नहीं

संयुक्त किसान मोर्चा ने बेरहमी से हुई व्यक्ति की निंदा की और कहा कि मृतक और निहंग दोनों से ही हमारा कोई संबंध नहीं है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, संयुक्त किसान मोर्चा के जगजीत सिंह ने कहा कि मोर्चा को धार्मिक मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है। इसकी जांच होनी चाहिए।

नयी दिल्ली। दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलनकारियों के मंच के पास शुक्रवार को एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है। इतना ही नहीं उस व्यक्ति का हाथ भी काट दिया गया। इस घटना के लिए निहंगों के एक समूह को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। इसी बीच संयुक्त किसान मोर्चा ने भी अपना बयान जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस हत्या की जिम्मेदारी निहंगों के समूह ने ली है। 

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निहंग से हमारा कोई लेना-देना नहीं

संयुक्त किसान मोर्चा ने बेरहमी से हुई व्यक्ति की निंदा की और कहा कि मृतक और निहंग दोनों से ही हमारा कोई संबंध नहीं है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, संयुक्त किसान मोर्चा के जगजीत सिंह ने कहा कि मोर्चा को धार्मिक मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है। इसकी जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब हम मौके पर पहुंचे तो कुछ लोग कह रहे थे कि मृतक ने मौत से पहले स्वीकार किया था कि उसे किसी ने भेजा है और उसे 30,000 रुपए भी दिए गए हैं। हालांकि इसका वीडियो सबूत नहीं है। सरकार इस मामले की गहन जांच करे।

इस घटना के एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इसमें कुछ निहंगों को जमीन पर खून से लथपथ पड़े एक व्यक्ति के पास खड़े हुए देखा गया है और उसका बायां हाथ कटा हुआ जमीन पर पड़ा है। इस वीडियो में निहंगों को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मृतक को सिखों की पवित्र किताब की बेअदबी के लिए सजा दी गई है। हालांकि प्रभासाक्षी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। 

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कहां का रहने वाला था मृतक व्यक्ति

प्राप्त जानकारी के मुताबिक मृतक तरनतारन ज़िले के चीमा खुर्द गांव का रहने वाला था और उसकी उम्र करीब 35-36 वर्ष रही होगी। वो मजदूरी का काम करता था और उसका नाम लखबीर सिंह बताया जा रहा है। वे अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखता था। 





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