नीतीश ने कहा कि बिहार में जितनी मछली उत्पादन की जरूरत है, वह लक्ष्य इस साल हासिल कर लिया जाएगा

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भोजपुर जिले के कुल्हारिया प्रखंड में अपनी सद्भावना यात्रा के दौरान मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा, पहले बिहार में बाहर से मछली लायी जा रही थी। पहले बिहार की क्या हालत थी। जब हमलोगों ने कृषि रोडमैप के तहत मछली पालन शुरु कराया तो कितना फायदा हुआ है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रदेश में जितना मछली के उत्पादन की जरूरत है, इस साल वह लक्ष्य पूरा हो जायेगा। भोजपुर जिले के कुल्हारिया प्रखंड में अपनी सद्भावना यात्रा के दौरान मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा, पहले बिहार में बाहर से मछली लायी जा रही थी। पहले बिहार की क्या हालत थी। जब हमलोगों ने कृषि रोडमैप के तहत मछली पालन शुरु कराया तो कितना फायदा हुआ है।

उन्होंने कहा, तीसरे कृषि रोडमैप में यह लक्ष्य निर्धारित किया गया था कि बिहार में जितना मछली उत्पादन की जरूरत है, वह पूरा कर लिया जायेगा। अब बिहार से भी मछली दूसरी जगहों पर भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मिथिलांचल, चंपारण और उसके बाद अब शाहाबाद में मछली पालन किए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमलोगों का उद्देश्य है कि पूरे बिहार में यह काम हो। अब तक तीन कृषि रोड मैप का काम पूरा हुआ है।

चौथे कृषि रोडमैप का काम शुरु होने वाला है। हर क्षेत्र में और क्या काम आगे होना चाहिए, उसी को ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है। इतना काम कर दिया जायेगा कि आगे और कुछ करने की जरुरत न हो।’’ बिहार में नीली क्रांति की शुरुआत पर पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जो-जो चीजें शुरू की गई हैं, उन्हीं को विभिन्न जगहों पर जाकर हमलोग देख रहे हैं। यहां भी हमने आकर देखा है, बहुत अच्छा काम हो रहा है।’’

मछली पालन के क्षेत्र में बिहार ग्रामीण आजीविका परियोजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी जीविका दीदियों की भागीदारी की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जीविका की दीदियों को जो जिम्मेदारी हमलोगों ने दी है उसको वे बेहतर तरीके से निभा रही हैं। सभी जीविका दीदियां काम में लग गई हैं तो कितना अच्छा लग रहा है। इससे उनकी आमदनी भी बढ़ी है।’’ भोजपुर जिला 1972 में अस्तित्व में आया। पहले यह जिला पुराने शाहाबाद जिले का हिस्सा था। 1972 में शाहाबाद जिले को भोजपुर और रोहतास नामक दो भागों में विभाजित किया गया था। बक्सर पुराने भोजपुर जिले का एक अनुमंडल था। 1992 में बक्सर एक अलग जिला बना। पूरे क्षेत्र को शाहाबाद कहा जाता है।

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