निजामुद्दीन मरकज: 541 विदेशी नागरिकों के खिलाफ आरोप पत्र दायर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मई 28, 2020   18:31
निजामुद्दीन मरकज: 541 विदेशी नागरिकों के खिलाफ आरोप पत्र दायर

पुलिस ने मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अर्चना बेनीवाल के समक्ष आरोप पत्र दायर किये, जिन्होंने आरोप पत्र पर विचार की तारीख 25 जून तय की। बृहस्पतिवार को मलेशिया के 42, किर्गिस्तान के 85 और इंडोनेशिया के 414 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किए गए हैं।

नयी दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने बृहस्पतिवार को यहां एक अदालत में कोविड-19 वैश्विक महामारी के बीच वीजा शर्तों का उल्लंघन कर निजामुद्दीन में एक धार्मिक आयोजन में भाग लेने और धर्म प्रचार गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में तीन देशों के 541 विदेशी नागरिकों के खिलाफ 12 अलग-अलग आरोप पत्र दायर किये। पुलिस ने मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अर्चना बेनीवाल के समक्ष आरोप पत्र दायर किये, जिन्होंने आरोप पत्र पर विचार की तारीख 25 जून तय की। बृहस्पतिवार को मलेशिया के 42, किर्गिस्तान के 85 और इंडोनेशिया के 414 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किए गए हैं। 

इसे भी पढ़ें: भारत में 30 समूह कोरोना वायरस का टीका बनाने की कोशिश में लगे हैं : पीएसए राघवन

आरोप पत्र के अनुसार, सभी विदेशी नागरिकों पर वीजा नियमों का उल्लंघन करने, कोविड-19 महामारी के मद्देनजर जारी सरकारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने और महामारी संबंधी अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा के उल्लंघन के लिये मामला दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 269, 270, 271 तथा विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी के निजामुद्दीन इलाके में मार्च में तबलीगी जमात ने एक बड़े धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जो बाद में देश में कोरोना वायरस का केंद्र बनकर उभरा था। इस सिलसिले में अबतक कुल 915 विदेशी नागरिकों के खिलाफ 47 आरोप पत्र दायर किये जा चुके हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।