सेना के नाम पर कोई वोट नहीं मांगता, सेना के शौर्य की बात सभी जगह होती है: सिंह

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Apr 25 2019 10:24AM
सेना के नाम पर कोई वोट नहीं मांगता, सेना के शौर्य की बात सभी जगह होती है: सिंह
Image Source: Google

एक प्रश्न के जवाब में सिंह ने भारत की विदेश नीति एवं कूटनीति के बारे में कहा कि पहले कठिन समय में भारत विकसित देशों से मदद की गुहार किया करता था

उदयपुर। विदेश राज्य मंत्री वी के सिंह ने कांग्रेस के सेना के नाम पर वोट मांगने के आरोपों पर कहा है कि सेना के नाम पर कोई वोट नहीं मांगता, सेना के शौर्य की बात सभी जगह होती है। सिंह ने यहां पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि क्या 1965 और 1971 के बाद चुनाव में सेना के शौर्य की बात नहीं हुई थी। इस बार चुनाव में भाजपा के लिए विकास अहम मुद्दा है। उन्होंने कहा कि इस बार देश की जनता ने तय किया है कि देश में सरकार ऐसी होनी चाहिए जो देश को तरक्की की राह पर ले जाए।
भाजपा को जिताए
 
 


उन्होंने कहा कि यह चुनाव पुन: उस सारथी को वापस रथ पर बैठाने का चुनाव है ताकि वह देश को विकास की राह पर आगे ले जा सके। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव में राष्ट्रवाद पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि राष्ट्रवाद 1952 से चुनाव में मुद्दा रहा है। एक प्रश्न के जवाब में सिंह ने भारत की विदेश नीति एवं कूटनीति के बारे में कहा कि पहले कठिन समय में भारत विकसित देशों से मदद की गुहार किया करता था, लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सफल विदेश नीति के कारण विकसित देश भी हमको कहते हैं कि आप हमारे नागरिकों को आप बचाएं।
सिंह ने कांग्रेस की न्याय योजना के बारे में कहा कि जो लोग आज न्याय की बात कर रहे हैं वे वही हैं जिन्होंने गरीबी को 30 रुपये में तोला था।  सर्जिकल स्ट्राइक के सवाल पर उन्होंने कहा कि फौजी कुछ करता है तो वह उसे बयां नहीं करता। लेकिन इस तरह की कार्यवाही में जब सरकार सेना के साथ खड़ी होती तब सेना का मनोबल और मजबूत हो जाता है।


 
चीन के साथ भारत के संबधों पर उन्होंने कहा कि पड़ोसियों से सम्बंध अच्छे होने पर विकास बढ़ता है, यही कारण था कि 2014 में पाकिस्तान सहित सभी पड़ोसियों को न्योता दिया गया। चीन से हम नागरिक, व्यापार और निवेश के संबधों को अच्छा करना चाहते हैं। चीन पाकिस्तान से दोस्ती छोड़ेगा या नहीं, यह उसका निर्णय है, लेकिन हमारा पड़ोसी होने के नाते उससे सम्बंध अच्छे हों, यह हमारी विदेश नीति है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ तब तक वार्ता नहीं हो सकती जब तक कि वह माहौल नहीं सुधारता। जब तक आतंक उसकी धरती पर पनप रहा है, तब तक बात नहीं की जा सकती। 

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप