दिल्ली एनसीआर में अब नहीं जल सकेगा कोयला, उपयोग पर लगी रोक, उल्लंघन करने पर भरना पड़ेगा जुर्माना

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दिल्ली एनसीआर में अब कोयले का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। केंद्र सरकार के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने इस संबंध में फैसला किया है। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने के उद्देश्य से ये फैसला किया गया है।

दिल्ली एनसीआर में अब कोयले के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। दिल्ली में अब कोयले के अलावा अन्य ईंधनों का उपयोग करना भी प्रतिबंधित होगा। केंद्र सरकार के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने इस संबंध में फैसला किया है। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने के उद्देश्य से ये फैसला किया गया है। इन आदेशों का पालन ना करने वालों पर भी कड़ाई के साथ सख्ती की जाएगी।

 इस संबंध में आयोग के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि थर्मल पावर प्लांट में कम सल्फर कोयले का उपयोग किया जा सकता है। अगर किसी जगह पर आदेशों का पालन नहीं किया गया तो वहां भारी जुर्माना लगाया जाएगा। कोयले समेत गैर अनुमोदित ईंधन का उपयोग करने वाले उद्योगों को बंद करने के निर्देश दिए गए है।

 वाहनों के प्रदूषण को कम करने के लिए भी उपाय
केंद्र सरकार ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए भी खास तैयारी की है। केंद्र के वायु गुणवत्ता पैनल ने निर्देश दिया है कि एक जनवरी तक सीएनजी और इल्क्ट्रिक ऑटो पंजीकृत करना होगा। एनसीआर में भी डीजल वाहनों का रजिस्ट्रेशन करना होगा। बता दें कि आने वाले वर्षों में एनसीआर में सिर्फ सीएनजी और ई ऑटो चलाए जाने की योजना है। आयोग के अनुसार वर्ष 2027, एक जनवरी तक इस योजना को पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा।

 लागू हो चुके हैं निर्देश
बता दें कि एक जनवरी 2023 से पूरी दिल्ली एनसीआर में औद्योगिक, घरेलू और अन्य अनुप्रयोगों में कोयले के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश आयोग ने जून महीने में ही लागू कर दिए थे। रिपोर्ट के आधार पर जून में आए निर्देशों के बाद से उद्योंगों को स्वच्छ ईंधन से चलाने के लिए कंपनियों को काफी समय मिला है।

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