एनएसयूआई ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का अपने घरों में जलाई फोटो और फूंका पुतला

एनएसयूआई ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का अपने घरों में जलाई फोटो और फूंका पुतला

छात्रों की मांग है कि उनकी सुरक्षा को देखते हुए उन्हें जनरल प्रमोशन दिया जाए। इस विरोध में वह छात्र भी सम्मिलित हुए जिनसे निजी महाविद्यालयों के द्वारा कोरोना काल में आर्थिक संकट होने के बावजूद मनमानी फीस और पैनल्टी वसूल की जा रही है।

इंदौर। मध्य प्रदेश में महाविद्यालीन विद्यार्थीयों ने जर्नल प्रमोशन को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का फोटो और पुतला फूंका। शनिवार को छात्रों ने एनएसयूआई के आव्हान पर विद्यार्थीयों ने अपने-अपने घरों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का फोटो जलाकर और पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों की मांग है कि उनकी सुरक्षा को देखते हुए उन्हें जनरल प्रमोशन दिया जाए। इस विरोध में वह छात्र भी सम्मिलित हुए जिनसे निजी महाविद्यालयों के द्वारा कोरोना काल में आर्थिक संकट होने के बावजूद मनमानी फीस और पैनल्टी वसूल की जा रही है।  

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एनएसयूआई के विश्वविद्यालय प्रभारी विकास नंदवाना ने बताया कि मुख्यमंत्री छात्रों द्वारा कोरोना संक्रमण फैलने की चिंता में जनरल प्रमोशन की मांग करने पर भी उसे राजनीतिक रंग देकर अपनी हठधर्मिता के चलते बगैर संसाधनों के असुरक्षित परीक्षाएं कराने को आतुर है। नंदवाना ने बताया कि, प्रदेश के निजी महाविद्यालय कोरोना संकट के दौरान भी छात्रों की फीस जमा होने के बावजूद मनमानी फीस वसूल रहे हैं और कई छात्रों से विलंब शुल्क के नाम पर भारी भरकम पेनल्टी भी वसूली जा रही। इन निजी महाविद्यालयों की मनमानी मुख्यमंत्री महोदय को बताने के बावजूद उनके द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। 

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वही एनएसयूआई ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के द्वारा छात्रों को प्रताड़ित करने के उद्देश्य से छात्रों की स्कॉलरशिप भी जमा नहीं की जा रही है, जिससे महाविद्यालय जबरदस्ती छात्रों पर फीस जमा कराने का दबाव बना रहे हैं। कोरोना काल में छात्रों की आवाज उठाने के लिए छात्र संगठनों द्वारा प्रदर्शन नहीं किए जाने का फायदा उठाकर निजी महाविद्यालय छात्रों द्वारा विरोध करने पर उनके विरुद्ध झूठी शिकायतें देकर छात्रों पर फीस जमा करने को लेकर अवांछित दबाव भी बना रहे हैं। 

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भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के नगर अध्यक्ष अमित पटेल ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी है कि, एनएसयूआई द्वारा कोरोना काल की गंभीरता को देखते हुए किसी प्रकार का प्रदर्शन छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ नहीं किया जा रहा है। लेकिन प्रदेश सरकार इसका नाजायज फायदा उठाएगी तो छात्र आंदोलन करने पर भी मजबूर हो सकते हैं।  फिलहाल एनएसयूआई के द्वारा पुतला दहन करते हुए सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।





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