फरीदाबाद नगर निगम में 200 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में चार अधिकारी गिरफ्तार

Faridabad
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सतर्कता विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि विशाल कौशिक को यमुनानगर से पकड़ा गया जबकि बाकी तीन आरोपियों की गिरफ्तारी फरीदाबाद के अलग-अलग स्थानों से की गई। उन्होंने बताया कि चारों आरोपियों को बृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें एक दिन के लिए सतर्कता विभाग की हिरासत में भेज दिया गया।

फरीदाबाद (हरियाणा), 5 अगस्त। सतर्कता ब्यूरो ने फरीदाबाद नगर निगम में कथित तौर पर 200 करोड़ रुपये के हुए घोटाले के सिलसिले में नगर निकाय के लेखा-परीक्षण और लेखा शाखा के चार अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मामले में बुधवार देर रातलेखा परीक्षण (आडिट) शाखा के संयुक्त निदेशक दीपक थापर, वरिष्ठ लेखा अधिकारी विशाल कौशिक, वित्त नियंत्रक सतीश कुमार और वरिष्ठ लेखा अधिकारी हरगुलाल फागना को गिरफ्तार किया गया।

सतर्कता विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि विशाल कौशिक को यमुनानगर से पकड़ा गया जबकि बाकी तीन आरोपियों की गिरफ्तारी फरीदाबाद के अलग-अलग स्थानों से की गई। उन्होंने बताया कि चारों आरोपियों को बृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें एक दिन के लिए सतर्कता विभाग की हिरासत में भेज दिया गया। सतर्कता विभाग के सूत्रों ने बताया कि घोटाले के दौरान सभी आरोपित लेखा-परीक्षण और लेखा विभाग में अहम पदों पर तैनात थे।

इस मामले में ठेकेदार सतबीर, निलंबित मुख्य अभियंता दौलतराम भास्कर और रमन शर्मा व कनिष्ठ अभियंता दीपक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, उन्हें अदालत से जमानत मिल चुकी है। इस घोटाले का खुलासा मई 2020 में तब हुआ जब नगर निगम के चार पार्षदों ने आरोप लगाया कि लेखा विभाग ने एक ठेकेदार की कई कंपनियों को बिना काम किए भुगतान कर दिया है। निगम आयुक्त ने शिकायत की अपने स्तर पर जांच कराई और अनियमितताएं पाए जाने पर सतर्कता ब्यूरो से जांच की सिफारिश की। वर्ष 2020से ही सतर्कता ब्यूरो इस मामले की जांच कर रही है।

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